MCQ
विसर्ग-सन्धि और सन्धि-विच्छेद MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए विसर्ग-सन्धि और सन्धि-विच्छेद के 15 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1निम्नलिखित में से किस विकल्प में विसर्ग-सन्धि का सही रूप दिया गया है?
विसर्ग-सन्धि में जब अः के बाद र आता है, तो सामान्य रूप से विसर्ग लुप्त होकर पहले पद के अ में ओ का रूप बनता है। इसी कारण मनः + रथ का रूप मनोरथ होता है। केवल विसर्ग हटाकर मनरथ लिखना अधूरा विच्छेद है, और श् जोड़ना भी गलत है क्योंकि यहाँ अगला वर्ण श नहीं, र है। इसलिए सही सन्धि मनोरथ है।
प्र.2नीचे दिए गए अभिकथन और कारण पर विचार कीजिए। अभिकथन: ‘मनः + रथ’ की सन्धि से ‘मनोरथ’ शब्द बनता है। कारण: अकारान्त पद के बाद विसर्ग हो और उसके बाद घोष वर्ण आए, तो विसर्ग कई शब्दों में ‘ओ’ में बदल जाता है। सही विकल्प चुनिए।
‘मनः’ अकारान्त विसर्ग वाला पद है और उसके बाद ‘रथ’ का ‘र’ घोष वर्ण है। ऐसे कई रूपों में अंतिम विसर्ग ‘ओ’ में बदल जाता है, जैसे ‘मनः + रथ’ से ‘मनोरथ’ और ‘यशः + दा’ से ‘यशोदा’। इसलिए अभिकथन सही है। दिया गया कारण भी यही सामान्य नियम बताता है और उसी से ‘मनोरथ’ रूप समझ में आता है। इसीलिए दोनों कथन सही हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
प्र.3सूची-एक में दिए गए सन्धि-पदों को सूची-दो के सही विच्छेद से मिलाइए। सूची-एक क. निस्तेज ख. निष्कपट ग. निश्चय घ. दुःख सूची-दो म. निः + तेज य. निः + कपट र. निः + चय ल. दुः + ख
विसर्ग-सन्धि में अगले वर्ण के वर्ग को पहचानना सबसे ज़रूरी है। ‘निः + तेज’ में ‘त’ तवर्ग का है, इसलिए रूप ‘निस्तेज’ बनता है। ‘निः + कपट’ में ‘क’ कवर्ग का है, इसलिए ‘निष्कपट’ रूप आता है। ‘निः + चय’ में ‘च’ चवर्ग का है, इसलिए ‘निश्चय’ बनेगा। ‘दुः + ख’ में ‘ख’ के पहले विसर्ग बना रहता है और शब्द ‘दुःख’ होता है। इसलिए सही मिलान क-म, ख-य, ग-र, घ-ल है।
प्र.4सन्धि की दृष्टि से 'मनोहर' का सही विच्छेद चुनिए।
'मनोहर' में मूल रूप 'मनः + हर' है। विसर्ग से पहले 'अ' हो और आगे 'ह' जैसा घोष वर्ण आए, तो विसर्ग का रूप 'ओ' हो जाता है। इसी से 'मनः + हर' मिलकर 'मनोहर' बनता है। प्रश्न में 'मनो' को अलग शब्द समझ लेना सामान्य भूल है। यहाँ 'मन' के बाद सीधे 'ओहर' नहीं है, बल्कि 'मनः' का विसर्ग-सन्धि रूप है। इसलिए सही विच्छेद 'मनः + हर' है।
प्र.5निम्नलिखित में से किस शब्द का सन्धि-विच्छेद सही है?
विसर्ग-सन्धि में जब 'निः' या 'दुः' जैसे पदों के बाद क-वर्ग या प-वर्ग का वर्ण आता है, तो कई प्रचलित शब्दों में विसर्ग 'ष्' में बदलता है। इसलिए 'निः + कपट' से 'निष्कपट' बनता है। यहाँ संकेत 'कपट' के आरम्भिक 'क' में है। विकल्पों में कहीं मूल शब्द को तोड़ा गया है और कहीं 'स' का नियम लगा दिया गया है। सही विच्छेद वही है जिसमें 'निः' और 'कपट' दोनों सुरक्षित रहें।
आपने 15 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6निम्न में से किस विकल्प में विसर्ग-सन्धि का विच्छेद अशुद्ध है?
7सूची I में दिए गए शब्दों का सूची II में दिए गए सन्धि-विच्छेद से सही मिलान कीजिए। सूची I एक. निश्छल दो. तपोवन तीन. निस्संदेह सूची II क. निः + छल ख. तपः + वन ग. निः + संदेह
8नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए। कथन I: निः + संदेह का सन्धि-रूप निस्संदेह होता है। कथन II: विसर्ग के बाद स आने पर विसर्ग का स्-आदेश हो सकता है। सही विकल्प चुनिए।
9निम्नलिखित में विसर्ग-सन्धि का कौन-सा रूप अशुद्ध है?
10किस विकल्प में दिए गए शब्द का सन्धि-विच्छेद सही है?
11निम्नलिखित में से किस विकल्प में सन्धि-विच्छेद गलत है?
12‘निः + छल’ की सन्धि से बनने वाला सही शब्द कौन-सा है?
13सूची I को सूची II से मिलाइए। सूची I क. पुरः + हित ख. यशः + दा ग. निः + आशा घ. दुः + आत्मा सूची II एक. यशोदा दो. निराशा तीन. पुरोहित चार. दुरात्मा सही मिलान चुनिए।
14अभिकथन (A): 'नीरस' का सन्धि-विच्छेद 'निः + रस' है। कारण (R): 'र' से पहले आने पर विसर्ग का लोप हो जाता है और उससे पहले का 'इ' दीर्घ होकर 'ई' बन सकता है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
15निम्न में से किस विकल्प में विसर्ग-सन्धि का सही विच्छेद दिया गया है?
