Aspirant Academy

MCQ

परमाणु सुरक्षा MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए परमाणु सुरक्षा के 92 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.11. AERB के अनुसार भारत के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के डिजाइन में बहुस्तरीय सुरक्षा, दोहरी व्यवस्थाएं और विविधता अंतर्निहित हैं। 2. भारतीय परमाणु ऊर्जा संयंत्र बैकअप शीतलन प्रणालियों पर निर्भर करते हैं, पर रेडियोधर्मिता को सीमित रखने के लिए मजबूत कंटेनमेंट प्रणालियों का उपयोग नहीं करते। 3. परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की आपातकालीन तैयारी और प्रतिक्रिया योजनाओं का परीक्षण किया जाता है और उन्हें नियमित रूप से संशोधित किया जाता है। 4. AERB परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में रेडियोलॉजिकल आपात स्थितियों को केवल ऑन-साइट और ऑफ-साइट आपात स्थितियों में वर्गीकृत करता है, संयंत्र आपात स्थिति को अलग नहीं मानता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 3
B केवल 1, 2 और 3
C केवल 2 और 4
D केवल 1, 3 और 4
व्याख्या

कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है, क्योंकि मजबूत कंटेनमेंट प्रणालियां स्पष्ट रूप से बताई गई हैं। कथन 3 सही है। कथन 4 गलत है, क्योंकि AERB आपात स्थितियों को संयंत्र, ऑन-साइट और ऑफ-साइट तीन श्रेणियों में रखता है।

प्र.21. विकिरणीय आपातकाल में सुरक्षा कार्रवाइयों में निकासी और आश्रय लेना शामिल हो सकते हैं। 2. उपयुक्त होने पर पोटैशियम आयोडाइड को निकासी या आश्रय के साथ पूरक उपाय के रूप में लिया जा सकता है। 3. आश्रय लेना बाहर रहने की तुलना में व्यक्ति की विकिरण मात्रा हमेशा बढ़ा देता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 3
B केवल 2
C 1, 2 और 3
D केवल 1 और 2
व्याख्या

कथन 1 और 2 सही हैं: NRC में निकासी, आश्रय और KI का उल्लेख है, जिसमें KI पूरक है। कथन 3 गलत है क्योंकि NRC के अनुसार आश्रय लेने से बाहर रहने की तुलना में मात्रा काफी कम हो सकती है।

प्र.31. भारत में परमाणु विद्युत संयंत्रों के लिए परमाणु और विकिरण सुरक्षा संबंधी AERB की नियामकीय अपेक्षाएं सामान्यतः प्रौद्योगिकी और संस्था के मामले में तटस्थ हैं। 2. AERB किसी परमाणु विद्युत संयंत्र को संचालन लाइसेंस स्थल-चयन, निर्माण और कमीशनिंग चरणों की संतोषजनक समीक्षा के बाद ही जारी करता है। 3. भारत की नियामकीय अपेक्षाएं सामान्यतः हर 5 वर्ष में व्यापक आवधिक सुरक्षा समीक्षा निर्धारित करती हैं। 4. घटनाओं या विशिष्ट गतिविधियों की आवश्यकता होने पर AERB के नियमित निरीक्षणों के साथ विशेष या प्रतिक्रियात्मक निरीक्षण भी किए जा सकते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1, 2 और 3
B केवल 1, 2 और 4
C केवल 3 और 4
D केवल 2 और 4
व्याख्या

कथन 1, 2 और 4 सही हैं। PIB विज्ञप्ति बताती है कि AERB अपेक्षाएँ सामान्यतः किसी खास प्रौद्योगिकी या संस्था से बंधी नहीं होतीं, संचालन लाइसेंस को स्थल-चयन, निर्माण और कमीशनिंग की संतोषजनक समीक्षा से जोड़ा जाता है और विशेष या प्रतिक्रियात्मक निरीक्षण भी हो सकते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि आवधिक सुरक्षा समीक्षा सामान्यतः हर 10 वर्ष में होती है, 5 वर्ष में नहीं।

प्र.41. AERB के नियामकीय सुरक्षा दस्तावेज परमाणु ऊर्जा (विकिरण संरक्षण) नियम, 2004 के प्रावधानों के अधीन जारी किए जाते हैं। 2. AERB सुरक्षा संहिताएं सुरक्षा के पर्याप्त आश्वासन के लिए पूरे किए जाने वाले उद्देश्य और अपेक्षाएं निर्धारित करती हैं। 3. सुरक्षा मार्गदर्शिकाएं केवल जन-जागरूकता दस्तावेज हैं और संहिता अपेक्षाओं को विस्तार से नहीं बतातीं। 4. AERB का अनुपालन ढांचा केवल परमाणु विद्युत संयंत्रों तक सीमित है और विकिरण सुविधाओं तथा गतिविधियों को शामिल नहीं करता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 1, 3 और 4
C केवल 2 और 3
D केवल 1, 2 और 4
व्याख्या

कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि AERB के अनुसार सुरक्षा मार्गदर्शिकाएं सुरक्षा संहिताओं की अपेक्षाओं और उनके क्रियान्वयन के अनुशंसित तरीकों को विस्तार देती हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि इन दस्तावेजों का अनुपालन सुविधाओं और गतिविधियों के विनियमन का आधार है, केवल परमाणु विद्युत संयंत्रों का नहीं।

प्र.51. INES परमाणु और विकिरणीय घटनाओं के सुरक्षा संबंधी महत्व को जनता तक समान तरीके से पहुंचाने का विश्वव्यापी साधन है। 2. INES पर स्तर 1-3 को दुर्घटनाएं और स्तर 4-7 को घटनाएं कहा जाता है। 3. जिन घटनाओं का सुरक्षा संबंधी महत्व नहीं होता, उन्हें स्केल से नीचे, यानी स्तर 0 में रखा जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C केवल 1 और 3
D उपरोक्त में से कोई नहीं
व्याख्या

कथन 1 सही है: INES सुरक्षा-महत्व के बारे में समान जन-संचार के लिए है। कथन 2 गलत है; IAEA स्तर 1-3 को घटनाएं और स्तर 4-7 को दुर्घटनाएं कहता है। कथन 3 सही है: सुरक्षा-महत्व न होने पर घटना स्केल से नीचे / स्तर 0 में रखी जाती है।

आपने 92 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

परमाणु सुरक्षा पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।

और प्रश्न

6भारत में परमाणु सुरक्षा के विधिक-नियामकीय ढांचे के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. परमाणु ऊर्जा अधिनियम भारत में परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम और आयनीकारी विकिरण के उपयोग से जुड़ी गतिविधियों के लिए मूल नियामकीय ढांचा प्रदान करता है। 2. AERB को परमाणु और विकिरण सुविधाओं के लिए सहमति देने, उसका नवीनीकरण करने, उसे वापस लेने और निरस्त करने का सक्षम प्राधिकारी नामित किया गया है। 3. परमाणु ऊर्जा अधिनियम की धारा 23 नियामक निकाय को परमाणु ऊर्जा विभाग की स्थापनाओं में कारखाना अधिनियम, 1948 के प्रशासन का अधिकार देती है। 4. रेडियोधर्मी पदार्थों पर AERB का नियामकीय नियंत्रण केवल परमाणु स्थापनाओं तक सीमित है और ऐसी स्थापनाओं के बाहर लागू नहीं होता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 4
Cकेवल 1, 2 और 3
Dकेवल 1, 3 और 4

71. भारतीय परमाणु ऊर्जा संयंत्र मजबूत सुरक्षा अपेक्षाओं के अनुरूप डिजाइन, निर्मित, कमीशन और संचालित किए जाते हैं। 2. इन अपेक्षाओं के कारण परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए आपात तैयारी और प्रतिक्रिया योजनाएं आवश्यक नहीं होतीं। 3. AERB के अनुसार आपात तैयारी और प्रतिक्रिया योजनाओं का परीक्षण किया जाता है और उन्हें नियमित रूप से संशोधित किया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 1 और 2
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3

81. AERB के अधिकृत निरीक्षक सहमति प्रक्रिया के किसी भी चरण में निरीक्षण के लिए उचित समय पर नाभिकीय या विकिरण सुविधा परिसर में प्रवेश कर सकते हैं। 2. संचालित नाभिकीय सुविधाओं का नियमित नियामकीय निरीक्षण खतरे की संभावना के अनुसार सामान्यतः वर्ष में 1-7 बार किया जाता है। 3. निर्माण चरण के नियामकीय निरीक्षण केवल वित्तीय लेखांकन और भूमि अभिलेखों पर केंद्रित होते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1
Bकेवल 1 और 2
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3

9भारतीय परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में खुराक-सीमा और विकिरणीय संरक्षण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. AERB विकिरण कर्मी के लिए पूरे शरीर की प्रभावी खुराक-सीमा लगातार 5 वर्षों के औसत पर प्रति वर्ष 20 मिलीसीवर्ट निर्धारित करता है। 2. उसी 5 वर्षीय अवधि में विकिरण कर्मी की संचयी प्रभावी खुराक 100 मिलीसीवर्ट से अधिक नहीं होनी चाहिए। 3. विकिरण कर्मी की खुराक पर अतिरिक्त सीमा किसी भी एक वर्ष में अधिकतम 50 मिलीसीवर्ट है। 4. जनता के लिए AERB किसी स्थल पर सभी सुविधाओं के सामान्य संचालन के दौरान प्रति वर्ष 1 मिलीसीवर्ट की खुराक-सीमा निर्धारित करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 2 और 4
Cकेवल 1, 2 और 4
D1, 2, 3 और 4

101. INES लोगों और पर्यावरण को प्रभाव के क्षेत्रों में से एक मानता है। 2. INES विकिरणीय अवरोध और नियंत्रण को प्रभाव के क्षेत्रों में से एक मानता है। 3. INES कृषि मूल्य समर्थन को प्रभाव के क्षेत्रों में से एक मानता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3

11नाभिकीय सुरक्षा अभिसमय के तहत दायित्वों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र चलाने वाले देशों के दायित्व IAEA के मौलिक सुरक्षा सिद्धांतों के अनुरूप हैं। 2. इन दायित्वों में नाभिकीय स्थापनाओं के स्थल-चयन, डिजाइन, निर्माण और संचालन शामिल हैं। 3. इन दायित्वों में नाभिकीय स्थापनाओं के स्थल-चयन को स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 2 और 3
Bकेवल 1 और 2
Cकेवल 1 और 3
Dकेवल 3

121. नाभिकीय ऊर्जा संयंत्रों में आपात तैयारी और प्रतिक्रिया योजनाएँ अतिरिक्त सावधानी के उपाय के रूप में विकसित की जाती हैं। 2. ऐसी योजनाएँ बन जाने के बाद उनका परीक्षण या संशोधन नहीं किया जाता। 3. आपात योजनाओं की जाँच के लिए अभ्यास उन संबंधित एजेंसियों की भागीदारी से किए जाते हैं जिन्हें आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देनी होती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 2 और 3
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 1 और 2
Dकेवल 1

13रेडियोधर्मी अपशिष्ट प्रबंधन के सिद्धांतों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी भी भौतिक रूप में अपशिष्ट पर्यावरण में तब तक नहीं छोड़ा जाता, जब तक उसे नियमों के तहत स्वीकृत, छूट दी गई या अपवर्जित न किया गया हो। 2. रेडियोधर्मी अपशिष्ट प्रबंधन में अपशिष्ट को कम करने और उसका आयतन घटाने को प्राथमिकता दी जाती है। 3. निम्न-स्तरीय रेडियोधर्मी अपशिष्ट को हमेशा स्थायी रूप से संग्रहित करना अनिवार्य है और उसे अधिकृत सीमाओं में कभी पतला कर फैलाया नहीं जा सकता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 2
D1, 2 और 3

14विज्ञप्ति में उल्लिखित आगामी सीबीआरएन उत्कृष्टता केंद्र किस संस्थान के अंतर्गत है?

Aभारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली
Bराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान
Cअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
Dनाभिकीय चिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान

151. परमाणु सुरक्षा अभिसमय का उद्देश्य स्थल-आधारित नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र संचालित करने वाले संविदाकारी पक्षों को उच्च सुरक्षा स्तर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध करना है। 2. अभिसमय पक्षों को अपने दायित्वों के कार्यान्वयन पर रिपोर्ट जमा करने के लिए बाध्य करता है, जिनकी सहकर्मी समीक्षा सामान्यतः IAEA मुख्यालय में होने वाली बैठकों में होती है। 3. अभिसमय 24 अक्टूबर 1996 को अपनाया गया और 17 जून 1994 को लागू हुआ। 4. इस अभिसमय का निक्षेपागार अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का महानिदेशक है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 1 और 4
Cकेवल 2 और 3
Dकेवल 1, 2 और 4

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में और विषय

अन्य विषय देखें