MCQ
द्विगु समास MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए द्विगु समास के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1अभिकथन और कारण को पढ़िए और सही विकल्प चुनिए। अभिकथन: केवल संख्यावाचक पहला पद देखकर किसी समास को द्विगु मान लेना ठीक नहीं है। कारण: यदि समस्त पद किसी अन्य व्यक्ति या वस्तु की विशेषता बताता है, जैसे 'दशानन', तो वह बहुव्रीहि हो सकता है।
द्विगु समास की पहचान में संख्यावाचक पहला पद ज़रूरी संकेत है, लेकिन वही अकेला अंतिम कसौटी नहीं है। समस्त पद का अर्थ भी देखना पड़ता है। 'पंचवटी' में पांच वट वृक्षों का समूह है, इसलिए वह द्विगु है। लेकिन 'दशानन' का अर्थ 'जिसके दस आनन हैं' होता है और इससे रावण जैसे किसी अन्य व्यक्ति की विशेषता बताई जाती है। ऐसे अर्थ में बहुव्रीहि समास बनता है। इसलिए अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
प्र.2निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द द्विगु समास का उदाहरण नहीं है?
द्विगु समास में संख्या-सूचक पहला पद होना ज़रूरी है। 'चौराहा' में चार राहों का संकेत है, 'त्रिशूल' में तीन शूल या तीन नोकों का संकेत है और 'पंचवटी' में पांच वट वृक्षों का समूह है। इन तीनों में संख्या का आधार मिलता है। 'चंद्रमुख' में ऐसा कोई संख्यावाचक पद नहीं है; इसका अर्थ चंद्रमा के समान मुख है। इसलिए यह द्विगु नहीं, उपमान-आधारित समास है। सही उत्तर 'चंद्रमुख' है।
प्र.3सूची एक में दिए गए समस्त पदों का सूची दो में दिए गए विग्रहों से सही मिलान कीजिए। सूची एक क. पंचवटी ख. चौराहा ग. नवरत्न घ. त्रिभुवन सूची दो एक. चार राहों का समूह या संगम दो. पाँच वटों का समूह तीन. तीन भुवनों का समूह चार. नौ रत्नों का समूह
द्विगु समास में मिलान करते समय पहले संख्या-सूचक पूर्वपद को पकड़ना चाहिए। 'पंचवटी' में 'पंच' से पाँच वटों का समूह बनता है। 'चौराहा' में चार राहों के मिलने या समूह का भाव है। 'नवरत्न' नौ रत्नों का समूह है और 'त्रिभुवन' तीन भुवनों का समाहार है। इसलिए सही क्रम क-दो, ख-एक, ग-चार, घ-तीन है। गलत विकल्पों में या तो समान दिखने वाले समूह बदले गए हैं या संख्या-संकेत पूरी तरह छोड़ दिया गया है।
प्र.4निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द द्विगु समास का उदाहरण है?
द्विगु समास में पहला पद प्रायः संख्या-सूचक होता है और पूरा पद किसी समूह या समाहार का बोध कराता है। 'नवरत्न' का विग्रह 'नौ रत्नों का समूह' माना जाता है, इसलिए यहाँ 'नव' संख्या है और अर्थ एक समूह पर टिकता है। 'राजपुत्र' में संख्या नहीं है, इसलिए वह तत्पुरुष है। 'पीताम्बर' में बाहरी व्यक्ति का संकेत बनता है, इसलिए बहुव्रीहि का भ्रम हो सकता है। 'दिनरात' में दो पदों का योग है, अतः वह द्वंद्व है।
प्र.5अभिकथन (A): 'सप्ताह' द्विगु समास का उदाहरण माना जा सकता है। कारण (R): जिस समास में पूर्वपद संख्या-सूचक हो और समस्त पद से समूह या समाहार का बोध हो, उसे द्विगु समास कहते हैं। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
अभिकथन-कारण में पहले दोनों वाक्यों की स्वतंत्र जाँच करनी चाहिए। 'सप्ताह' का अर्थ सात दिनों का समूह है; इसलिए इसमें संख्या-सूचक 'सप्त' और समाहार-बोध दोनों मिलते हैं। अभिकथन सही है। कारण में भी द्विगु समास का सामान्य नियम दिया गया है कि संख्या-प्रधान पूर्वपद के साथ समस्त पद समूह का अर्थ दे। यही नियम 'सप्ताह' पर लागू होकर अभिकथन को सिद्ध करता है। इसलिए दोनों सही हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
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और प्रश्न
6सूची एक को सूची दो से मिलाइए और सही विकल्प चुनिए। सूची एक एक. पंचवटी दो. त्रिलोकी तीन. चौराहा चार. सप्तर्षि सूची दो क. सात ऋषियों का समूह ख. तीन लोकों का समूह ग. चार राहों का मिलन-स्थान घ. पांच वट वृक्षों का समूह
7निम्नलिखित में से किस शब्द में द्विगु समास का सही उदाहरण है?
8द्विगु समास की पहचान के लिए कौन-सा लक्षण सबसे उपयुक्त है?
9द्विगु समास की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौन-सा विग्रह अशुद्ध है?
10'नवरत्न' का सही समास-विग्रह कौन-सा है?
