MCQ
भारत के अंतरिक्ष मिशन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए भारत के अंतरिक्ष मिशन के 53 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1पोएम 3 ईंधन सेल परीक्षण के दौरान निम्न को सही कार्य क्रम में लगाइए: 1. हाइड्रोजन और ऑक्सीजन उच्च दबाव पात्रों में यान पर उपलब्ध थे। 2. ईंधन सेल प्रणाली ने परीक्षण के दौरान इन्हीं यान पर मौजूद गैसों का उपयोग किया। 3. 180 वाट विद्युत उत्पादन दर्ज हुआ। कौन सा क्रम सही है?
उद्धृत तथ्य कहता है कि 180 वाट विद्युत उत्पादन यान पर मौजूद हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से हुआ, जिन्हें उच्च दबाव पात्रों में रखा गया था। इसलिए सही कार्य क्रम है कि पहले हाइड्रोजन और ऑक्सीजन उच्च दबाव पात्रों में यान पर उपलब्ध थे, फिर ईंधन सेल प्रणाली ने परीक्षण में उनका उपयोग किया, और इसके बाद 180 वाट उत्पादन दर्ज हुआ। जो क्रम गैसों की उपलब्धता या उनके उपयोग से पहले विद्युत उत्पादन रखता है, वह इस बताए गए संबंध को तोड़ देता है।
प्र.2गगनयान टीवी-डी1 टेस्ट व्हीकल के तत्वों को उनके सही विवरणों से मिलाएँ: सूची 1 1. प्रणोदन विन्यास 2. इंजन 3. अग्र सिरे की असेंबली सूची 2 क. संशोधित विकास इंजन ख. क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम ग. तरल प्रणोदित एकल चरण वाहन सही मिलान चुनें।
सही मिलान यह है: प्रणोदन विन्यास तरल प्रणोदित एकल चरण वाहन से, इंजन संशोधित विकास इंजन से, और अग्र सिरे की असेंबली क्रू मॉड्यूल तथा क्रू एस्केप सिस्टम से जुड़ती है। जिन मिलानों में इंजन को वाहन विन्यास बनाया गया है, क्रू मॉड्यूल को प्रणोदन बताया गया है, या क्रू एस्केप सिस्टम को इंजन की जगह रखा गया है, वे दिए गए विवरण से मेल नहीं खाते।
प्र.3मई 2026 में इसरो के शुक्रयान मिशन से संबंधित भारत-स्वीडन समझौता ज्ञापन का सही वर्णन निम्नलिखित में से कौन सा है?
भारत और स्वीडन ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिससे स्वीडिश राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के शुक्र परिक्रमा मिशन शुक्रयान में भाग ले सकेगी। इसका लक्ष्य मार्च 2028 में प्रक्षेपण और जुलाई 2028 में शुक्र की कक्षा में प्रवेश है। यह मिशन मंगल, चंद्रमा या ईएसए नेतृत्व के बारे में नहीं है।
प्र.4अभिकथन। चंद्रयान 3 का लैंडर मॉड्यूल 17 अगस्त 2023 को प्रणोदन मॉड्यूल से सफलतापूर्वक अलग हुआ। कारण। इसरो के दिए गए मिशन रिकॉर्ड में लैंडर मॉड्यूल के प्रणोदन मॉड्यूल से सफल अलगाव की तारीख 17 अगस्त 2023 दी गई है। सही उत्तर चुनें।
अभिकथन सही है क्योंकि इसरो के दिए गए तथ्य में चंद्रयान 3 के लैंडर मॉड्यूल का प्रणोदन मॉड्यूल से 17 अगस्त 2023 को सफल अलगाव बताया गया है। कारण भी सही है और सीधे अभिकथन को समझाता है क्योंकि वह उसी दर्ज मिशन घटना की ओर इशारा करता है। कारण को व्याख्या न मानना कारण को गलत मानना या अभिकथन को गलत मानना दिए गए तथ्य से मेल नहीं खाता।
प्र.5आदित्य एल1 से जुड़े संस्थागत कामों को सही संस्थानों से मिलाइए। सूची 1 1 अंतरिक्षयान की डिजाइन और निर्माण 2 पेलोड विकास में योगदान सूची 2 क यू आर राव उपग्रह केंद्र ख आईआईए आईयूसीएए और इसरो सहित भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं ग सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र घ विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र
आदित्य एल1 की डिजाइन और निर्माण यू आर राव उपग्रह केंद्र में हुआ था। इसके पेलोड आईआईए आईयूसीएए और इसरो सहित भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं ने विकसित किए। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र इसरो के अहम केंद्र हैं लेकिन दिए गए तथ्य में इन दोनों भूमिकाओं के लिए वे नामित संस्थान नहीं हैं।
आपने 53 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
भारत के अंतरिक्ष मिशन पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।
और प्रश्न
6अभिकथन: आदित्य-एल1 की सूर्य-पृथ्वी एल1 के चारों ओर हेलो कक्षा प्रविष्टि 6 जनवरी 2024 को लगभग 16:00 बजे भारतीय मानक समय पर पूरी हुई। कारण: इस प्रक्रिया ने आदित्य-एल1 को पृथ्वी-चंद्रमा एल1 बिंदु के चारों ओर स्थापित किया। सही उत्तर चुनें।
7अभिकथन: निसार 2392 किग्रा वजनी है और पृथ्वी का दोहरी-आवृत्ति एसएआर से अवलोकन करने वाला पहला उपग्रह बताया गया है। कारण: इसका दोहरी-आवृत्ति एसएआर अवलोकन नासा के एल-बैंड और इसरो के एस-बैंड पेलोड के ज़रिए होता है। सही उत्तर चुनें।
8कौन सा युग्म आदित्य-एल1 की चुनी गई हेलो कक्षा की पृथ्वी से दूरी और उसकी लगभग कक्षीय अवधि को सही बताता है?
9आदित्य-एल1 के प्रक्षेपण से जुड़ी बातों को सही विवरणों से मिलाएँ: सूची 1 1. प्रक्षेपण यान 2. प्रक्षेपण तारीख 3. प्रक्षेपण स्थल 4. शुरुआती दीर्घवृत्ताकार पार्किंग कक्षा सूची 2 क. 2 सितंबर 2023 ख. एसडीएससी शार ग. पीएसएलवी-सी57 घ. 235.6 किलोमीटर से 19502.7 किलोमीटर सही कूट चुनें।
10जीसैट-एन2 के बारे में नीचे दिए गए अभिकथन-कारण युग्म पर विचार करें: अभिकथन: जीसैट-एन2 को एनएसआईएल मिशन कहा जा सकता है, जिसमें उपग्रह यू आर राव उपग्रह केंद्र ने विकसित किया। कारण: इसके संचार पेलोड न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के लिए अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र ने दिए थे। सही उत्तर चुनें।
11निम्नलिखित में से कौन-सा इसरो द्वारा प्रक्षेपित अंतरिक्ष मिशन नहीं है?
12भारत सरकार ने चंद्रयान-3 की सुरक्षित सॉफ्ट लैंडिंग और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास प्रज्ञान रोवर की तैनाती को चिह्नित करने के लिए किस तारीख को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस घोषित किया?
13एसएसएलवी-डी3 ईओएस-08 उड़ान के बारे में निम्न अभिकथन और कारण पर विचार करें: अभिकथन: सफल एसएसएलवी-डी3 ईओएस-08 उड़ान ने एसएसएलवी विकास परियोजना को पूरा किया। कारण: इसकी सफलता से भारतीय उद्योग और एनएसआईएल के ज़रिए परिचालन एसएसएलवी मिशनों का रास्ता खुला। सही उत्तर चुनें।
14एक्सपोसैट पर लगे पोलिक्स पेलोड के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार करें: 1. इसे एक्स किरण ध्रुवण मापने के लिए बनाया गया है। 2. इसकी कार्य ऊर्जा पट्टी 8 से 30 किलो इलेक्ट्रॉन वोल्ट है। 3. इसे लगभग 500 संभावित ब्रह्मांडीय स्रोतों के लिए बनाया गया है। ऊपर दिए गए कथनों में कौन से सही हैं?
15चंद्रयान 3 के चंद्र कक्षा प्रवेश के बारे में ये कथन देखें। 1. चंद्रयान 3 को 5 अगस्त 2023 को चंद्र कक्षा में प्रवेश कराया गया। 2. प्राप्त कक्षा 164 किमी × 18074 किमी थी। 3. उस प्रवेश के लिए बताई गई प्राप्त कक्षा 25 किमी × 134 किमी थी। 4. लैंडर मॉड्यूल उसी तारीख को प्रणोदन मॉड्यूल से अलग हुआ। कौन से कथन सही हैं?
