Q1. हाथीपाँव रोग किससे होता है?
Explanation
हाथीपाँव, यानी लसीका फाइलेरियासिस, फाइलेरियल कृमियों से होता है। ये कृमि लसीका वाहिनियों को प्रभावित करते हैं, जिससे लंबे समय तक सूजन रहती है और पैर बहुत मोटे दिख सकते हैं। फीताकृमि आम तौर पर आँतों में संक्रमण और पोषण से जुड़ी समस्या करते हैं, हाथीपाँव नहीं। चपटे कृमि परजीवियों का बड़ा समूह हैं, पर यहाँ पूछा गया खास कारण वे नहीं हैं। एस्कैरिस आँत का गोलकृमि है और उससे एस्कारियासिस होता है, हाथीपाँव नहीं।
