Q1. चित्र में दिखाए अनुसार दो समान प्रिज्म पी1 और पी2 रखे गए हैं। चित्र में दिखाए अनुसार श्वेत प्रकाश की एक संकरी किरण काँच के प्रिज्म पी1 पर आपतित होती है। प्रिज्म पी1 से निकलने वाली किरण दूसरे प्रिज्म पी2 पर गिरती है। प्रिज्म पी2 से निकलकर पर्दे पर प्राप्त परिणामी किरण में क्या होगा?
Explanation
काँच का पहला प्रिज्म श्वेत प्रकाश को अलग-अलग रंगों में विक्षेपित करता है, क्योंकि हर रंग का विचलन अलग होता है। दूसरा समान प्रिज्म उलटी व्यवस्था में रखा हो तो वह इस विचलन को उलटकर रंगों को फिर से मिला देता है। इसलिए पर्दे पर फिर श्वेत प्रकाश की किरण मिलती है। ऊपर से नीचे या नीचे से ऊपर विबग्योर वर्णक्रम तभी दिखता जब दूसरे प्रिज्म के बाद भी रंग अलग रहते। कोई प्रकाश न मिलने की बात भी गलत है, क्योंकि प्रिज्म किरण को रोकते नहीं, उसका अपवर्तन और पुनर्संयोजन करते हैं।
