MCQ
डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के 5 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1दिसंबर 2025 तक डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना की प्रगति के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
विकल्प B गलत है, क्योंकि स्वीकृत आवेदनों और ऋण पाने वाले आवेदकों की संख्या समान नहीं थी। दिसंबर 2025 तक 1,022 ऋण आवेदन स्वीकृत हुए थे, जबकि 890 आवेदकों को कुल ₹222.95 करोड़ का ऋण मिला था। इसी प्रगति विवरण में 660 आवेदकों को ₹43.21 करोड़ मार्जिन मनी देने का आंकड़ा भी है, इसलिए A, C और D सही हैं।
प्र.2डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना में ब्याज अनुदान के लिए सूची-I को सूची-II से मिलाइए: सूची-I (ऋण राशि) 1. ₹25 लाख से कम 2. ₹25 लाख से ₹5 करोड़ तक 3. ₹5 करोड़ से ₹10 करोड़ तक सूची-II (ब्याज अनुदान) क. 6% ख. 7% ग. 9% सही कूट चुनिए:
तीनों ऋण स्लैब में राशि बढ़ने के साथ अनुदान दर घटती है: ₹25 लाख से कम ऋण पर 9%, ₹25 लाख से ₹5 करोड़ तक 7% और ₹5 करोड़ से ₹10 करोड़ तक 6% मिलता है। इसलिए सही मिलान 1-ग, 2-ख और 3-क है। यह अनुदान अधिकतम 5 वर्ष तक मिलता है और वास्तव में चुकाए ब्याज से अधिक नहीं हो सकता।
प्र.3डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना में मार्जिन मनी अनुदान कितना है?
मार्जिन मनी अनुदान परियोजना लागत का 25% या ₹25 लाख, दोनों में जो कम हो, उतना मिलता है। इसलिए ₹25 लाख तय भुगतान नहीं बल्कि अधिकतम सीमा है। यह राशि ऋणदाता के पास अल्पावधि जमा रहती है और इकाई के 3 वर्ष बिना बकाया चलने पर खाते में समायोजित होती है।
प्र.4डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना का संचालन राजस्थान सरकार का कौन-सा विभाग करता है?
यह राज्य स्तरीय उद्यमिता योजना राजस्थान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा चलाई जाती है। इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों की गैर-कृषि विनिर्माण, सेवा और व्यापार क्षेत्रों में प्रभावी भागीदारी बढ़ाना है; लक्षित सामाजिक वर्ग के कारण नोडल विभाग नहीं बदलता।
प्र.5डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना में संस्थागत पात्रता से जुड़े निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. भागीदारी फर्म, सीमित दायित्व भागीदारी, सहकारी समिति, सोसायटी और कंपनी आवेदन कर सकती हैं। 2. ऐसी संस्था में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों का कम से कम 51% स्वामित्व होना चाहिए। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। पात्र संस्थागत रूपों में भागीदारी फर्म, सीमित दायित्व भागीदारी, सहकारी समिति, सोसायटी और कंपनी शामिल हैं। इनमें से किसी भी संस्था के लिए अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों का कम से कम 51% स्वामित्व ज़रूरी है; केवल कानूनी रूप पात्र होने से संस्था स्वतः पात्र नहीं हो जाती।
आपने 5 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।
