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PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement (PM E-DRIVE) Scheme MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement (PM E-DRIVE) Scheme के 5 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1पीएम ई-ड्राइव के ई-बस खंड के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?

A शुरुआत में 40 लाख से अधिक आबादी वाले 9 शहर मांग-संग्रह के लिए चुने गए थे।
B बाद का दो-चरणीय आवंटन 7 शहरों में 13,800 ई-बसों का है।
C कोलकाता और चेन्नई दो-चरणीय आवंटन में शामिल नहीं हैं।
D इसकी ई-बस सहायता खास तौर पर 3 लाख से 40 लाख आबादी वाले शहरों के लिए है।
व्याख्या

चौथा विकल्प गलत है क्योंकि वह 3 लाख से 40 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी पीएम ई-ड्राइव को देता है। इसका ई-बस खंड 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों पर केंद्रित है, जबकि 3 लाख से 40 लाख वाली श्रेणी अलग पीएम-ई-बस सेवा में आती है। शुरुआती 9 शहर और बाद के 7 शहर अपने-अपने चरण के सही आंकड़े हैं।

प्र.2पीएम ई-ड्राइव के घटक-वार परिव्यय के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. ई-बसों के लिए ₹4,391 करोड़ आवंटित हैं। 2. सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए ₹2,000 करोड़ आवंटित हैं। 3. वाहन परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन के लिए ₹780 करोड़ आवंटित हैं। इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C 1, 2 और 3
D केवल 1 और 3
व्याख्या

तीनों कथन घटक-वार आवंटन को सही बताते हैं: 14,028 ई-बसों के लिए ₹4,391 करोड़, सार्वजनिक चार्जिंग ढांचे के लिए ₹2,000 करोड़ और भारी उद्योग मंत्रालय की वाहन परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन के लिए ₹780 करोड़। इसलिए तीसरा विकल्प सही है।

प्र.3पीएम ई-ड्राइव योजना का नोडल केंद्रीय मंत्रालय कौन-सा है?

A भारी उद्योग मंत्रालय
B सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
C विद्युत मंत्रालय
D आवास और शहरी कार्य मंत्रालय
व्याख्या

पीएम ई-ड्राइव भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। मांग प्रोत्साहन, ई-बस सहायता, सार्वजनिक चार्जिंग और परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन का क्रियान्वयन यही मंत्रालय करता है, इसलिए पहला विकल्प सही है।

प्र.4पीएम ई-ड्राइव की वाहन श्रेणियों को उनकी पात्रता या लाभ पहुंचाने की शर्तों से मिलाइए: 1. ई-दोपहिया—एक्स-फैक्टरी मूल्य सीमा ₹1.5 लाख; 2. पंजीकृत ई-रिक्शा/ई-कार्ट—एक्स-फैक्टरी मूल्य सीमा ₹2.5 लाख; 3. ई-ट्रक—पुराने पारंपरिक ट्रक का स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र अनिवार्य; 4. ई-बस—सकल-लागत अनुबंध मॉडल से खरीद। कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

A 1, 2, 3 और 4
B केवल 1, 2 और 3
C केवल 2 और 4
D केवल 1 और 3
व्याख्या

सभी 4 युग्म सही हैं। ई-दोपहिया की एक्स-फैक्टरी सीमा ₹1.5 लाख और पंजीकृत ई-रिक्शा/ई-कार्ट की ₹2.5 लाख है। ई-ट्रक सहायता के लिए पुराने पारंपरिक ट्रक का अधिकृत स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र जरूरी है और परिवहन निकाय सहायता वाली ई-बसें सकल-लागत अनुबंध के परिचालन मॉडल पर खरीदते हैं।

प्र.5पीएम ई-ड्राइव के सार्वजनिक चार्जिंग खंड में ई-चारपहिया के लिए 22,100, ई-बस के लिए 1,800 और ई-दोपहिया/ई-तिपहिया के लिए 48,400 फास्ट चार्जर हैं। इनकी कुल संख्या कितनी है?

A 70,300
B 72,300
C 74,300
D 76,700
व्याख्या

श्रेणीवार लक्ष्य जोड़ने पर 22,100 + 1,800 + 48,400 = 72,300 फास्ट चार्जर होते हैं। ये आंकड़े क्रमशः ई-चारपहिया, ई-बस और ई-दोपहिया/ई-तिपहिया के हैं, इसलिए दूसरा विकल्प ही गणना और तथ्य दोनों के आधार पर सही है।

आपने 5 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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