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बीरबल साहनी संस्थान का जामुन अध्ययन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए बीरबल साहनी संस्थान का जामुन अध्ययन के 94 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1BSIP के जामुन अध्ययन की जैव-भौगोलिक व्याख्या के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिज़ीजियम का उद्गम पहले ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण-पूर्व एशिया तक सीमित माना जाता था। 2. नया अध्ययन सिज़ीजियम के केवल दक्षिण-पूर्व एशियाई उद्गम का समर्थन करता है। 3. लगभग 6 करोड़ से 2 करोड़ वर्ष पुराने भारतीय जीवाश्म अभिलेखों का इस कार्य से पहले व्यापक पुनर्मूल्यांकन नहीं हुआ था। 4. अध्ययन ने सांख्यिकीय विधियों को अस्वीकार कर केवल क्षेत्रीय संग्रह टिप्पणियों पर भरोसा किया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 1 और 3
C केवल 2, 3 और 4
D केवल 1, 3 और 4
व्याख्या

कथन 1 और 3 सही हैं। विभाग ने पुराने ऑस्ट्रेलिया/दक्षिण-पूर्व एशिया मत और लगभग 6 करोड़-2 करोड़ वर्ष पुराने भारतीय अभिलेखों के अपर्याप्त पुनर्मूल्यांकन का उल्लेख किया है। कथन 2 गलत है क्योंकि अध्ययन पूर्वी गोंडवानन उद्गम और भारत को आरंभिक विविधीकरण केंद्र बताता है। कथन 4 गलत है क्योंकि विभाग के अनुसार सांख्यिकीय विधियां लागू की गई थीं।

प्र.2जामुन अध्ययन से जुड़े संस्थानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अध्ययन का नेतृत्व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान बीरबल साहनी पुरावैज्ञानिक संस्थान ने किया। 2. एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च इस अध्ययन से जुड़ा था। 3. नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय के विभाग इस अध्ययन से जुड़े थे। 4. रिसर्च मैटर्स भी इस दल में बीएसआईपी, एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च और त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल को शामिल बताता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1, 2 और 3
B केवल 1 और 4
C केवल 2, 3 और 4
D 1, 2, 3 और 4
व्याख्या

चारों कथन सही हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने बीएसआईपी को अध्ययन का नेतृत्व करने वाला स्वायत्त संस्थान बताया और एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च तथा त्रिभुवन विश्वविद्यालय के विभागों का भी उल्लेख किया। रिसर्च मैटर्स भी दल में बीएसआईपी, एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च और त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल को बताता है।

प्र.3बीएसआईपी जामुन अध्ययन में सिज़ीजियम की उत्पत्ति और पूर्व धारणाओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अध्ययन का निष्कर्ष है कि सिज़ीजियम का उद्गम केवल ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण-पूर्व एशिया में हुआ। 2. शोधकर्ताओं ने जीवाश्म साक्ष्य और लगभग 5.1 करोड़ वर्ष पूर्व उद्गम बताने वाली आणविक वंश-वृक्ष समयरेखाओं के बीच असंगतियां देखीं। 3. अध्ययन सिज़ीजियम के पूर्वी गोंडवानन उद्गम को लगभग 8 करोड़ वर्ष पूर्व तक ले जाता है। 4. अध्ययन भारत को इस वंश के आरंभिक विविधीकरण का प्रमुख केंद्र मानता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A 1 और 2 मात्र
B 1, 3 और 4 मात्र
C 2, 3 और 4 मात्र
D 1, 2, 3 और 4
व्याख्या

कथन 1 गलत है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण-पूर्व एशिया वाली बात पूर्व धारणा थी, अध्ययन का निष्कर्ष नहीं। कथन 2 सही है: विभाग ने जीवाश्म साक्ष्य और लगभग 5.1 करोड़ वर्ष पूर्व वाली आणविक वंश-वृक्ष समयरेखाओं के बीच असंगतियां बताई हैं। कथन 3 सही है, क्योंकि अध्ययन पूर्वी गोंडवानन उद्गम को लगभग 8 करोड़ वर्ष पूर्व तक ले जाता है। कथन 4 सही है, क्योंकि विभाग ने भारत को आरंभिक विविधीकरण का प्रमुख केंद्र बताया है।

प्र.4जामुन जीवाश्म अध्ययन में नामकरण और पत्ती-लक्षणों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जीवाश्म प्रजाति का नाम किसी जीवित पशु वंश के आधार पर रखा गया। 2. जीवाश्म को कांटेदार पत्तियों और समानांतर शिरा-विन्यास वाला बताया गया। 3. सिज़ीजियम पैलियोसैलिसिफोलियम नाम उसके निकटतम जीवित संबंधी सिज़ीजियम सैलिसिफोलियम के सम्मान में रखा गया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 1 और 3
C केवल 2 और 3
D केवल 3
व्याख्या

केवल कथन 3 सही है। रिसर्च मैटर्स के अनुसार नाम निकटतम जीवित संबंधी सिज़ीजियम सैलिसिफोलियम के सम्मान में रखा गया। कथन 1 और 2 स्रोत को विकृत करते हैं: नामकरण पौधे से जुड़ा है, और बताए गए लक्षणों में संकरी सममित अंडाकार-सी आकृति तथा जाल-जैसा शिरा-विन्यास है, पशु वंश या समानांतर शिरा-विन्यास नहीं।

प्र.5जामुन अध्ययन में वर्णित जीवाश्म साक्ष्य के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अध्ययन में सिज़ीजियम की 11 संरक्षित जीवाश्म पत्तियों की सूचना दी गई। 2. ये पत्तियां लगभग 2 करोड़ वर्ष पुराने प्रारंभिक मियोसीन जमावों से थीं। 3. जीवाश्म पत्तियों को होलोसीन काल का माना गया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C केवल 1 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

कथन 1 और 2 सही हैं, क्योंकि विभाग ने लगभग 2 करोड़ वर्ष पुराने प्रारंभिक मियोसीन जमावों से 11 जीवाश्म पत्तियां बताई हैं। कथन 3 गलत है; होलोसीन कथन उद्धृत प्रारंभिक मियोसीन आयु का विकृत रूप है।

आपने 94 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6BSIP जामुन अध्ययन के RAS के लिए प्रासंगिक निष्कर्षों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अध्ययन सिज़ीजियम के लगभग 8 करोड़ वर्ष पूर्व पूर्वी गोंडवानन उद्गम और भारत को बड़े आरंभिक विविधीकरण केंद्र के रूप में इंगित करता है। 2. अध्ययन में प्रयुक्त कसौली जीवाश्म लगभग 8 करोड़ वर्ष पुराने हैं। 3. अध्ययन से पुष्टि होती है कि यह वंश पहले ऑस्ट्रेलिया से दक्षिण-पूर्व एशिया होकर भारत पहुंचा। 4. विभाग अध्ययन को पादप विकास और एशियाई वनस्पतियों की जैव विविधता में भारत की भूमिका से जोड़ता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 2 और 4
Cकेवल 1, 2 और 4
Dकेवल 1 और 4

7जामुन अध्ययन में स्तरिकी और कालक्रम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग कहता है कि भारत से पहले के जीवाश्म अभिलेख लगभग 6 करोड़ से 2 करोड़ वर्ष पूर्व तक फैले थे। 2. विभाग कहता है कि विकास की सतत समयरेखा बनाने के लिए पैलियोजीन और नियोजीन निक्षेपों से पहले बताए गए जीवाश्मों का गहन पुनर्परीक्षण किया गया। 3. रिसर्च मैटर्स प्रारंभिक मियोसीन को 2 करोड़ से 50 लाख वर्ष पूर्व का काल बताता है। 4. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई खोजी गई सिज़ीजियम जीवाश्म पत्तियों को भारत के प्रारंभिक मियोसीन निक्षेपों से जोड़ता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 4
Cकेवल 1, 2 और 3
Dकेवल 1, 3 और 4

8जामुन अध्ययन में अपनाई गई विधियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जीवाश्मों का विश्लेषण सूक्ष्मदर्शी परीक्षण और विस्तृत आकारिकी लक्षणों के आधार पर किया गया। 2. तुलनात्मक विश्लेषण में हर्बेरियम संग्रहों और वैश्विक डेटाबेसों का उपयोग किया गया। 3. वर्गिकी स्थान की पुष्टि केवल जीवाश्म पत्तियों से निकाले गए प्राचीन डीएनए से की गई। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 2
C1, 2 और 3
Dकेवल 1 और 2

9BSIP के जामुन अध्ययन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अध्ययन बीरबल साहनी पुरावैज्ञानिक संस्थान ने नेतृत्व किया, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का स्वायत्त संस्थान है। 2. अध्ययन में प्रयुक्त जीवाश्म नमूने राजस्थान की कसौली संरचना से एकत्र किए गए थे। 3. अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि सिज़ीजियम का उद्गम लगभग 5.1 करोड़ वर्ष पूर्व ऑस्ट्रेलिया-न्यू गिनी क्षेत्र में हुआ। 4. जीवाश्मों की पहचान में 22 आकृतिक लक्षणों पर आधारित विश्लेषण का उपयोग हुआ। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 4
Bकेवल 1, 2 और 4
Cकेवल 2 और 3
Dकेवल 1, 3 और 4

10सिज़ीजियम पर निष्कर्षों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अध्ययन सिज़ीजियम वंश के लगभग 8 करोड़ वर्ष पूर्व पूर्वी गोंडवाना से उद्गम की ओर संकेत करता है। 2. यह बताता है कि भारत सिज़ीजियम के प्रारंभिक विविधीकरण का प्रमुख केंद्र था। 3. यह पुष्टि करता है कि सिज़ीजियम भारत में पहली बार केवल लेट प्लीस्टोसीन में दिखाई दिया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A1, 2 और 3
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
Dकेवल 1 और 2

11जामुन जीवाश्म खोज पर रिपोर्ट में दिए गए पुरावनस्पति विवरणों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रिसर्च मैटर्स सिज़ीजियम को पुष्पीय वृक्षों और पौधों का ऐसा वंश बताता है जिसमें आज 1,200 से अधिक प्रजातियां हैं, जिनमें आधुनिक लौंग का पौधा भी शामिल है। 2. जीवाश्म हिमाचल प्रदेश के सोलन ज़िले में कसौली संरचना से मिला था। 3. रिपोर्ट में प्रारंभिक मियोसीन को 2 करोड़ से 50 लाख वर्ष पूर्व की अवधि बताया गया है। 4. नए वर्णित जीवाश्म में पत्ती के आकार या शिरा-विन्यास से जुड़े कोई विशिष्ट लक्षण नहीं थे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A1, 2 और 3 मात्र
B1 और 4 मात्र
C2 और 3 मात्र
D1, 2, 3 और 4

12जामुन विकास अध्ययन के प्रकाशन और महत्व के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लेख के अनुसार अध्ययन जर्नल ऑफ पैलियोजियोग्राफी में प्रकाशित हुआ। 2. लेख पौधों के जीवाश्म अभिलेखों को भविष्य के जलवायु परिदृश्यों के बारे में अनुमानों से जोड़ता है। 3. अध्ययन का निष्कर्ष है कि सिज़ीजियम लेट प्लीस्टोसीन के बाद ही ऑस्ट्रेलिया से भारत आया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 2
D1, 2 और 3

13सिज़ीजियम के भारतीय जीवाश्म अभिलेख के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत से मिले पहले के जीवाश्म अभिलेख लगभग 6 करोड़ से 2 करोड़ वर्ष पूर्व तक फैले थे। 2. पुनर्परीक्षण से संकेत मिलता है कि सिज़ीजियम प्रारंभिक इओसीन, 5.5 करोड़ वर्ष पूर्व से भारतीय क्षेत्र में उपस्थित था। 3. अध्ययन में कहा गया है कि लेट प्लीस्टोसीन तक सिज़ीजियम भारतीय प्लेट पर अनुपस्थित था। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 3
D1, 2 और 3

14जामुन अध्ययन में चर्चा किए गए भारतीय जीवाश्म अभिलेख के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत से पहले के जीवाश्म अभिलेख लगभग 6 करोड़ से 2 करोड़ वर्ष पूर्व तक फैले थे। 2. पुनर्परीक्षण से पता चला कि सिज़ीजियम भारत में पहली बार केवल लेट प्लीस्टोसीन में आया। 3. यह वंश लगभग 5.5 करोड़ वर्ष पूर्व प्रारंभिक इओसीन से ही भारतीय क्षेत्र में मौजूद था। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 2 और 3
Dकेवल 2

15जामुन पौधे और सिज़ीजियम निष्कर्ष के व्यापक महत्व के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जामुन, अर्थात सिज़ीजियम क्यूमिनी, मिर्टेसी कुल के सिज़ीजियम वंश से संबंधित है। 2. जामुन को इंडियन ब्लैकबेरी, ब्लैक प्लम या जावा प्लम भी कहा जाता है। 3. अध्ययन पूर्व धारणाओं को बदलते हुए प्रस्तावित करता है कि वंश संभवतः भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर फैला। 4. अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि यह वंश औद्योगिक क्रांति के बाद ही ऑस्ट्रेलिया से भारत पहुँचा। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 4
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 2
Dकेवल 1, 2 और 3

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में और विषय

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