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Mukhyamantri Krishak Mitra Overdue Interest Relief / Loan Settlement Scheme 2025-26 MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए Mukhyamantri Krishak Mitra Overdue Interest Relief / Loan Settlement Scheme 2025-26 के 5 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋणी को अवधिपार मूलधन, बीमा प्रीमियम और 1 जुलाई 2024 के बाद देय ब्याज जमा करना होता है। 2. राज्य सरकार पात्र अवधिपार ब्याज, दंडात्मक ब्याज और वसूली खर्च पर 100% राहत देती है। 3. वर्ष 2014-15 से राज्य ब्याज अनुदान योजना में दिए गए ऋण शामिल हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1
B केवल 2 और 3
C केवल 1 और 2
D 1, 2 और 3
व्याख्या

कथन 1 और 2 निस्तारण का सही सूत्र बताते हैं: ऋणी अवधिपार मूलधन, बीमा प्रीमियम और सीमा-तिथि के बाद का ब्याज चुकाता है, जबकि राज्य पात्र अवधिपार ब्याज, दंडात्मक ब्याज और वसूली खर्च पर 100% राहत देता है। कथन 3 गलत है क्योंकि वर्ष 2014-15 से ब्याज अनुदान योजना में दिए गए ऋण बाहर हैं।

प्र.2सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए और सही उत्तर चुनिए। सूची 1 (पड़ाव): क. विधानसभा में घोषणा; ख. राज सहकार ऐप के सीएम ओटीएस 2025-26 पोर्टल की शुरुआत; ग. 10,523 निस्तारित ऋणियों की प्रगति स्थिति; घ. बढ़ाई गई अंतिम तिथि। सूची 2 (तिथि): 1. 31 मार्च 2026; 2. 9 मई 2025; 3. 30 जून 2026; 4. 12 मार्च 2025।

A क-4, ख-2, ग-1, घ-3
B क-2, ख-4, ग-3, घ-1
C क-4, ख-1, ग-2, घ-3
D क-3, ख-2, ग-1, घ-4
व्याख्या

विधानसभा में घोषणा 12 मार्च 2025 को हुई और राज सहकार ऐप का सीएम ओटीएस 2025-26 पोर्टल 9 मई 2025 को शुरू हुआ। 10,523 निस्तारित ऋणियों की आधिकारिक प्रगति स्थिति 31 मार्च 2026 की है। बाद में अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 जून 2026 की गई। इसलिए सही मिलान क-4, ख-2, ग-1 और घ-3 है।

प्र.3मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के लिए राजस्थान सरकार ने कितना बजट प्रावधान किया?

A ₹200 करोड़
B ₹100 करोड़
C ₹143 करोड़
D ₹190 करोड़
व्याख्या

राजस्थान सरकार ने इस राज्य-वित्तपोषित एकमुश्त ऋण-निस्तारण योजना के लिए 2025-26 में ₹200 करोड़ का बजट प्रावधान किया। लगभग ₹143 करोड़ ऋणियों के जमा हिस्से और लगभग ₹190 करोड़ उन्हें मिली राहत का 31 मार्च 2026 तक का आंकड़ा है, इसलिए इनमें से कोई भी बजट प्रावधान नहीं है।

प्र.4निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: मृतक अवधिपार ऋणियों के वारिस निस्तारण का लाभ ले सकते हैं। कथन 2: वसूली नीलामी में बैंक के नाम खरीदी गई भूमि निस्तारण प्रावधान के तहत लौटाई जा सकती है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

A कथन 1 और कथन 2 दोनों गलत हैं
B कथन 1 सही है, लेकिन कथन 2 गलत है
C कथन 1 गलत है, लेकिन कथन 2 सही है
D कथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं
व्याख्या

दोनों कथन निस्तारण के स्पष्ट विशेष प्रावधान बताते हैं। मृतक अवधिपार ऋणियों के वारिस भी पात्र हैं, इसलिए ऋणी की मृत्यु मात्र से राहत का रास्ता बंद नहीं होता। वसूली नीलामी में पहले बैंक के नाम खरीदी गई भूमि भी लागू शर्तों के तहत लौटाई जा सकती है। इसलिए कथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं।

प्र.5मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के तहत कौन-सा ऋण खाता राहत के लिए पात्र है?

A 1 जुलाई 2024 के बाद अवधिपार हुआ कोई भी अल्पकालीन फसली ऋण
B भूमि विकास बैंक का ऐसा ऋण जो तय अपवाद को छोड़कर 1 जुलाई 2024 तक अवधिपार हो चुका था
C वर्ष 2014-15 से राज्य ब्याज अनुदान योजना के तहत दिया गया प्रत्येक ऋण
D भारत के किसी भी वाणिज्यिक बैंक का अवधिपार ऋण
व्याख्या

पात्रता भूमि विकास बैंक के उन ऋणों की है जो 1 जुलाई 2024 तक अवधिपार हो चुके थे। साथ ही, वर्ष 2014-15 से राजस्थान की राज्य ब्याज अनुदान योजना में दिए गए ऋण स्पष्ट रूप से बाहर हैं। इसलिए केवल अवधिपार होने के आधार पर साधारण फसली ऋण या किसी वाणिज्यिक बैंक का ऋण पात्र नहीं बनता।

आपने 5 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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