MCQ
संधि-विच्छेद MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए संधि-विच्छेद के 11 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1सूची I में दिए गए शब्दों का सूची II से सही सन्धि-विच्छेद मिलाइए। सूची I 1. दिग्गज 2. जगदीश 3. उल्लास 4. मनोहर सूची II क. मनः + हर ख. उत् + लास ग. जगत् + ईश घ. दिक् + गज
इस प्रश्न में अलग-अलग सन्धि-नियमों को पहचानकर मिलान करना है। 'दिग्गज' में 'दिक् + गज' है; 'क्' के बाद 'ग' आने पर 'ग्ग' रूप बनता है। 'जगदीश' में 'जगत् + ईश' है, जहाँ 'त्' का 'द्' हो जाता है। 'उल्लास' का विच्छेद 'उत् + लास' है; 'त्' के बाद 'ल' आने पर 'ल्' का प्रभाव दिखता है। 'मनोहर' में 'मनः + हर' से विसर्ग का 'ओ' रूप बनता है। इसलिए क्रम 1-घ, 2-ग, 3-ख, 4-क सही है।
प्र.2नीचे दिए गए युग्मों में कौन-सा सन्धि-विच्छेद अशुद्ध है?
वृद्धि सन्धि में 'अ' या 'आ' के बाद 'ए' या 'ऐ' आने पर 'ऐ' बनता है, और 'ओ' या 'औ' आने पर 'औ' बनता है। 'सदैव', 'तत्रैव' और 'महौषधि' में यही नियम सही ढंग से लागू है। 'लोकैषणा' में 'लोक' के बाद 'एषणा' है, 'ईषणा' नहीं। यदि 'लोक + ईषणा' होता तो 'अ + ई' से गुण सन्धि के अनुसार 'ए' बनता, 'ऐ' नहीं। इसलिए दिया गया विच्छेद अशुद्ध है।
प्र.3नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए। कथन एक: 'महोत्सव' का सन्धि-विच्छेद 'महा + उत्सव' है। कथन दो: 'आ' के बाद 'उ' आने पर गुण-सन्धि में 'ओ' बनता है। सही विकल्प चुनिए।
यह प्रश्न गुण-सन्धि की पहचान पर आधारित है। नियम यह है कि 'अ' या 'आ' के बाद 'उ' या 'ऊ' आए तो संयुक्त रूप में 'ओ' बनता है। 'महा + उत्सव' में पहले पद के अंत में 'आ' और दूसरे पद के आरंभ में 'उ' है। इन दोनों के मेल से 'ओ' बना और शब्द 'महोत्सव' हुआ। इसलिए कथन एक भी सही है और कथन दो भी सही है। कथन दो उसी नियम को बताता है जिससे कथन एक का विच्छेद सिद्ध होता है।
प्र.4निम्नलिखित में से किस शब्द का दिया गया सन्धि-विच्छेद अशुद्ध है?
प्रश्न अशुद्ध विच्छेद पूछ रहा है, इसलिए सही दिख रहे विकल्पों से भ्रम नहीं होना चाहिए। यण-सन्धि में 'इ' या 'ई' के बाद कोई असमान स्वर आए तो 'य' आदेश होता है। 'अत्याचार' का निर्माण 'अति + आचार' से माना जाता है, जहाँ 'इ + आ' के स्थान पर 'य' आया। विकल्प D में 'अत् + आचार' दिया है, जिसमें मूल 'अति' शब्द का 'इ' गायब कर दिया गया है। इसलिए यही अशुद्ध सन्धि-विच्छेद है।
प्र.5अभिकथन: 'निश्चय' का सन्धि-विच्छेद 'निः + चय' है। कारण: विसर्ग के बाद 'च' या 'छ' आने पर विसर्ग प्रायः 'श्' में बदल जाता है। सही विकल्प चुनिए।
विसर्ग सन्धि में विसर्ग अपने बाद आने वाली ध्वनि के अनुसार बदलता है। 'निः' के बाद यदि 'चय' जैसा शब्द आए, जिसकी शुरुआत 'च' से है, तो विसर्ग का रूप 'श्' हो जाता है। इसी से 'निः + चय' मिलकर 'निश्चय' बनता है। सन्धि-विच्छेद करते समय 'श्' को अलग मूल शब्द नहीं मानना चाहिए; वह विसर्ग का परिवर्तित रूप है। इसलिए अभिकथन भी सही है और कारण भी सही है। कारण अभिकथन में हुए परिवर्तन को ठीक-ठीक समझाता है।
आपने 11 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6‘सूक्ति’ शब्द का संधि-विच्छेद कीजिए।
7'सदैव' शब्द का सही सन्धि-विच्छेद पहचानिए।
8कथन एक: 'विद्यालय' का सन्धि-विच्छेद 'विद्या + आलय' है। कथन दो: समान स्वर 'आ' और 'आ' के मिलने पर दीर्घ सन्धि से 'आ' ही रहता है। उपर्युक्त कथनों के आधार पर सही विकल्प चुनिए।
9निम्नलिखित में 'लोकोपकार' का सही सन्धि-विच्छेद पहचानिए।
10सन्धि-विच्छेद की दृष्टि से 'अत्युत्तम' का सही रूप कौन-सा है?
11निम्नलिखित में से 'गुरूपदेश' का सही सन्धि-विच्छेद कौन-सा है?
