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NIRYAT PROTSAHAN: Interest Subvention & Collateral Support for MSME Exporters MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए NIRYAT PROTSAHAN: Interest Subvention & Collateral Support for MSME Exporters के 5 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1निर्यात संवर्धन मिशन के तहत निर्यात प्रोत्साहन की नोडल क्रियान्वयन एजेंसी कौन-सी संस्था है?

A विदेश व्यापार महानिदेशालय
B भारतीय रिज़र्व बैंक
C सूक्ष्म और लघु उद्यम ऋण गारंटी न्यास
D वित्त मंत्रालय
व्याख्या

विदेश व्यापार महानिदेशालय निर्यात प्रोत्साहन की नोडल क्रियान्वयन एजेंसी है। वाणिज्य विभाग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा वित्त मंत्रालय मिशन को मिलकर लागू करते हैं, जबकि ऋण गारंटी न्यास की खास भूमिका जमानत सहायता में है।

प्र.2निर्यात प्रोत्साहन के बारे में सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए: सूची 1: 1. ब्याज सहायता का परिव्यय; 2. जमानत सहायता का परिव्यय; 3. प्रति निर्यातक, प्रति आयात-निर्यात कोड, सालाना ब्याज लाभ की सीमा; 4. प्रति निर्यातक, प्रति वित्त वर्ष, अधिकतम बकाया गारंटी जोखिम। सूची 2: क. ₹10 करोड़; ख. ₹2,114 करोड़; ग. ₹50 लाख; घ. ₹5,181 करोड़। सही कूट चुनिए।

A 1-ख, 2-घ, 3-क, 4-ग
B 1-घ, 2-ख, 3-क, 4-ग
C 1-ख, 2-घ, 3-ग, 4-क
D 1-घ, 2-ख, 3-ग, 4-क
व्याख्या

सही मिलान 1-घ, 2-ख, 3-ग और 4-क है। ₹7,295 करोड़ के पैकेज में ₹5,181 करोड़ ब्याज सहायता और ₹2,114 करोड़ जमानत सहायता के लिए हैं। ब्याज लाभ प्रति निर्यातक, प्रति आयात-निर्यात कोड, ₹50 लाख तक है, जबकि बकाया गारंटी जोखिम प्रति निर्यातक, प्रति वित्त वर्ष, ₹10 करोड़ तक है।

प्र.3निर्यात प्रोत्साहन के तहत पात्र प्री-शिपमेंट और पोस्ट-शिपमेंट रुपया निर्यात ऋण पर सालाना मूल ब्याज सहायता कितनी है?

A 2%
B 2.75%
C 3%
D 5%
व्याख्या

पात्र प्री-शिपमेंट और पोस्ट-शिपमेंट रुपया निर्यात ऋण पर सालाना मूल ब्याज सहायता 2.75% है। यह लाभ प्रति निर्यातक, प्रति आयात-निर्यात कोड, सालाना ₹50 लाख तक सीमित है; अधिसूचित उभरते बाज़ारों के लिए व्यवस्था तैयार होने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल सकता है।

प्र.4निर्यात प्रोत्साहन की जमानत सहायता के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूक्ष्म और लघु निर्यातकों के लिए गारंटी कवरेज 85% तक है। 2. मध्यम निर्यातकों के लिए गारंटी कवरेज 65% तक है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A केवल 1
B केवल 2
C 1 और 2 दोनों
D न तो 1, न ही 2
व्याख्या

दोनों कथन सही हैं। जमानत सहायता में सूक्ष्म और लघु निर्यातकों के लिए 85% तक तथा मध्यम निर्यातकों के लिए 65% तक गारंटी कवरेज है। यह सहायता ऋण गारंटी न्यास के साथ दी जाती है और प्रति निर्यातक एक वित्त वर्ष में बकाया गारंटी जोखिम ₹10 करोड़ तक सीमित है।

प्र.5निर्यात संवर्धन मिशन में निर्यात प्रोत्साहन को दूसरी उप-योजना निर्यात दिशा से कौन-सा विकल्प सही ढंग से अलग करता है?

A निर्यात प्रोत्साहन व्यापार-वित्त तक पहुँच आसान करता है, जबकि निर्यात दिशा बाज़ार पहुँच, ब्रांडिंग, नियम-पालन और माल ढुलाई जैसी गैर-वित्तीय सहायता देती है।
B निर्यात प्रोत्साहन केवल माल ढुलाई देखता है, जबकि निर्यात दिशा ब्याज सहायता और जमानत गारंटी देती है।
C निर्यात प्रोत्साहन बड़े उद्यमों के लिए है, जबकि निर्यात दिशा केवल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम निर्यातकों के लिए है।
D निर्यात प्रोत्साहन का संचालन राज्य सरकारें करती हैं, जबकि निर्यात दिशा का संचालन केवल भारतीय रिज़र्व बैंक करता है।
व्याख्या

निर्यात प्रोत्साहन व्यापार-वित्त वाली धारा है, जो ब्याज सहायता और जमानत गारंटी जैसे उपायों से कम लागत पर अलग-अलग तरह की वित्तीय सुविधा देती है। निर्यात दिशा गैर-वित्तीय धारा है, जो बाज़ार पहुँच, ब्रांडिंग, नियम-पालन, माल ढुलाई, भंडारण और व्यापार जानकारी में सहायता देती है।

आपने 5 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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