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रेखाएँ और कोण, त्रिभुजों की सर्वांगसमता, त्रिकोणमितीय अनुपात, ऊँचाई और दूरी MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए रेखाएँ और कोण, त्रिभुजों की सर्वांगसमता, त्रिकोणमितीय अनुपात, ऊँचाई और दूरी के 15 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1एक व्यक्ति जमीन से 1.5 मीटर ऊँचे नेत्र-स्तर से मीनार का शीर्ष देखता है। प्रेक्षण बिंदु मीनार के आधार से 20 मीटर दूर है और उन्नयन कोण 30° है। मीनार की कुल ऊँचाई कितनी है?

A 20/√3 मीटर
B 20√3 मीटर
C 1.5 + 20√3/3 मीटर
D 18.5/√3 मीटर
व्याख्या

समकोण त्रिभुज जमीन से नहीं, प्रेक्षक के नेत्र-स्तर से बनता है। क्षैतिज दूरी 20 मीटर है और उन्नयन कोण 30° है। यदि नेत्र-स्तर से मीनार के शीर्ष तक ऊर्ध्व अंतर h है, तो 30° का टैन = h/20। क्योंकि 30° का टैन 1/√3 है, इसलिए h = 20/√3 = 20√3/3 मीटर। मीनार की कुल ऊँचाई में 1.5 मीटर नेत्र-स्तर भी जुड़ेगा, इसलिए पूरी ऊँचाई 1.5 + 20√3/3 मीटर है।

प्र.2त्रिभुजों की सर्वांगसमता के बारे में कौन-सा कथन सही है?

A AAA मान्य सर्वांगसमता कसौटी है, क्योंकि सभी कोण बराबर होते हैं।
B SSS, SAS, ASA/AAS और RHS CET स्तर पर मान्य सर्वांगसमता कसौटियाँ हैं।
C यदि 2 भुजाएँ बराबर हों, तो RHS किसी भी त्रिभुज में लगाया जा सकता है।
D SAS तब भी चलता है जब बराबर कोण 2 बराबर भुजाओं के बीच न हो।
व्याख्या

नोट सर्वांगसमता और समरूपता को अलग करता है। सर्वांगसम त्रिभुज आकार और वास्तविक माप दोनों में मेल खाते हैं, इसलिए कसौटी इतनी मजबूत होनी चाहिए कि संबंधित भुजाएँ और कोण तय हो जाएँ। CET स्तर पर SSS, SAS, ASA/AAS और RHS मान्य कसौटियाँ हैं। AAA आम जाल है, क्योंकि इससे आकार तो तय होता है पर वास्तविक माप नहीं; इसलिए वह समरूपता देता है, सर्वांगसमता नहीं। RHS भी केवल समकोण त्रिभुजों के लिए है और SAS में बीच का कोण जरूरी है।

प्र.3किसी समकोण त्रिभुज में कोण θ के लिए सामने वाली भुजा 5 सेमी और लगी हुई भुजा 12 सेमी है। त्रिकोणमितीय अनुपातों की कौन-सी जोड़ी सही है?

A साइन θ = 12/13 और टैन θ = 5/12
B साइन θ = 5/13 और टैन θ = 5/12
C साइन θ = 5/12 और टैन θ = 12/5
D साइन θ = 13/5 और टैन θ = 12/5
व्याख्या

समकोण त्रिभुज की छोटी भुजाएँ 5 सेमी और 12 सेमी हैं, इसलिए 5-12-13 त्रिभुज से कर्ण 13 सेमी होगा। चुने गए कोण के लिए साइन सामने वाली भुजा/कर्ण है, इसलिए साइन θ = 5/13। टैन सामने वाली भुजा/लगी हुई भुजा है, इसलिए टैन θ = 5/12। कर्ण कभी लगी हुई भुजा नहीं बनता, और बाकी 2 भुजाओं की भूमिका चुने गए कोण पर निर्भर करती है।

प्र.4किसी समकोण त्रिभुज में 1 न्यून कोण θ चुनने पर कौन-सा कथन गलत है?

A यदि θ बदल दिया जाए, तो कर्ण लगी हुई भुजा बन सकता है।
B साइन θ = सामने वाली भुजा/कर्ण होता है।
C टैन θ = सामने वाली भुजा/लगी हुई भुजा होता है।
D यदि θ एक न्यून कोण से दूसरे न्यून कोण पर बदल जाए, तो दोनों छोटी भुजाओं की सामने वाली और लगी हुई भूमिकाएँ बदल जाती हैं।
व्याख्या

कर्ण हमेशा समकोण के सामने वाली और समकोण त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा होती है। वह कभी लगी हुई भुजा नहीं बनती। चुने गए न्यून कोण के बदलने से केवल 2 छोटी भुजाओं की भूमिका बदलती है: 1 भुजा उस कोण के सामने वाली और दूसरी उससे लगी हुई बनती है। चुने गए कोण के लिए मूल अनुपात वही रहते हैं: साइन में सामने वाली भुजा और कर्ण, कोस में लगी हुई भुजा और कर्ण, और टैन में सामने वाली तथा लगी हुई भुजा आती है।

प्र.5n भुजाओं वाली सरल रेखीय आकृति का आंतरिक कोण-योग (n - 2) × 180° है। षट्भुज का आंतरिक कोण-योग कितना होगा?

A 540°
B 600°
C 720°
D 1080°
व्याख्या

षट्भुज में 6 भुजाएँ होती हैं, इसलिए नोट में दिए गए सरल रेखीय आकृति के सूत्र में n = 6 रखें। आंतरिक कोण-योग (6 - 2) × 180° = 4 × 180° = 720° होगा। n - 2 आने का कारण यह है कि 1 शीर्ष से विकर्ण खींचकर बहुभुज को त्रिभुजों में बांटा जा सकता है। CET में मुख्य जाल यह है कि भुजाओं की संख्या को सीधे 180° से गुणा कर दिया जाए, जिससे कोण-योग अधिक आ जाता है।

आपने 15 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

रेखाएँ और कोण, त्रिभुजों की सर्वांगसमता, त्रिकोणमितीय अनुपात, ऊँचाई और दूरी पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।

और प्रश्न

6किसी बिंदु के चारों ओर बने 4 कोण 70°, 95°, 110° और x° हैं। x कितना होगा?

A75°
B85°
C95°
D180°

7कथन: यदि 2 त्रिभुजों के तीनों संबंधित कोण बराबर हैं, तो वे अवश्य सर्वांगसम होंगे। कारण: संबंधित कोण बराबर होने से आकार समान मिलता है, पर वास्तविक भुजाओं की लंबाई फिर भी अलग हो सकती है।

Aकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
Bकथन और कारण दोनों सही हैं, पर कारण कथन की व्याख्या नहीं करता।
Cकथन सही है, पर कारण गलत है।
Dकथन गलत है, पर कारण सही है।

8एक विद्यार्थी जमीन से 1.5 मीटर ऊँचे नेत्र-स्तर से मीनार का शीर्ष देखता है। मीनार के आधार से क्षैतिज दूरी 15√3 मीटर है और उन्नयन कोण 30° है। मीनार की ऊँचाई क्या है?

A15 मीटर
B15√3 मीटर
C13.5 मीटर
D16.5 मीटर

9किसी बिंदु पर बिना खाली जगह के 4 कोण x°, 2x°, 3x° और 4x° हैं। x का मान क्या है?

A36°
B18°
C45°
D72°

10कोण की स्थिति को सही नियम से मिलाइए। 1. किसी बिंदु के चारों ओर कोण 2. रैखिक युग्म 3. शीर्षाभिमुख कोण 4. समानांतर रेखाओं पर सह-अंतः कोण

A1-360°, 2-180°, 3-बराबर, 4-पूरक
B1-180°, 2-360°, 3-बराबर, 4-पूरक
C1-360°, 2-बराबर, 3-180°, 4-पूरक
D1-360°, 2-180°, 3-पूरक, 4-बराबर

11किसी बिंदु के चारों ओर बने 3 कोण 70°, 95° और 110° हैं। चौथा कोण कितना होगा?

A85°
B75°
C95°
D105°

12किसी समकोण त्रिभुज में कोण θ के लिए टैन θ = 3/4 है। साइन θ कितना होगा?

A4/5
B3/4
C5/3
D3/5

13किसी बंद सरल रेखीय आकृति के आंतरिक कोणों का योग 720° है। उसकी कितनी भुजाएँ होंगी?

A6
B5
C7
D8

14कथन: 30 मीटर ऊँची इमारत के ऊपर से जमीन के किसी बिंदु का अवनमन कोण 60° हो, तो उस बिंदु की क्षैतिज दूरी 10√3 मीटर होगी। कारण: अवनमन कोण को बराबर उन्नयन कोण माना जा सकता है और टैन 60° = √3 होता है।

Aकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
Bकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की व्याख्या नहीं करता।
Cकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Dकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

15शर्त को सही निष्कर्ष से मिलाइए। 1. SSS 2. AAA 3. RHS 4. SAS P. केवल समकोण त्रिभुजों के लिए मान्य Q. सर्वांगसमता नहीं, केवल समरूपता देता है R. तीनों संबंधित भुजाएँ बराबर हैं S. 2 भुजाएँ और उनके बीच का कोण बराबर है

A1-Q, 2-R, 3-P, 4-S
B1-R, 2-Q, 3-S, 4-P
C1-S, 2-Q, 3-P, 4-R
D1-R, 2-Q, 3-P, 4-S

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