Q1. तार की एक कुंडली का क्षेत्रफल 600 वर्ग सेमी है और उसमें 500 फेरे हैं। यदि उसमें 1.5 एम्पियर धारा प्रवाहित होती है, तो उसका चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण कितना होगा?
Explanation
धारा-वाहक कुंडली का चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण फेरों की संख्या, धारा और वर्ग मीटर में क्षेत्रफल के गुणनफल से मिलता है। यहां 600 वर्ग सेमी = 600/10000 = 0.06 वर्ग मीटर है। इसलिए गणना 500 × 1.5 × 0.06 = 45 एम्पियर मीटर वर्ग होगी। 10, 15 और 30 एम्पियर मीटर वर्ग जैसे मान तभी आते हैं जब क्षेत्रफल का रूपांतरण, फेरों की संख्या या गुणा में गलती हो। दिए गए आंकड़ों से 45 एम्पियर मीटर वर्ग सही है।
