MCQ
Mukhyamantri Nari Shakti Udyam Protsahan Yojana MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए Mukhyamantri Nari Shakti Udyam Protsahan Yojana के 5 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. लागू केंद्रीय बैंक के निर्देशों के तहत ₹10 लाख तक के ऋण बिना जमानत के दिए जाते हैं। 2. सामान्य श्रेणी के लाभार्थी को स्वीकृत ऋण पर 25% अनुदान मिलता है। 3. प्रति लाभार्थी अधिकतम अनुदान ₹15 लाख तक सीमित है। 4. भूमि खरीद स्वीकृत परियोजना लागत के 20% तक पात्र है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
कथन 1, 2 और 3 सही हैं: ₹10 लाख तक के ऋण बिना जमानत के दिए जाते हैं, सामान्य अनुदान दर 25% है और प्रति लाभार्थी कुल अनुदान ₹15 लाख से अधिक नहीं हो सकता। कथन 4 गलत है, क्योंकि भूमि खरीद अपात्र है; केवल वर्कशेड या भवन निर्माण स्वीकृत परियोजना लागत के 20% तक पात्र हो सकता है।
प्र.2मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की वित्तीय बनावट का सबसे सही वर्णन कौन-सा है?
यह राजस्थान की ऋण से जुड़ी पूंजी अनुदान योजना है। पात्र बैंक या वित्तीय संस्था उद्यम के लिए ऋण देती है और राज्य उस ऋण पर तय दर से अनुदान देता है। इसलिए यह न तो केंद्रीय योजना है और न पूरी परियोजना लागत देने वाला सीधा नकद अनुदान।
प्र.3मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में किस आवेदक को 30% ऋण अनुदान वाली विशेष श्रेणी में स्पष्ट रूप से रखा गया है?
विधवा आवेदक उस विशेष श्रेणी में स्पष्ट रूप से शामिल है जिसे स्वीकृत ऋण पर 30% अनुदान मिलता है। परित्यक्ता, हिंसा से पीड़ित और दिव्यांग महिलाएं तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आवेदक भी इसमें आती हैं; सामान्य दर 25% है।
प्र.4मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में परियोजना वित्त और पात्रता के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
चौथा विकल्प गलत है, क्योंकि व्यक्तिगत महिला आवेदक के लिए कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय नहीं है; स्नातकोत्तर उपाधि अनिवार्य होना तो और भी गलत है। राजस्थान का निवासी होना और न्यूनतम आयु की शर्त लागू होती है। भूमि खरीद अपात्र है, जबकि वर्कशेड या भवन निर्माण स्वीकृत परियोजना लागत के 20% तक पात्र हो सकता है।
प्र.5मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुदान को 3 वर्ष तक शून्य ब्याज वाली सावधि जमा रसीद के रूप में रखा जाता है। 2. सफल संचालन और नियमित पुनर्भुगतान की जांच के बाद अनुदान बकाया ऋण में समायोजित किया जाता है। उपर्युक्त में से कौन-सा कथन सही है?
दोनों कथन सही हैं। अनुदान तुरंत मनचाहे उपयोग के लिए नकद नहीं दिया जाता, बल्कि 3 वर्ष तक शून्य ब्याज वाली सावधि जमा रसीद में रखा जाता है। उद्यम के सफल संचालन और नियमित ऋण अदायगी की विभागीय जांच के बाद यह राशि बकाया ऋण में समायोजित होती है।
आपने 5 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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