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MCQ

स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के 5 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के वित्तीय और मूल्यांकन नियमों के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?

A हर 3 वर्ष में स्वतंत्र तीसरे पक्ष से मूल्यांकन कराना ज़रूरी है
B एक पात्र कोष में केंद्र और राज्य के सभी फंड-ऑफ-फंड्स अंशदान उसके कुल कोष के 50% के भीतर रहने चाहिए
C कार्यान्वयन एजेंसी का परिचालन खर्च, रिडेम्प्शन घटाने के बाद तय प्रतिबद्धता और बकाया आधार पर, सालाना 0.50% तक सीमित है
D योजना के रिटर्न का अधिकतम 5% स्टार्टअप जगत की क्षमता बढ़ाने में लगाया जा सकता है
व्याख्या

गलत कथन 3 वर्ष वाले मूल्यांकन अंतराल का है। संचालन दिशानिर्देश योजना के काम शुरू होने की तारीख से हर 5 वर्ष में स्वतंत्र तीसरे पक्ष से मूल्यांकन कराना अनिवार्य करते हैं। साथ ही, एक कोष में केंद्र और राज्य का कुल फंड-ऑफ-फंड्स अंशदान 50% के भीतर रहता है, तय परिचालन खर्च सालाना 0.50% तक है और रिटर्न का अधिकतम 5% क्षमता बढ़ाने में लग सकता है।

प्र.2स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के खंडों का किसी एक पात्र कोष में अधिकतम सरकारी अंशदान से मिलान कीजिए: 1. डीप-टेक कोष 2. शुरुआती-विकास स्टार्टअप के लिए छोटे कोष 3. नवाचारी विनिर्माण कोष 4. क्षेत्र- या चरण-निरपेक्ष कोष 1-2-3-4 के लिए सही क्रम चुनिए।

A ₹500 करोड़, ₹200 करोड़, ₹100 करोड़, ₹180 करोड़
B ₹500 करोड़, ₹100 करोड़, ₹180 करोड़, ₹200 करोड़
C ₹400 करोड़, ₹100 करोड़, ₹200 करोड़, ₹180 करोड़
D ₹500 करोड़, ₹100 करोड़, ₹200 करोड़, ₹180 करोड़
व्याख्या

खंडवार अधिकतम सरकारी अंशदान क्रमशः डीप-टेक कोष के लिए ₹500 करोड़, शुरुआती-विकास वाले छोटे कोष के लिए ₹100 करोड़, नवाचारी विनिर्माण कोष के लिए ₹200 करोड़ और क्षेत्र- या चरण-निरपेक्ष कोष के लिए ₹180 करोड़ है। इनके साथ क्रमशः 40%, 30%, 30% और 25% की प्रतिशत सीमाएं भी लागू होती हैं।

प्र.3स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के लिए स्वीकृत कुल कोष कितना है?

A ₹5,000 करोड़
B ₹10,000 करोड़
C ₹15,000 करोड़
D ₹25,548 करोड़
व्याख्या

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के लिए ₹10,000 करोड़ का कुल कोष मंजूर किया। इस राशि से निवेश कोषों को प्रतिबद्धताएं 16वें और 17वें वित्त आयोग चक्रों में फैलाकर दी जानी हैं। ₹25,548 करोड़ का आंकड़ा पहले चरण में समर्थित कोषों के लगभग निवेश से जुड़ा है, इसलिए वह सही उत्तर नहीं है।

प्र.4स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक शुरुआती कार्यान्वयन एजेंसी है, जबकि उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग अतिरिक्त घरेलू कार्यान्वयन एजेंसियां चुन सकता है। 2. उद्यम पूंजी निवेश समिति पात्र कोष प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी देती है। इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A 1 और 2 दोनों
B केवल 2
C केवल 1
D न तो 1, न ही 2
व्याख्या

कथन 1 सही है, क्योंकि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक योजना का संचालन शुरू करता है और उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग बाद में एक या अधिक घरेलू कार्यान्वयन एजेंसियां चुन सकता है। कथन 2 गलत है: उद्यम पूंजी निवेश समिति जांच के बाद प्रस्तावों की छानबीन और सिफारिश करती है, जबकि अंतिम मंजूरी कार्यान्वयन एजेंसी के बोर्ड की उप-समिति देती है।

प्र.5स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 मुख्य रूप से सरकारी पूंजी को स्टार्टअप तक कैसे पहुंचाती है?

A पात्र श्रेणी 1 और श्रेणी 2 के वैकल्पिक निवेश कोषों में अंशदान देकर, जो आगे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में निवेश करते हैं
B हर मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को सीधे बिना जमानत कार्यशील पूंजी ऋण देकर
C डीप-टेक स्टार्टअप के पूरे शोध खर्च की अनुदान के रूप में भरपाई करके
D केंद्रीय खरीद कोटे के तहत स्टार्टअप से उत्पाद खरीदकर
व्याख्या

स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 अप्रत्यक्ष और बाज़ार से जुड़ी वित्त-पोषण योजना है। सरकार भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड में पंजीकृत श्रेणी 1 और श्रेणी 2 के वैकल्पिक निवेश कोषों में अंशदान देती है। यही कोष उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में निवेश करते हैं; सरकार सीधे अनुदान या ऋण नहीं देती।

आपने 5 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।

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