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Rajasthan Millets Promotion Mission MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए Rajasthan Millets Promotion Mission के 5 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1राजस्थान मोटा अनाज संवर्धन मिशन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी घोषणा राजस्थान बजट 2022-23 में बाजरा, ज्वार और अन्य मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए की गई। 2. इसका कुल प्रावधान ₹100 करोड़ था और करीब 15 लाख किसानों को लाभ देने का लक्ष्य था। 3. यह भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्र-वित्तपोषित मिशन है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1
B केवल 2 और 3
C केवल 1 और 2
D 1, 2 और 3
व्याख्या

कथन 1 और 2 बजट घोषणा के अनुरूप हैं: मिशन में बाजरा, ज्वार और अन्य मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए ₹100 करोड़ से करीब 15 लाख किसानों को लाभ देने का लक्ष्य था। कथन 3 गलत है; मिशन का वित्तपोषण राजस्थान सरकार करती है और इसका संचालन राज्य का कृषि विभाग करता है।

प्र.2राजस्थान मोटा अनाज संवर्धन मिशन का नोडल विभाग कौन-सा है?

A कृषि विभाग, राजस्थान सरकार
B खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार
C सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार
D खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार
व्याख्या

राजस्थान मोटा अनाज संवर्धन मिशन राज्य-वित्तपोषित योजना है और इसका संचालन राजस्थान सरकार का कृषि विभाग करता है। जिला कृषि तंत्र और राजकिसान पोर्टल के जरिये क्रियान्वयन भी इसी नोडल भूमिका की पुष्टि करता है; यह केंद्र सरकार के किसी मंत्रालय की योजना नहीं है।

प्र.3राजस्थान मोटा अनाज संवर्धन मिशन के निम्नलिखित 4 युग्मों पर विचार कीजिए: 1. निशुल्क उन्नत बीज — करीब 10 लाख लघु एवं सीमांत किसान 2. रियायती सूक्ष्म पोषक तत्व और जैव-कीटनाशी किट — करीब 2 लाख किसान 3. प्रसंस्करण अनुदान — पहली 100 मोटा अनाज प्रसंस्करण इकाइयाँ 4. उत्कृष्टता केंद्र — कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के अधीन उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

A सभी 4 युग्म
B केवल 3 युग्म
C केवल 2 युग्म
D केवल 1 युग्म
व्याख्या

चारों युग्म सही हैं। बीज घटक करीब 10 लाख लघु एवं सीमांत किसानों के लिए था; रियायती सूक्ष्म पोषक तत्व और जैव-कीटनाशी किट करीब 2 लाख किसानों के लिए थे; पहली 100 प्रसंस्करण इकाइयों के लिए ₹40 करोड़ रखे गए; और ₹5 करोड़ का उत्कृष्टता केंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के अधीन था।

प्र.4राजस्थान मोटा अनाज संवर्धन मिशन में मोटा अनाज उत्कृष्टता केंद्र की भूमिका का सबसे सही वर्णन कौन-सा है?

A सहकारिता विभाग के अधीन ₹20 करोड़ प्रावधान वाला विपणन मंडल
B 100 इकाइयों को लाइसेंस देने वाला केंद्र सरकार के अधीन प्रसंस्करण नियामक
C केवल बड़े किसानों को निशुल्क बीज देने वाला बीज-वितरण कार्यालय
D कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के अधीन ₹5 करोड़ का ज्ञान केंद्र, जो मोटे अनाज की तकनीक, संवर्धन और संरक्षण पर काम करता है
व्याख्या

मिशन में कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के अधीन मोटा अनाज उत्कृष्टता केंद्र के लिए ₹5 करोड़ रखे गए। इसका काम नई तकनीकी जानकारी देना तथा बाजरा और दूसरे मोटे अनाजों के संवर्धन व संरक्षण को मजबूत करना है; इसलिए यह नियामक या विपणन मंडल नहीं, बल्कि ज्ञान और तकनीक का संस्थागत केंद्र है।

प्र.5राजस्थान मोटा अनाज संवर्धन मिशन के किसी घटक का उसके 2022-23 के प्रावधान से सही मिलान कौन-सा है?

A उन्नत बीज — करीब 2 लाख किसानों के लिए ₹20 करोड़
B सूक्ष्म पोषक तत्व और जैव-कीटनाशी किट — करीब 2 लाख किसानों के लिए ₹20 करोड़
C मोटा अनाज उत्कृष्टता केंद्र — 100 केंद्रों के लिए ₹40 करोड़
D प्रसंस्करण इकाइयाँ — पहली 10 इकाइयों के लिए ₹25 करोड़
व्याख्या

बजट 2022-23 में रियायती सूक्ष्म पोषक तत्व और जैव-कीटनाशी किट घटक के लिए करीब 2 लाख किसानों तथा ₹20 करोड़ का प्रावधान जोड़ा गया था। बाकी सही आंकड़े अलग घटकों के हैं: उन्नत बीज के लिए ₹25 करोड़, प्रसंस्करण इकाइयों के लिए ₹40 करोड़ और जोधपुर के केंद्र के लिए ₹5 करोड़।

आपने 5 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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