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Mission Karmayogi (National Programme for Civil Services Capacity Building) MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए Mission Karmayogi (National Programme for Civil Services Capacity Building) के 5 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1मिशन कर्मयोगी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसके 70:20:10 मॉडल में 70% ऑनलाइन सीखना, 20% काम करते हुए सीखना और 10% भौतिक प्रशिक्षण है। 2. करीब 46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2020-21 से 2024-25 तक 5 वर्षों के लिए ₹510.86 करोड़ मंज़ूर किए गए थे। 3. आईगॉट-कर्मयोगी का स्वामित्व और संचालन संभालने के लिए कर्मयोगी भारत को 31 जनवरी 2022 को सरकारी स्वामित्व वाली गैर-लाभकारी एसपीवी के रूप में स्थापित किया गया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C 1, 2 और 3
D केवल 1 और 3
व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। आधिकारिक सीखने का बंटवारा 70% ऑनलाइन, 20% काम करते हुए और 10% भौतिक प्रशिक्षण है। करीब 46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2020-21 से 2024-25 तक 5 वर्षों के लिए ₹510.86 करोड़ मंज़ूर हुए थे। आईगॉट-कर्मयोगी का स्वामित्व और संचालन संभालने के लिए कर्मयोगी भारत 31 जनवरी 2022 को सरकारी स्वामित्व वाली गैर-लाभकारी एसपीवी के रूप में बनी।

प्र.2मिशन कर्मयोगी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसके 6 स्तंभों में क्षमता ढांचा तथा निगरानी और मूल्यांकन ढांचा शामिल हैं। 2. आईगॉट-कर्मयोगी केवल डिजिटल सेवा रिकॉर्ड रखने के लिए है और पाठ्यक्रम या मूल्यांकन उपलब्ध नहीं कराता। उपर्युक्त में से कौन-सा कथन सही है?

A केवल 1
B केवल 2
C 1 और 2 दोनों
D न तो 1, न ही 2
व्याख्या

कथन 1 सही है: आधिकारिक 6-स्तंभीय ढांचे में क्षमता ढांचा तथा निगरानी और मूल्यांकन ढांचा स्पष्ट रूप से शामिल हैं। कथन 2 गलत है, क्योंकि आईगॉट-कर्मयोगी डिजिटल सीखने का मुख्य प्लेटफॉर्म है, जिस पर पाठ्यक्रम, मूल्यांकन और प्रमाणपत्र मिलते हैं; डिजिटल सेवा रिकॉर्ड अलग ई-एचआरएमएस स्तंभ से जुड़े हैं।

प्र.3केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम, मिशन कर्मयोगी, को किस तारीख को मंज़ूरी दी?

A 2 सितंबर 2020
B 31 जनवरी 2022
C 25 अगस्त 2022
D 19 अक्टूबर 2024
व्याख्या

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2 सितंबर 2020 को मिशन कर्मयोगी को राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम के रूप में मंज़ूरी दी। इसी मंज़ूरी से सिविल सेवकों के भूमिका-आधारित और क्षमता-आधारित प्रशिक्षण का केंद्रीय कार्यक्रम बना; बाकी तारीखें बाद के अलग पड़ावों से जुड़ी हैं।

प्र.4सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए और सही उत्तर चुनिए। सूची 1: (क) प्रधानमंत्री की सार्वजनिक मानव संसाधन परिषद; (ख) कैबिनेट सचिवालय समन्वय इकाई; (ग) क्षमता निर्माण आयोग; (घ) कर्मयोगी भारत एसपीवी सूची 2: (1) आईगॉट की डिजिटल संपत्तियों का स्वामित्व और संचालन; (2) सर्वोच्च रणनीतिक दिशा; (3) प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यात्मक निगरानी और वार्षिक क्षमता निर्माण योजनाओं में सहायता; (4) क्रियान्वयन की निगरानी और हितधारकों का समन्वय

A क-1, ख-2, ग-4, घ-3
B क-2, ख-3, ग-4, घ-1
C क-4, ख-2, ग-3, घ-1
D क-2, ख-4, ग-3, घ-1
व्याख्या

प्रधानमंत्री की सार्वजनिक मानव संसाधन परिषद सर्वोच्च रणनीतिक दिशा देती है। कैबिनेट सचिवालय समन्वय इकाई क्रियान्वयन की निगरानी और हितधारकों का समन्वय करती है। क्षमता निर्माण आयोग प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यात्मक देखरेख और वार्षिक योजनाओं में मदद करता है, जबकि कर्मयोगी भारत एसपीवी आईगॉट की डिजिटल संपत्तियों का स्वामित्व और संचालन संभालती है। इसलिए क-2, ख-4, ग-3 और घ-1 सही है।

प्र.5मिशन कर्मयोगी के जरिए किए जाने वाले मुख्य सुधार का सही वर्णन कौन-सा है?

A विभागीय प्रशिक्षण की जगह कर्मचारियों को सीधे नकद प्रोत्साहन देना
B नियम-आधारित व्यवस्था से भूमिका-आधारित और क्षमता-आधारित मानव संसाधन व्यवस्था की ओर बढ़ना
C सिविल सेवा प्रशिक्षण को केवल आवासीय अकादमियों तक सीमित करना
D मंत्रालयों की सभी कार्मिक प्रबंधन शक्तियां राज्य सरकारों को सौंपना
व्याख्या

मिशन कर्मयोगी का मुख्य लक्ष्य नियम-आधारित ढांचे की जगह भूमिका-आधारित और क्षमता-आधारित मानव संसाधन व्यवस्था बनाना है। हर पद की भूमिका, गतिविधि और जरूरी क्षमताएं मैप की जाती हैं, ताकि प्रशिक्षण और कार्य-आवंटन पद की जरूरतों से जुड़ें। इसलिए यह नकद लाभ नहीं, शासन और क्षमता निर्माण सुधार है।

आपने 5 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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