MCQ
अर्द्धतत्सम शब्द MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए अर्द्धतत्सम शब्द के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द अर्द्धतत्सम शब्द का उदाहरण है?
अर्द्धतत्सम वे शब्द हैं जो संस्कृत से आए तो हैं, पर बोलचाल में उनका रूप थोड़ा बदल गया है। वे न तो धर्म जैसे बिल्कुल तत्सम रहते हैं और न आग जैसे पूरी तरह तद्भव बन जाते हैं। धर्म का बोलचाली रूप धरम इसी बीच की स्थिति दिखाता है। इसमें मूल संस्कृत शब्द की पहचान साफ रहती है, लेकिन उच्चारण में हल्का परिवर्तन आ गया है। इसलिए धरम अर्द्धतत्सम शब्द है।
प्र.2निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द अर्द्धतत्सम है?
अर्द्धतत्सम शब्द वे होते हैं जो संस्कृत के मूल शब्द से हिन्दी में आते समय थोड़ा बदल जाते हैं, पर इतने नहीं बदलते कि उन्हें पूरा तद्भव मान लिया जाए। 'अग्नि' मूल तत्सम रूप है। इसका बीच का बदला हुआ रूप 'अगिन' माना जाता है, इसलिए यह अर्द्धतत्सम है। 'आग' आगे चलकर बना तद्भव रूप है। 'अनल' अलग तत्सम पर्यायवाची है। इसलिए दिए गए विकल्पों में सही उत्तर 'अगिन' है।
प्र.3संस्कृत के अमृत शब्द का बोलचाली में बदला हुआ रूप अमरित मिलता है। शब्द-भेद की दृष्टि से अमरित को क्या कहा जाएगा?
अमरित में मूल संस्कृत शब्द अमृत की पहचान बनी रहती है, पर उच्चारण में परिवर्तन आ गया है। यही अर्द्धतत्सम की मुख्य पहचान है। यदि शब्द बिल्कुल अमृत रूप में ही रहता, तो वह तत्सम कहलाता। यदि परिवर्तन बहुत आगे जाकर नया रूप बना देता, तो तद्भव की ओर बात जाती। यहाँ केवल ध्वनि-सुविधा के कारण बीच में स्वर जुड़कर अमरित बना है, इसलिए यह अर्द्धतत्सम है।
प्र.4नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए। कथन एक: अर्द्धतत्सम शब्द में संस्कृत का मूल रूप थोड़ा बदलकर चलता है। कथन दो: 'काज' कार्य का अर्द्धतत्सम रूप है। कथन तीन: 'चूरन' चूर्ण का अर्द्धतत्सम रूप है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
पहला कथन नियम बताता है और सही है: अर्द्धतत्सम में संस्कृत का रूप ज्यों का त्यों नहीं रहता, उसमें हल्का बदलाव आता है। दूसरा कथन गलत है, क्योंकि कार्य का अर्द्धतत्सम रूप 'कारज' माना जाता है; 'काज' आगे का तद्भव रूप है। तीसरा कथन सही है, क्योंकि चूर्ण से चूरन में हल्का परिवर्तन है, इसलिए यह अर्द्धतत्सम है। इस तरह सही कथन केवल एक और तीन हैं।
प्र.5सूची एक को सूची दो से मिलाइए और सही विकल्प चुनिए। सूची एक एक. अग्नि दो. अक्षर तीन. वत्स चार. कार्य सूची दो क. कारज ख. अगिन ग. वच्छ घ. अच्छर
अर्द्धतत्सम मिलान में मूल तत्सम शब्द और उसके हल्के बदले हुए रूप को साथ रखना होता है। अग्नि का अर्द्धतत्सम रूप अगिन है, इसलिए एक-ख होगा। अक्षर का रूप अच्छर है, इसलिए दो-घ होगा। वत्स से वच्छ बनता है, इसलिए तीन-ग सही है। कार्य से कारज बनता है, इसलिए चार-क होगा। सही क्रम एक-ख, दो-घ, तीन-ग, चार-क है। बाकी विकल्पों में मूल शब्दों को दूसरे अर्द्धतत्सम रूपों से जोड़ दिया गया है।
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और प्रश्न
6निम्नलिखित में से कौन-सा तत्सम-अर्द्धतत्सम युग्म गलत है?
7निम्नलिखित में से किस युग्म में दिया गया दूसरा शब्द अर्द्धतत्सम नहीं है?
8सूची I में दिए गए संस्कृत-निष्ठ रूपों को सूची II के अर्द्धतत्सम रूपों से मिलाइए। सूची I 1. स्मरण 2. श्रृंगार 3. स्थान 4. गृह सूची II क. अस्थान ख. सुमिरन ग. गिरह घ. सिंगार
9नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए। कथन I: तत्सम शब्द संस्कृत से बिना विशेष रूप-परिवर्तन के हिंदी में आते हैं। कथन II: अर्द्धतत्सम शब्दों में मूल संस्कृत रूप की पहचान रहती है, पर बोलचाल में ध्वनि-परिवर्तन हो जाता है। कथन III: तद्भव शब्द हमेशा संस्कृत रूप के समान ही लिखे और बोले जाते हैं। सही विकल्प चुनिए।
10अभिकथन और कारण को पढ़िए और सही विकल्प चुनिए। अभिकथन: 'धीरज' अर्द्धतत्सम शब्द है। कारण: 'धैर्य' शब्द हिन्दी में हल्के ध्वनि-परिवर्तन के साथ 'धीरज' रूप में भी मिलता है।
