MCQ
Indira Mahila Shakti Udyam Protsahan Yojana (IM Shakti Udyam) MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए Indira Mahila Shakti Udyam Protsahan Yojana (IM Shakti Udyam) के 5 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. सामान्य श्रेणी की आवेदक स्वीकृत ऋण के 25% अनुदान की पात्र है। 2. विधवा या दिव्यांग महिला 30% अनुदान की पात्र है। ऊपर लिखे कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। सामान्य पूंजी अनुदान स्वीकृत ऋण का 25% है। तय विशेष श्रेणियों के लिए बढ़ी हुई दर 30% है, जिनमें विधवा, परित्यक्ता, हिंसा से पीड़ित महिला, दिव्यांग महिला और अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की आवेदक शामिल हैं। बढ़ी दर आवेदक की पात्र श्रेणी पर मिलती है।
प्र.2मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में परियोजना वित्त के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
चौथा विकल्प गलत है। अनुदान तुरंत निकाले जा सकने वाला नकद भुगतान नहीं है। इसे लाभार्थी के खाते में 3 वर्ष के लिए सावधि जमा रसीद के रूप में रखा जाता है और अनुदान से जुड़े ऋण हिस्से पर ब्याज नहीं लिया जाता। उद्यम के सफल संचालन और लगातार अदायगी के बाद ही इसे बकाया ऋण में समायोजित किया जाता है।
प्र.3मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. व्यक्तिगत आवेदक राजस्थान की निवासी महिला हो और उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष हो। 2. व्यक्तिगत आवेदक के लिए अधिकतम आयु सीमा तय नहीं है। 3. ₹10 लाख से कम ऋण के आवेदनों की जांच और फैसला कार्यालय स्तर पर होता है। 4. विभाग की सिफारिश के बाद भी अंतिम मंजूरी बैंक देता है। ऊपर लिखे कथनों में से कौन-से सही हैं?
चारों कथन सही हैं। व्यक्तिगत आवेदक राजस्थान की निवासी महिला हो और उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष हो, जबकि अधिकतम आयु सीमा तय नहीं है। ₹10 लाख से कम ऋण के आवेदन कार्यालय स्तर पर जांचे जाते हैं। विभागीय जांच प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन ऋण की अंतिम मंजूरी बैंक ही देता है।
प्र.4मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के मौजूदा आधिकारिक पोर्टल प्रावधानों में आवेदक और अधिकतम ऋण का कौन-सा जोड़ा सही है?
आधिकारिक पात्रता श्रेणियों में महिला स्वयं सहायता समूह और ऐसे समूहों के क्लस्टर या फेडरेशन को अलग रखा गया है। व्यक्तिगत महिला या महिला स्वयं सहायता समूह को ₹50 लाख तक, जबकि क्लस्टर या फेडरेशन को ₹1 करोड़ तक ऋण मिल सकता है। व्यापार गतिविधि की अलग सीमा ₹10 लाख है।
प्र.5राजस्थान में अब मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना नाम से चल रही महिला उद्यम ऋण-अनुदान योजना का नोडल विभाग कौन-सा है?
महिला एवं बाल विकास विभाग इस योजना का नोडल विभाग है और राजस्थान में महिला अधिकारिता निदेशालय इसका संचालन करता है। ऋण की अंतिम मंजूरी बैंक या मान्य वित्तीय संस्था देती है, लेकिन उनकी वित्तीय भूमिका से योजना की नोडल जिम्मेदारी नहीं बदलती।
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