MCQ
कर्मधारय समास MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए कर्मधारय समास के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1अभिकथन (A): यदि 'पीताम्बर' का अर्थ 'पीला वस्त्र' लिया जाए, तो यह कर्मधारय समास है। कारण (R): कर्मधारय समास में विशेषण और विशेष्य मिलकर उसी वस्तु का बोध कराते हैं।
समास पहचानते समय केवल शब्द-रूप नहीं, उसका आशय भी देखना पड़ता है। 'पीताम्बर' अगर 'पीला वस्त्र' के अर्थ में है, तो 'पीत' विशेषण है और 'अम्बर' विशेष्य है; दोनों मिलकर वस्त्र को ही बताते हैं। इसलिए यह कर्मधारय है। कारण भी यही नियम बताता है, इसलिए वह अभिकथन की सही व्याख्या करता है। लेकिन यही शब्द यदि किसी ऐसे व्यक्ति के लिए आए जिसका वस्त्र पीला है, तो अर्थ बहुव्रीहि की ओर जा सकता है।
प्र.2नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए। कथन I: कालीमिर्च में 'काली' पद 'मिर्च' की विशेषता बताता है, इसलिए यह कर्मधारय समास का उदाहरण है। कथन II: गोदान में 'गाय का दान' अर्थ आता है, इसलिए यह भी कर्मधारय समास है। सही उत्तर चुनिए।
कर्मधारय समास में पहले पद से दूसरे पद की विशेषता, रूप या तुलना स्पष्ट होती है और दोनों मिलकर एक ही वस्तु बताते हैं। 'कालीमिर्च' में मिर्च ही काली है; इसलिए पहला कथन सही है। दूसरी ओर 'गोदान' का विग्रह 'गाय का दान' है। इसमें दान और गाय के बीच संबंध है, लेकिन गाय दान की विशेषता नहीं बन रही। इसलिए यह कर्मधारय नहीं, तत्पुरुष के निकट उदाहरण है। अतः केवल पहला कथन सही है।
प्र.3नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए। कथन I: 'लालकिला' को 'लाल रंग का किला' मानने पर यह कर्मधारय समास है। कथन II: 'पंचवटी' को 'पाँच वटों का समूह' मानने पर यह कर्मधारय समास है। कथन III: 'चरणकमल' में 'कमल जैसे चरण' का भाव हो, तो यह उपमानवाची कर्मधारय है। सही कथन कौन-से हैं?
कर्मधारय में पहचान का मूल आधार यह है कि एक पद दूसरे की विशेषता या उपमा बताता है और समस्त पद उसी वस्तु को बताता है। 'लालकिला' में यदि अर्थ लाल रंग का किला है, तो यह विशेषण-विशेष्य संबंध है, इसलिए कथन I सही है। 'चरणकमल' में चरणों को कमल जैसा कहा गया है, इसलिए कथन III भी सही है। पर 'पंचवटी' में पाँच वटों का समूह अर्थ है; संख्या और समूह का योग द्विगु समास की पहचान है। अतः केवल I और III सही हैं।
प्र.4निम्न में से कौन-सा शब्द कर्मधारय समास का स्पष्ट उदाहरण है?
कर्मधारय समास में प्रायः पहला पद दूसरे पद की विशेषता बताता है और दोनों पद मिलकर उसी वस्तु का बोध कराते हैं। 'नीलकमल' का विग्रह है- नीला कमल। यहाँ 'नीला' विशेषण है और 'कमल' विशेष्य; दोनों मिलकर एक ही कमल को बता रहे हैं। इसी कारण यह कर्मधारय समास है। 'राजपुरुष' में संबंध 'राजा का पुरुष' है, 'माता-पिता' में दोनों पद बराबर हैं, और 'यथाशक्ति' अव्ययीभाव है।
प्र.5सूची I के समस्त पदों को सूची II में दिए गए सही विग्रह से मिलाइए। सूची I 1. मुखचंद्र 2. नीलकमल 3. करकमल 4. अधमपुरुष सूची II क. नीला कमल ख. अधम पुरुष ग. चंद्रमा जैसा मुख घ. कमल जैसे हाथ
कर्मधारय समास में कई बार सीधा विशेषण-विशेष्य संबंध मिलता है और कई बार उपमा का भाव आता है। 'नीलकमल' का विग्रह नीला कमल है और 'अधमपुरुष' का विग्रह अधम पुरुष। ये सीधे विशेषणपूर्वपद कर्मधारय हैं। 'मुखचंद्र' में मुख को चंद्रमा जैसा बताया गया है और 'करकमल' में हाथों को कमल जैसा कहा गया है। इसलिए सही मिलान 1-ग, 2-क, 3-घ, 4-ख है। ध्यान रखें, उपमा वाले उदाहरणों में भी दोनों पद उसी वस्तु का रूपकात्मक बोध कराते हैं।
आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6निम्नलिखित में किस शब्द का विग्रह कर्मधारय समास के नियम के अनुसार है?
7अभिकथन (A): करकमल को रूपक कर्मधारय समास का उदाहरण माना जा सकता है। कारण (R): ऐसे शब्द में उपमेय और उपमान को बहुत निकट मानकर विग्रह 'कर रूपी कमल' किया जाता है। सही विकल्प चुनिए।
8नीचे दिए गए शब्दों में से कौन-सा कर्मधारय समास नहीं है?
9कर्मधारय समास के बारे में कौनसा कथन गलत है?
10सूची I को सूची II से मिलाइए। सूची I पीतवस्त्र चंद्रमुख नरसिंह महानगर सूची II क. चंद्रमा के समान मुख ख. बड़ा नगर ग. पीला वस्त्र घ. सिंह के समान नर
