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MCQ

अव्यय के भेद MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए अव्यय के भेद के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए: कथन एक: 'तुम ही जाओ' में 'ही' निपात है, क्योंकि यह 'तुम' पर विशेष बल देता है। कथन दो: 'काश, मैं समय पर पहुँच जाता' में 'काश' इच्छा या खेद का भाव प्रकट करने वाला विस्मयादिबोधक अव्यय है। सही विकल्प चुनिए।

A दोनों कथन सही हैं।
B दोनों कथन गलत हैं।
C केवल कथन दो सही है।
D केवल कथन एक सही है।
व्याख्या

निपात ऐसे अव्यय हैं जो वाक्य में किसी पद पर बल, सीमा, स्वीकृति, निषेध या विशेष भाव जोड़ते हैं। 'तुम ही जाओ' में 'ही' का अर्थ है कि जाने का काम विशेष रूप से तुमसे जुड़ा है, इसलिए यह निपात है। दूसरी ओर 'काश' इच्छा, कामना या खेद का भाव व्यक्त करता है; इसलिए इसे विस्मयादिबोधक अव्यय में रखा जाता है। दोनों कथनों में अव्यय का वर्ग और कारण ठीक दिए गए हैं, इसलिए सही उत्तर 'दोनों कथन सही हैं' है।

प्र.2अभिकथन (A): अव्यय वाक्य में अर्थ की भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनका रूप लिंग, वचन या कारक के अनुसार नहीं बदलता। कारण (R): अव्यय का मूल लक्षण ही यह है कि वह व्याकरणिक परिवर्तन से सामान्यतः अप्रभावित रहता है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।

A अभिकथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
B अभिकथन गलत है, पर कारण सही है।
C अभिकथन सही है, पर कारण गलत है।
D अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता।
व्याख्या

अव्यय शब्द का मुख्य अर्थ ही है ऐसा पद जिसका रूप सामान्यतः नहीं बदलता। संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण में लिंग, वचन, कारक आदि के कारण रूप-परिवर्तन दिख सकता है, पर अव्यय में यह परिवर्तन नहीं होता। फिर भी अव्यय वाक्य में अर्थपूर्ण काम करते हैं; कोई क्रिया की रीति बताता है, कोई संबंध, कोई जोड़, कोई भाव और कोई बल। इसलिए अभिकथन सही है। कारण भी सही है और वही अभिकथन का नियम समझाता है।

प्र.3अभिकथन (A): अव्यय शब्द सामान्यतः लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार अपना रूप नहीं बदलते। कारण (R): अव्यय का काम वाक्य में भाव, सम्बन्ध, जोड़, उद्गार या क्रिया की विशेषता बताना होता है; वे संज्ञा की तरह रूप-परिवर्तन नहीं लेते। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।

A A सही है, पर R गलत है।
B A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
C A गलत है, पर R सही है।
D A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या

अव्यय की पहचान का सबसे पक्का नियम यही है कि उसका रूप सामान्यतः नहीं बदलता। 'वह जल्दी आया', 'वह जल्दी आई' और 'वे जल्दी आए' — तीनों में 'जल्दी' वैसा ही रहता है। इसी तरह 'ही', 'भी', 'और', 'अरे' जैसे अव्यय भी लिंग-वचन के अनुसार नहीं बदलते। कारण में बताया गया है कि ये संज्ञा की तरह रूप नहीं लेते, बल्कि वाक्य में भाव, सम्बन्ध, जोड़ या क्रिया की विशेषता बताते हैं। इसलिए अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन को ठीक से समझाता है।

प्र.4निम्नलिखित वाक्य में 'मेज के ऊपर' में आए अव्यय का मुख्य भेद क्या है? पुस्तक मेज के ऊपर रखी है।

A निपात
B सम्बन्धसूचक अव्यय
C समुच्चयबोधक अव्यय
D क्रियाविशेषण
व्याख्या

सम्बन्धसूचक अव्यय वे पद हैं जो संज्ञा या सर्वनाम के साथ लगकर उसके दूसरे पद से सम्बन्ध को दिखाते हैं। 'मेज के ऊपर' में 'के ऊपर' पुस्तक का मेज से स्थानगत सम्बन्ध बता रहा है। इसी कारण इसे सम्बन्धसूचक अव्यय माना जाएगा। कई विद्यार्थी 'ऊपर' देखकर तुरंत क्रियाविशेषण लिख देते हैं, पर यहाँ वह अकेले क्रिया को विशेषित नहीं कर रहा; वह 'मेज' के सहारे सम्बन्ध बना रहा है। इसलिए सही उत्तर सम्बन्धसूचक अव्यय है।

प्र.5निम्न में से सम्बन्धसूचक अव्यय का सही उदाहरण कौन-सा है?

A और राम
B घर के सामने
C बहुत तेज़
D वाह भाई
व्याख्या

सम्बन्धसूचक अव्यय संज्ञा या सर्वनाम के साथ आकर स्थान, दिशा, कारण, तुलना या अन्य संबंध बताते हैं। 'घर के सामने' में 'सामने' शब्द 'घर' के आधार पर स्थान-संबंध बता रहा है। इसलिए यह सम्बन्धसूचक अव्यय का साफ़ उदाहरण है। 'बहुत' परिमाण बताता है, 'और' जोड़ता है और 'वाह' भाव प्रकट करता है। इन तीनों में संज्ञा के साथ वैसा संबंध नहीं बन रहा जैसा सम्बन्धसूचक अव्यय में अपेक्षित है।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6समुच्चयबोधक अव्यय के संबंध में कौन-सा कथन अशुद्ध है?

Aये दो शब्दों, पदों या वाक्यों को जोड़ सकते हैं।
Bये केवल आश्चर्य, शोक या हर्ष का भाव प्रकट करते हैं।
C'और', 'परंतु', 'अथवा' इनके सामान्य उदाहरण हैं।
Dये अव्यय होने के कारण लिंग, वचन और कारक से रूप नहीं बदलते।

7सूची I के शब्दों का सूची II में दिए गए अव्यय-भेद से मिलान कीजिए। सूची I: (अ) वाह! (ब) भी (स) परंतु (द) सामने सूची II: (1) निपात (2) समुच्चयबोधक अव्यय (3) सम्बन्धसूचक अव्यय (4) विस्मयादिबोधक अव्यय सही मिलान कौन-सा है?

A(अ)-3, (ब)-1, (स)-2, (द)-4
B(अ)-4, (ब)-1, (स)-2, (द)-3
C(अ)-1, (ब)-4, (स)-2, (द)-3
D(अ)-4, (ब)-2, (स)-1, (द)-3

8वाक्य में दिए गए अव्यय का भेद पहचानिए: मोहन धीरे-धीरे चला।

Aविस्मयादिबोधक अव्यय
Bसमुच्चयबोधक अव्यय
Cरीतिवाचक क्रियाविशेषण
Dसम्बन्धसूचक अव्यय

9वाक्य में रेखांकित अव्यय का भेद पहचानिए: मोहन धीरे-धीरे सीढ़ियाँ चढ़ा। यहाँ 'धीरे-धीरे' किस प्रकार का अव्यय है?

Aसम्बन्धसूचक अव्यय
Bनिपात
Cसमुच्चयबोधक अव्यय
Dक्रियाविशेषण अव्यय

10निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द समुच्चयबोधक अव्यय नहीं है?

Aलेकिन
Bही
Cक्योंकि
Dऔर

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