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कार्यालयी हिंदी: पारिभाषिक शब्दावली, प्रारूपण और पत्र-लेखन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए कार्यालयी हिंदी: पारिभाषिक शब्दावली, प्रारूपण और पत्र-लेखन के 20 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1औपचारिक कार्यालयी पत्र के लिए कौन-सी विषय-पंक्ति नियम के अनुसार सबसे उपयुक्त है?

A प्रमाणपत्र की प्रविष्टि में सुधार
B समस्या
C मेरी समस्या देखकर जल्द से जल्द मदद करने के लिए विनम्र निवेदन
D कार्यालयी विषय के संबंध में
व्याख्या

विषय-पंक्ति संक्षिप्त पर पूरी होनी चाहिए। वह पूरा अनुच्छेद नहीं बननी चाहिए और केवल अस्पष्ट शब्द भी नहीं होना चाहिए। प्रमाणपत्र की प्रविष्टि में सुधार छोटा, साफ और पर्याप्त रूप से विशिष्ट विषय है; पाठक तुरंत समझ जाता है कि पत्र किस बारे में है। समस्या बहुत अस्पष्ट है। लंबा विनम्र निवेदन विषय-पंक्ति को भावुक बना देता है। कार्यालयी विषय के संबंध में औपचारिक तो लगता है, पर असल मुद्दा नहीं बताता।

प्र.2कौन-सा युग्म कार्यालयी दस्तावेज के प्रकार और उसके सामान्य प्रयोजन का सही मिलान करता है?

A सूचना - किसी व्यक्ति का निजी निवेदन
B परिपत्र - कई कार्यालयों या व्यक्तियों को भेजा गया समान निर्देश
C आदेश - केवल निर्णय में सहायता के लिए तैयार आंतरिक टिप्पणी
D ज्ञापन - औपचारिक पत्र की साहित्यिक भूमिका
व्याख्या

कार्यालयी दस्तावेजों की श्रेणियाँ अलग रखने पर जोर है, क्योंकि दस्तावेज का प्रकार ही स्वर, ढाँचा और अधिकार तय करता है। परिपत्र कई कार्यालयों या व्यक्तियों को नीति, स्मरण, प्रक्रिया या समान निर्देश भेजने के लिए होता है। सूचना जानकारी देती है, आदेश प्राधिकार के साथ निर्णय या निर्देश देता है और ज्ञापन कार्यालयी विषय को दर्ज या संप्रेषित करता है। इसलिए परिपत्र और व्यापक रूप से भेजे गए समान निर्देश का युग्म सही है।

प्र.3अभिकथन (A): टिप्पणी या कार्यालयी नोट निर्णय में सहायता देने वाला आंतरिक लेखन है। कारण (R): इसमें पृष्ठभूमि, नियम, तथ्य, विकल्प और सुझाव रखे जाते हैं ताकि अधिकारी निर्णय ले सके।

A A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
B A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता।
C A सही है, पर R गलत है।
D A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या

मसौदे और टिप्पणी या कार्यालयी नोट में साफ अंतर बताया जाता है। मसौदा वह प्रस्तावित पाठ है जो आगे पत्र, आदेश, अधिसूचना या सूचना के रूप में जारी हो सकता है। टिप्पणी या नोट आंतरिक रहता है और निर्णय में सहायता करता है। इसमें पृष्ठभूमि, संबंधित नियम या पूर्व निर्णय, तथ्य, विकल्प, विश्लेषण और स्पष्ट सुझाव दिए जाते हैं। यही बातें अधिकारी को निर्णय लेने में मदद करती हैं, इसलिए कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

प्र.4कार्यालयी लेखन के बारे में दो कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: मसौदा वह प्रस्तावित पाठ है जिसे अंतिम रूप देकर पत्र, आदेश, अधिसूचना या सूचना के रूप में जारी किया जा सकता है। कथन 2: टिप्पणी या कार्यालयी नोट आंतरिक लेखन है, जिसमें अधिकारी के निर्णय में सहायता के लिए पृष्ठभूमि, नियम, तथ्य, विकल्प और सुझाव रखे जाते हैं। इनमें से कौन-सा निष्कर्ष सही है?

A केवल कथन 1 सही है।
B केवल कथन 2 सही है।
C दोनों कथन सही हैं।
D दोनों कथन गलत हैं।
व्याख्या

मसौदे और टिप्पणी या कार्यालयी नोट में साफ अंतर किया जाता है। मसौदा वह प्रस्तावित भाषा है जो अंतिम रूप मिलने पर पत्र, आदेश, अधिसूचना या सूचना बन सकती है। टिप्पणी अंतिम बाहरी संप्रेषण नहीं होती; वह आंतरिक लेखन है जिसमें अधिकारी के निर्णय के लिए पृष्ठभूमि, नियम, तथ्य, विकल्प और सुझाव रखे जाते हैं। इसलिए दोनों कथन इन भूमिकाओं को ठीक बताते हैं और दोनों सही हैं।

प्र.5कार्यालयी पारिभाषिक शब्दों के प्रयोग के बारे में कौन-सा कथन गलत है?

A शब्द सटीक, स्थिर और संदर्भ के अनुकूल होना चाहिए।
B एक ही दस्तावेज में एक ही आशय के लिए दो अलग शब्दों से बचना चाहिए, जब तक अर्थ न बदल रहा हो।
C शब्द का चुनाव अंग्रेज़ी शब्द की ध्वनि देखकर करना चाहिए, उसके काम को देखकर नहीं।
D अभिलेखों में पंजीकरण दर्ज करने की क्रिया के लिए आता है।
व्याख्या

पारिभाषिक शब्दों का नियम यह है कि शब्द के काम को समझकर अनुवाद किया जाए, ध्वनि देखकर नहीं। इसी कारण एक ही अंग्रेज़ी शब्द अलग संदर्भों में अलग अर्थ ले सकता है; जैसे लेखा में स्वीकृति और दंड के संदर्भ में दंडात्मक अर्थ। अच्छा शब्द सटीक, स्थिर और संदर्भानुकूल होता है। अंग्रेज़ी शब्द की ध्वनि देखकर शब्द चुनने वाला कथन इसी नियम को उलट देता है, इसलिए वह गलत है।

आपने 20 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6औपचारिक कार्यालयी पत्रों के बारे में कथनों को पढ़िए। कथन 1: विषय-पंक्ति में मुद्दा एक स्पष्ट वाक्यांश में आना चाहिए; वह पूरा अनुच्छेद या अस्पष्ट शीर्षक नहीं बननी चाहिए। कथन 2: मुख्य भाग भावुक पृष्ठभूमि से शुरू होना चाहिए, ताकि निवेदन अधिक आदरपूर्ण लगे। कथन 3: संस्थागत पत्राचार में व्यक्ति के नाम से अधिक पदनाम का महत्व अक्सर अधिक होता है। कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल कथन 1 और 2
Bकेवल कथन 2 और 3
Cकेवल कथन 1 और 3
Dकथन 1, 2 और 3

7कथन 1: कार्यालयी प्रारूपण में भारी शब्दावली चुनने से पहले उद्देश्य तय करना चाहिए। कथन 2: उपयोगी क्रम है: उद्देश्य, प्राप्तकर्ता, तथ्य, निर्णय या अनुरोध, अपेक्षित कार्रवाई और जरूरत हो तो संलग्नक या प्रतिलिपि सूचना। नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर चुनिए।

Aकथन 1 सही है, पर कथन 2 गलत है।
Bकथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं।
Cकथन 1 गलत है, पर कथन 2 सही है।
Dकथन 1 और कथन 2 दोनों गलत हैं।

8किस प्रारूपण पद्धति में कार्यालयी पाठ तैयार करने के लिए नियम सबसे ठीक पालन होता है?

Aपहले प्रभावशाली शब्दावली लिखना, फिर बाद में उद्देश्य तय करना।
Bविषय पंक्ति से पहले लंबी भावुक भूमिका लिखना।
Cआवेदन, सूचना, आदेश और परिपत्र में एक ही स्वर रखना।
Dलिखने से पहले प्रेषक, प्राप्तकर्ता, विषय, तथ्य, अपेक्षित कार्रवाई, संलग्नक और समय-सीमा पहचानना।

9अभिकथन: कार्यालयी हिंदी तब सफल होती है जब पाठक पहली पढ़ाई में मुद्दा, अधिकार, तथ्य और अगली कार्रवाई समझ सके। कारण: कार्यालयी हिंदी मुख्यतः साहित्यिक रूप है, जिसका उद्देश्य भारी शब्दावली से सजावटी प्रभाव पैदा करना है। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Cअभिकथन सही है, पर कारण गलत है।
Dअभिकथन गलत है, पर कारण सही है।

10कार्यालयी हिंदी की पारिभाषिक शब्दावली में कौन-सा युग्म केवल औपचारिक ध्वनि से नहीं, बल्कि कार्यालयी कार्य के आधार पर सही मेल खाता है?

Aआदेश - निवेदन
Bप्रतिलिपि - प्रति
Cसंलग्नक - परिपत्र
Dप्रारूप - प्रमाण-पत्र

11औपचारिक पत्र के अंग को उसके काम से मिलाइए। सूची I: 1. विषय पंक्ति 2. संलग्नक टिप्पणी 3. हस्ताक्षर-खंड 4. मुख्य भाग सूची II: क. संलग्न दस्तावेज, यदि हों, दिखाता है ख. संदर्भ, तथ्य, निवेदन या निर्देश बताता है ग. विषय को संक्षेप में पहचान देता है घ. जहाँ आवश्यक हो, नाम और पदनाम देता है

A1-क, 2-ग, 3-ख, 4-घ
B1-ख, 2-घ, 3-क, 4-ग
C1-घ, 2-ख, 3-ग, 4-क
D1-ग, 2-क, 3-घ, 4-ख

12कार्यालयी दस्तावेज को उसके मुख्य प्रयोजन से मिलाइए। सूची 1: 1. सूचना 2. परिपत्र 3. आदेश 4. ज्ञापन सूची 2: क. किसी निश्चित समूह या जनता को जानकारी देता है ख. कई कार्यालयों या व्यक्तियों तक समान निर्देश पहुँचाता है ग. स्वीकृति, नियुक्ति, निषेध या निर्देश जैसी अधिकारपूर्ण बात लागू करता है घ. किसी कार्यालयी विषय को संक्षेप में दर्ज या संप्रेषित करता है

A1-क, 2-ख, 3-घ, 4-ग
B1-ख, 2-क, 3-ग, 4-घ
C1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
D1-घ, 2-ग, 3-ख, 4-क

13अभिकथन: औपचारिक कार्यालयी पत्र में स्पष्ट विषय पंक्ति, प्राप्तकर्ता का विवरण, मुख्य भाग, समापन, हस्ताक्षर-खंड और दस्तावेज लगे हों तो संलग्नक-टिप्पणी होनी चाहिए। कारण: कार्यालयी लेखन में पाठक को प्रेषक, प्राप्तकर्ता, विषय, मुद्दा और अपेक्षित कार्रवाई जल्दी समझ में आनी चाहिए। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, तथा कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Cअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Dअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

14बताई गई प्रारूपण-क्रम की सही शृंखला किस विकल्प में दी गई है?

Aउद्देश्य -> प्राप्तकर्ता -> तथ्य -> निर्णय या निवेदन -> अपेक्षित कार्रवाई -> संलग्नक या प्रतिलिपि सूचना
Bप्राप्तकर्ता -> अलंकारिक प्रशंसा -> लंबी पृष्ठभूमि -> निवेदन -> हस्ताक्षर -> विषय
Cविषय -> संबोधन -> निजी कठिनाई -> भावुक आग्रह -> अपेक्षित कार्रवाई
Dसंलग्नक सूचना -> अपेक्षित कार्रवाई -> निर्णय -> तथ्य -> प्राप्तकर्ता -> उद्देश्य

15कार्यालयी हिंदी में पत्र या आवेदन के साथ लगाए गए दस्तावेजों के लिए कौन-सा पारिभाषिक शब्द सही है?

Aप्रतिलिपि
Bप्रारूप
Cसंलग्नक
Dपंजीकरण

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