MCQ
तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम के 95 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. AHWR को वाणिज्यिक परमाणु बिजली के लिए उन्नत सुरक्षा विशेषताओं और थोरियम उपयोग के प्रदर्शन के लिए अभिकल्पित किया गया है। 2. BARC ने AHWR को 500 मेगावाट विद्युत फास्ट ब्रीडर रिएक्टर बताया है। 3. AHWR में शीतलक के रूप में उबलता भारी जल और मंदक के रूप में हल्का जल उपयोग होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है। कथन 2 और 3 गलत हैं: BARC के अनुसार AHWR 300 मेगावाट विद्युत, ऊर्ध्व दबाव-नली प्रकार, उबलते हल्के जल से शीतलित और भारी जल से मंदित रिएक्टर है; यह 500 मेगावाट विद्युत FBR नहीं है और भारी जल से शीतलित/हल्के जल से मंदित भी नहीं है।
प्र.2निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्रिटिकलिटी वह अवस्था है, जिसमें नियंत्रित और सतत परमाणु विखंडन श्रृंखला अभिक्रिया शुरू होती है। 2. क्रिटिकलिटी पर विखंडन से बने न्यूट्रॉन, अवशोषण और रिसाव से खोए न्यूट्रॉन के बराबर होते हैं। 3. क्रिटिकलिटी वह अंतिम चरण है, जो रिएक्टर के वाणिज्यिक बिजली आपूर्ति शुरू करने के बाद आता है। 4. PIB, PFBR की क्रिटिकलिटी को त्रिस्तरीय कार्यक्रम के दूसरे चरण में भारत के प्रवेश से जोड़ता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। PIB क्रिटिकलिटी को नियंत्रित और सतत विखंडन श्रृंखला अभिक्रिया की शुरुआत बताता है, उस बिंदु पर न्यूट्रॉन संतुलन समझाता है, और PFBR क्रिटिकलिटी को दूसरे चरण में प्रवेश से जोड़ता है। कथन 3 गलत है, क्योंकि क्रिटिकलिटी निर्माण से संचालन की ओर संक्रमण और ऊष्मा तथा बिजली उत्पादन की पहली जरूरी सीढ़ी है, वाणिज्यिक आपूर्ति के बाद का अंतिम चरण नहीं।
प्र.3भारत के त्रिस्तरीय परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. खर्च हो चुके PHWR ईंधन से निकला प्लूटोनियम फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों के लिए ईंधन का काम करता है। 2. फास्ट ब्रीडर रिएक्टर परमाणु कार्यक्रम के पहले चरण का हिस्सा हैं। 3. फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में ब्लैंकेट का यूरेनियम-238 रूपांतरण के जरिए नया प्लूटोनियम-239 बनाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है: BARC प्रयुक्त PHWR ईंधन से प्राप्त प्लूटोनियम को FBR ईंधन के रूप में इस्तेमाल करता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि FBR पहले नहीं, दूसरे चरण से संबंधित हैं। कथन 3 सही है: ब्लैंकेट में यूरेनियम-238 से प्लूटोनियम-239 बनता है।
प्र.4थोरियम विकिरण और यू-233 पुनर्प्राप्ति की उपलब्धियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. थोरिया आवरण असेंबलियों को FBTR में विकिरित किया गया है। 2. CIRUS में विकिरित थोरिया ईंधन छड़ों को BARC की यूरेनियम थोरियम पृथक्करण सुविधा में पुनर्प्रसंस्कृत किया गया है। 3. CIRUS की थोरिया छड़ों से प्राप्त यू-233 को KAMINI रिएक्टर के ईंधन के रूप में बनाया गया है। 4. FBTR की थोरिया आवरण असेंबलियों से प्राप्त यू-233 को नियमित PHWR शीतलक के रूप में उपयोग किया गया है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। BARC ने FBTR की थोरिया आवरण असेंबलियों, CIRUS की थोरिया छड़ों के UTSF में पुनर्प्रसंस्करण और प्राप्त यू-233 से KAMINI ईंधन निर्माण का उल्लेख किया है। कथन 4 गलत है; FBTR से प्राप्त यू-233 का उपयोग PFBR प्रकार की ईंधन असेंबली के प्रायोगिक विकिरण में हुआ था, PHWR शीतलक के रूप में नहीं।
प्र.5निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कलपक्कम का PFBR 700 मेगावाट विद्युत रिएक्टर है। 2. इसकी तकनीक का विकास और डिजाइन NPCIL ने स्वदेशी रूप से किया। 3. इसका निर्माण और कमीशनिंग परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड ने की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
तीनों कथन गलत हैं। PFBR 700 नहीं, 500 मेगावाट विद्युत रिएक्टर है। इसकी स्वदेशी प्रौद्योगिकी का विकास और अभिकल्पना IGCAR ने की, जबकि निर्माण और कमीशनिंग BHAVINI ने की। PIB के अनुसार AERB की भूमिका सुरक्षा समीक्षा के बाद नियामकीय स्वीकृति की थी, निर्माण या कमीशनिंग की नहीं।
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और प्रश्न
6PFBR के आवरण और ब्रीडिंग के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. PFBR का कोर यू-238 के आवरण से घिरा होता है। 2. तीव्र न्यूट्रॉन उर्वर यू-238 को विखंडनीय प्लूटोनियम-239 में बदलते हैं। 3. PFBR को भविष्य में आवरण में थोरियम-232 के उपयोग के लिए भी डिजाइन किया गया है। 4. आवरण में थोरियम-232 को प्लूटोनियम-239 में बदला जाता है, जो चरण-3 को शक्ति देता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
7निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. PFBR यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ऑक्साइड ईंधन का उपयोग करता है। 2. इसके कोर के चारों ओर यूरेनियम-238 का आवरण होता है। 3. PFBR में तीव्र न्यूट्रॉन उर्वर यूरेनियम-238 को यूरेनियम-233 में बदलते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
8BARC द्वारा बताई गई थोरियम ईंधन-चक्र उपलब्धियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. CIRUS में विकिरणित थोरिया ईंधन रॉडों को BARC की यूरेनियम थोरियम सेपरेशन सुविधा में पुनःप्रसंस्कृत किया गया। 2. उन CIRUS थोरिया ईंधन रॉडों से प्राप्त यूरेनियम-233 को KAMINI रिएक्टर के ईंधन के रूप में बनाया गया। 3. FBTR में विकिरणित थोरिया ब्लैंकेट असेंबली को IGCAR में पुनःप्रसंस्कृत किया गया और प्राप्त यूरेनियम-233 का उपयोग FBTR में PFBR-प्रकार ईंधन असेंबली के प्रायोगिक विकिरण के लिए किया गया। 4. BARC बताता है कि थोरियम ईंधन-चक्र पर कार्य केवल 2026 में PFBR की पहली क्रिटिकलिटी के बाद शुरू हुआ। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
9भारत के परमाणु कार्यक्रम के चरणों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चरण II में चरण I में उत्पादित प्लूटोनियम से ईंधनित FBR परिकल्पित हैं। 2. चरण II के रिएक्टर थोरियम से यूरेनियम-233 भी उत्पन्न कर सकते हैं। 3. चरण III में केवल प्राकृतिक यूरेनियम को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने वाले ऊर्जा रिएक्टर शामिल हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
10निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कलपक्कम का PFBR भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड ने बनाया है। 2. PFBR की प्रौद्योगिकी इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र ने विकसित की। 3. पारंपरिक तापीय रिएक्टरों से अलग, PFBR यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ऑक्साइड ईंधन का उपयोग करता है। 4. PFBR तारापुर परमाणु परिसर में स्थित है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
11भारत के परमाणु कार्यक्रम में IMSBR के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. BARC भारतीय पिघला लवण ब्रीडर रिएक्टर को तीसरे चरण के भाग के रूप में थोरियम जलाने का प्लेटफ़ॉर्म बताता है। 2. IMSBR का ईंधन लगातार प्रवाहित होने वाला पिघला फ्लोराइड लवण है। 3. IMSBR प्राकृतिक यूरेनियम ईंधन बंडलों का उपयोग करने वाला चरण I PHWR है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
12निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फास्ट ब्रीडर प्रौद्योगिकी को भारत के PHWR बेड़े और भविष्य के थोरियम-आधारित रिएक्टरों के बीच सेतु बताया गया है। 2. PFBR को अंततः आवरण में थोरियम-232 के उपयोग के लिए अभिकल्पित किया गया है। 3. इस मार्ग में थोरियम-232 को तीसरे चरण के लिए प्लूटोनियम-239 में बदला जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
13परमाणु ऊर्जा विभाग के 27 अप्रैल 2026 के वक्तव्य के अनुसार, कलपक्कम स्थित 500 मेगावाट प्रोटोटाइप फ़ास्ट ब्रीडर रिएक्टर भारत के त्रिस्तरीय परमाणु कार्यक्रम के किस चरण की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है?
14भारत के त्रिस्तरीय परमाणु कार्यक्रम में थोरियम के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. थोरियम-232 स्वयं विखंडनीय पदार्थ है और सीधे तीसरे चरण का मुख्य ईंधन बनता है। 2. थोरियम-232 न्यूट्रॉन पकड़कर यूरेनियम-233 में बदल सकता है। 3. यूरेनियम-233 को कार्यक्रम के पहले चरण का ईंधन माना गया है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
15निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का त्रिस्तरीय कार्यक्रम बंद परमाणु ईंधन चक्र पर आधारित है। 2. कार्यक्रम का उद्देश्य घरेलू विखंडनीय संसाधनों को क्रमशः बढ़ाना है। 3. कार्यक्रम की रचना में हर चरण अगले चरण को आधार देता है। 4. तीसरे चरण का उद्देश्य पहले बने यू-233 का उपयोग कर भारत के थोरियम संसाधनों को बड़े पैमाने पर काम में लाना है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
