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तत्पुरुष समास: सामासिक पद और समास-विग्रह MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए तत्पुरुष समास: सामासिक पद और समास-विग्रह के 15 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए। कथन I: तत्पुरुष समास में सामान्यतः उत्तरपद प्रधान होता है। कथन II: तत्पुरुष समास का विग्रह करने पर कोई न कोई कारक-संबंध प्रकट होता है। कथन III: तत्पुरुष समास में दोनों पद हमेशा समान रूप से प्रधान होते हैं। सही विकल्प चुनिए।

A केवल कथन I और II सही हैं
B केवल कथन II और III सही हैं
C तीनों कथन सही हैं
D केवल कथन I और III सही हैं
व्याख्या

तत्पुरुष समास की बुनियादी पहचान दो बातों से होती है। पहली, इसमें सामान्यतः दूसरा पद प्रधान होता है; जैसे 'राजपुत्र' में मुख्य बात 'पुत्र' है। दूसरी, विग्रह करने पर बीच का कारक-संबंध सामने आता है, जैसे 'राजा का पुत्र'। इसलिए कथन I और II सही हैं। कथन III गलत है, क्योंकि दोनों पदों की समान प्रधानता द्वंद्व समास की विशेषता है, तत्पुरुष की नहीं। इसी आधार पर सही विकल्प 'केवल कथन I और II सही हैं' है।

प्र.2सूची एक के सामासिक पदों का सूची दो के समास-विग्रह से सही मिलान कीजिए। सूची एक क. स्वर्गप्राप्त ख. तुलसीकृत ग. रोगमुक्त घ. विद्यादान सूची दो एक. तुलसी द्वारा कृत दो. विद्या का दान तीन. स्वर्ग को प्राप्त चार. रोग से मुक्त

A क-तीन, ख-एक, ग-चार, घ-दो
B क-तीन, ख-चार, ग-एक, घ-दो
C क-दो, ख-एक, ग-चार, घ-तीन
D क-चार, ख-दो, ग-तीन, घ-एक
व्याख्या

तत्पुरुष समास में विग्रह करते समय छिपी हुई विभक्ति पहचाननी पड़ती है। ‘स्वर्गप्राप्त’ का अर्थ है ‘स्वर्ग को प्राप्त’, इसलिए द्वितीया का भाव है। ‘तुलसीकृत’ में ‘तुलसी द्वारा कृत’ आता है, इसलिए तृतीया का भाव है। ‘रोगमुक्त’ में ‘रोग से मुक्त’ होने का अर्थ है, जो पंचमी का संकेत देता है। ‘विद्यादान’ में ‘विद्या का दान’ संबंध बताता है, इसलिए षष्ठी का भाव है। इस क्रम से सही मिलान क-तीन, ख-एक, ग-चार, घ-दो बनता है।

प्र.3निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प नञ् तत्पुरुष समास का उदाहरण नहीं है?

A चरणकमल = कमल के समान चरण
B अनपढ़ = जो पढ़ा हुआ न हो
C अधर्म = धर्म का अभाव
D अमृत = जो मृत न हो
व्याख्या

नञ् तत्पुरुष में पहला पद नकार या अभाव का बोध कराता है, जैसे 'अ', 'अन' आदि से बना रूप। 'अधर्म' में धर्म का अभाव है, 'अनपढ़' में पढ़ा न होने का भाव है और 'अमृत' में मृत न होने का भाव है। 'चरणकमल' में ऐसा नकार नहीं है; यहां चरणों की तुलना कमल से की गई है। इसलिए यह नञ् तत्पुरुष नहीं, बल्कि उपमान-संबंध वाला सामासिक पद है। इसी कारण 'चरणकमल = कमल के समान चरण' सही उत्तर है।

प्र.4निम्नलिखित में से कौन-सा समास-विग्रह षष्ठी तत्पुरुष समास का सही उदाहरण है?

A नीलकमल = नीला है जो कमल
B त्रिलोकी = तीन लोक
C यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार
D राजपुत्र = राजा का पुत्र
व्याख्या

तत्पुरुष समास में सामान्यतः दूसरे पद की प्रधानता रहती है और विग्रह करने पर बीच का कारक-चिह्न प्रकट हो जाता है। षष्ठी तत्पुरुष में 'का, की, के' संबंध निकलता है। 'राजपुत्र' का विग्रह 'राजा का पुत्र' है, इसलिए इसमें षष्ठी कारक का लोप हुआ है। बाकी विकल्पों में अलग संबंध है: 'नीलकमल' में गुण बताया गया है, 'यथाशक्ति' अव्ययीभाव है और 'त्रिलोकी' संख्या-प्रधान अर्थ देता है। इसलिए सही उत्तर 'राजपुत्र = राजा का पुत्र' है।

प्र.5‘गृहस्थ’ शब्द में कौन-सा समास-विग्रह और तत्पुरुष-भेद सही है?

A गृह का स्वामी — षष्ठी तत्पुरुष
B गृह के लिए स्थित — चतुर्थी तत्पुरुष
C गृह में स्थित — सप्तमी तत्पुरुष
D गृह से स्थित — तृतीया तत्पुरुष
व्याख्या

सप्तमी तत्पुरुष में विग्रह करते समय ‘में’ या ‘पर’ जैसे अधिकरण-सूचक शब्द आते हैं। ‘गृहस्थ’ में ‘स्थ’ का संबंध ‘स्थित’ से है, इसलिए अर्थ बनता है — ‘गृह में स्थित’। यहाँ घर का मालिक होना मुख्य अर्थ नहीं है, इसलिए ‘गृह का स्वामी’ गलत दिशा में ले जाता है। इसी तरह ‘के लिए’ प्रयोजन बताता है और ‘से’ साधन या अलगाव का भाव देता है। पद में स्थान का संकेत है, इसलिए ‘गृह में स्थित — सप्तमी तत्पुरुष’ सही उत्तर है।

आपने 15 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6नीचे दिए गए विकल्पों में से वह सामासिक पद चुनिए जिसका सही समास-विग्रह “वन में वास” है।

Aवनवासी
Bवनवास
Cवनमाला
Dवनराज

7सूची एक के सामासिक पदों का सूची दो के समास-विग्रहों से सही मिलान कीजिए। सूची एक एक. देशभक्ति दो. ग्रामवासी तीन. राजमहल चार. पापमुक्त सूची दो अ. देश के प्रति भक्ति ब. ग्राम में वास करने वाला स. राजा का महल द. पाप से मुक्त

Aएक-ब, दो-अ, तीन-स, चार-द
Bएक-द, दो-ब, तीन-स, चार-अ
Cएक-अ, दो-ब, तीन-स, चार-द
Dएक-अ, दो-स, तीन-ब, चार-द

8निम्नलिखित में से किस विकल्प में ‘राजपुत्र’ का सही समास-विग्रह और भेद दिया गया है?

Aराजा और पुत्र — द्वंद्व समास
Bराजा के लिए पुत्र — चतुर्थी तत्पुरुष
Cराजा जैसा पुत्र — कर्मधारय समास
Dराजा का पुत्र — षष्ठी तत्पुरुष

9सूची I के सामासिक पदों को सूची II के सही समास-विग्रह से मिलाइए। सूची I 1. हस्तलिखित 2. ग्रामवासी 3. यज्ञशाला 4. गृहस्वामी सूची II क. हाथ से लिखा हुआ ख. ग्राम में वास करने वाला ग. यज्ञ के लिए शाला घ. गृह का स्वामी

A1-ख, 2-क, 3-ग, 4-घ
B1-क, 2-ग, 3-ख, 4-घ
C1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
D1-घ, 2-ख, 3-ग, 4-क

10“तुलसीकृत” का सही समास-विग्रह कौन-सा है?

Aतुलसी के लिए कृत
Bतुलसी का कृत
Cतुलसी में कृत
Dतुलसी के द्वारा कृत

11अभिकथन: ‘विद्यालय’ चतुर्थी तत्पुरुष समास का उदाहरण है। कारण: ‘विद्यालय’ का विग्रह ‘विद्या के लिए आलय’ किया जाता है, जिसमें प्रयोजन का भाव है।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, तथा कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है
Bअभिकथन गलत है, पर कारण सही है
Cअभिकथन सही है, पर कारण गलत है
Dअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता

12नीचे दिए गए समास-विग्रहों में से कौन-सा “राजपुत्र” के लिए अशुद्ध है?

Aराजा का पुत्र
Bराजा का बेटा
Cराजा और पुत्र
Dराजा का लड़का

13नीचे दिए गए युग्मों में कौन-सा युग्म गलत है?

Aग्रामगत — गाँव को गया हुआ
Bशोकाकुल — शोक से आकुल
Cधर्मविमुख — धर्म से विमुख
Dयथाशक्ति — शक्ति के अनुसार — तत्पुरुष

14अभिकथन (A): 'नभचर' तत्पुरुष समास का उदाहरण है। कारण (R): 'नभचर' का विग्रह 'नभ में चलने वाला' होता है, जिसमें अधिकरण कारक का संबंध छिपा है। सही विकल्प चुनिए।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है
Bअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है
Cअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता
Dअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है

15निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन एक: जिस तत्पुरुष समास में पहले पद से निषेध या अभाव का अर्थ निकलता है, उसे नञ् तत्पुरुष कहा जाता है। कथन दो: “अनपढ़” का विग्रह “न पढ़ा हुआ” है। सही विकल्प चुनिए।

Aकथन एक सही है, कथन दो गलत है
Bकथन एक गलत है, कथन दो सही है
Cदोनों कथन सही हैं, पर कथन दो कथन एक का उदाहरण नहीं है
Dदोनों कथन सही हैं और कथन दो, कथन एक का उदाहरण है

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