MCQ
अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया — NCF 2005 का दृष्टिकोण MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया — NCF 2005 का दृष्टिकोण के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1REET स्तर एक की अध्यापन-अधिगम अपेक्षाएँ जिस राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे पर आधारित हैं, उसे NCERT द्वारा औपचारिक रूप से किस वर्ष जारी किया गया?
REET स्तर एक के पाठ्यक्रम के पीछे का राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा NCERT द्वारा वर्ष 2005 में जारी किया गया था, इसी कारण इसे NCF 2005 कहा जाता है। 1986 का संदर्भ राष्ट्रीय शिक्षा नीति से है, तथा एक अलग राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा वर्ष 2000 में आया था। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में लागू हुआ और वह अधिकार व पहुँच से जुड़ा है, न कि पाठ्यचर्या ढांचे से। प्राथमिक कक्षाओं के लिए NCF 2005 ही प्रचलित संदर्भ बना रहता है।
प्र.2प्राथमिक स्तर पर अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया के लिए NCF 2005 के मार्गदर्शी सिद्धांतों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। (i) कक्षा में सिखाया गया ज्ञान बच्चे के विद्यालय के बाहर के जीवन से जुड़ा होना चाहिए। (ii) अधिगम मुख्यतः पाठ्यपुस्तक की सामग्री याद करने पर आधारित होना चाहिए। कौन-सा कथन सही है या कौन-से कथन सही हैं?
NCF 2005 विद्यालयी शिक्षा के लिए पाँच मार्गदर्शी सिद्धांत बताता है, और पहला ही सिद्धांत है ज्ञान को विद्यालय के बाहर के जीवन से जोड़ना। दूसरा सिद्धांत अधिगम को रटने की विधियों से हटाता है, अतः कथन (ii) ढांचे का सीधा खंडन करता है। अन्य सिद्धांत पाठ्यचर्या को पाठ्यपुस्तकों से आगे समृद्ध करना, परीक्षाओं को लचीला बनाना तथा संवेदनशील पहचान का पोषण करना हैं। कक्षा एक से पाँच के बच्चों के लिए ये सिद्धांत पाठों को स्थानीय परिवेश, पारिवारिक कार्य, त्योहारों और खेल से जोड़ने में अनुदित होते हैं।
प्र.3अभिकथन (A): NCF 2005 अनुशंसा करता है कि प्राथमिक शिक्षक पाठों को पाठ्यपुस्तक के अध्यायों के क्रम के बजाय बच्चों के अनुभवों और प्रश्नों के इर्द-गिर्द संगठित करे। कारण (R): ढांचा बच्चे को ज्ञान का सक्रिय निर्माता मानता है, जिसका अधिगम परिचित संदर्भों में सार्थक सहभागिता पर निर्भर है।
दोनों कथन सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है। NCF 2005 बच्चे को ज्ञान का सक्रिय निर्माता मानता है और इस बात पर जोर देता है कि कक्षा-अनुभव बच्चे के स्वभाव, परिवेश, अनुभवों और प्रश्नों से जुड़े हों। इसलिए प्राथमिक शिक्षक को केवल पाठ्यपुस्तक के अध्याय-क्रम से यांत्रिक रूप से बंधे नहीं रहना चाहिए; पाठों को परिचित संदर्भों से सार्थक जुड़ाव के आधार पर संगठित करना चाहिए। इसलिए विकल्प A सही है।
प्र.4एनसीएफ 2005 पाठ्यचर्या विकास के लिए कितने मार्गदर्शी सिद्धांत बताता है?
NCF 2005 के प्रारंभिक अध्याय में पाठ्यचर्या विकास के लिए ठीक पाँच मार्गदर्शी सिद्धांत दिए गए हैं। ये हैं — (1) ज्ञान को विद्यालय के बाहर के जीवन से जोड़ना, (2) अधिगम को रटने की विधियों से हटाना, (3) पाठ्यचर्या को इस तरह समृद्ध करना कि वह पाठ्यपुस्तकों से आगे जाए, (4) परीक्षाओं को अधिक लचीला बनाते हुए कक्षा-जीवन से जोड़ना और (5) भारत के लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर संवेदनशील सरोकारों से जुड़ी व्यापक पहचान का पोषण करना। इसलिए सही उत्तर पाँच है।
प्र.5राजस्थान के एक छोटे गाँव में कक्षा तीन की शिक्षिका रसोई की सब्जियाँ, साप्ताहिक हाट के अवलोकन और एक स्थानीय लोककथा का उपयोग करके गिनती और मापन की इकाई पढ़ाती है। NCF 2005 अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया की कौन-सी विशेषता यहाँ सबसे प्रत्यक्ष रूप से प्रकट होती है?
शिक्षिका द्वारा रसोई की सब्जियाँ, हाट का अवलोकन और स्थानीय लोककथा चुनना NCF 2005 के पहले मार्गदर्शी सिद्धांत — ज्ञान को विद्यालय के बाहर के जीवन से जोड़ना — को सीधे लागू करना है। यह ढांचा प्राथमिक शिक्षकों से कहता है कि वे बच्चे के आस-पास के परिवेश को पढ़ाने का साधन बनाएँ। इससे पढ़ाई पाठ्यपुस्तक से आगे बढ़कर और समृद्ध होती है, क्योंकि सीखना अब छपे पन्नों तक सीमित नहीं रहता। ऐसे में कक्षा सिर्फ़ किताब पर टिके लेन-देन से हटकर बच्चे की असली दुनिया से सार्थक बातचीत की ओर बढ़ती है।
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और प्रश्न
6REET स्तर एक के पाठ्यक्रम में संदर्भ के रूप में प्रयुक्त अध्यापन-अधिगम पद्धति बताने वाला NCF 2005 किस संस्था ने तैयार किया?
7NCF 2005 और प्राथमिक कक्षा में मूल्यांकन के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। (1) परीक्षाएँ लचीली हों और कक्षा के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी हों। (2) बच्चों के कार्य का सतत अवलोकन मूल्यांकन का वैध रूप माना जाता है। (3) बच्चों के दैनिक कार्य, परियोजनाओं व मौखिक अभिव्यक्ति के शिक्षक-अभिलेख मूल्यांकन का वैध भाग बनते हैं। कौन सा संयोजन सही है?
8NCF 2005 द्वारा प्रोत्साहित प्राथमिक स्तर के रचनावादी पाठ की निम्न अवस्थाओं को सही क्रम में सजाइए। (1) बच्चे नए विषय पर अपनी पूर्व अवधारणाओं को बोलकर या चित्र बनाकर साझा करते हैं। (2) शिक्षक बच्चों के जीवन से जुड़ा एक छोटा कार्य या समस्या प्रस्तुत करती हैं। (3) बच्चे जाँच करते हैं, समूह में चर्चा करते हैं तथा समाधान आजमाते हैं। (4) बच्चे अपने निष्कर्ष समझाते हैं, साथियों को सुनते हैं तथा अपनी समझ परिष्कृत करते हैं।
9सूची 1 में दिए गए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 के मार्गदर्शी सिद्धांतों को सूची 2 में उनके प्रमुख कक्षा-व्यवहार से मिलाइए। सूची 1: (अ) ज्ञान को विद्यालय के बाहर के जीवन से जोड़ना (ब) रटने से हटना (स) पाठ्यपुस्तक से आगे पाठ्यचर्या को समृद्ध करना (द) परीक्षाओं को कक्षा के जीवन से जोड़ना। सूची 2: (1) बच्चे के कार्य का सतत और निरंतर अवलोकन (2) स्थानीय त्योहारों और खेत-कार्यों से जुड़ी कहानियाँ सुनाना-सुनवाना (3) परिभाषाएँ दोहराने के बजाय बच्चे अपना तर्क समझाएँ (4) निर्धारित पुस्तक के साथ लोकगीत, चार्ट और खिलौनों का भी पढ़ने-सिखाने में उपयोग।
10निम्नलिखित में से कौन-सा कथन प्राथमिक स्तर पर अध्यापन-अधिगम के NCF 2005 दृष्टिकोण के अनुरूप नहीं है?
