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MCQ

भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम के 57 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1वर्ष 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंज़ूर शुक्र कक्षीय मिशन के बारे में निम्न कथनों पर विचार करें। 1. इसे 18 सितंबर 2024 को मंज़ूरी मिली। 2. इसका लक्ष्य शुक्र के चारों ओर वैज्ञानिक अंतरिक्षयान को कक्षा में स्थापित करना है। 3. इसके अध्ययन में शुक्र की सतह उपसतह वायुमंडलीय प्रक्रियाएँ और सौर प्रभाव शामिल हैं। कौन से कथन सही हैं?

A केवल 2 और 3
B केवल 1 और 3
C 1 2 और 3
D केवल 1 और 2
व्याख्या

कथन 1 सही है क्योंकि शुक्र कक्षीय मिशन को 18 सितंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंज़ूरी दी। कथन 2 सही है क्योंकि मिशन का लक्ष्य शुक्र के चारों ओर वैज्ञानिक अंतरिक्षयान को कक्षा में स्थापित करना है। कथन 3 सही है क्योंकि अध्ययन के इलाक़े सतह उपसतह वायुमंडलीय प्रक्रियाएँ और सौर प्रभाव बताए गए हैं। इनमें से किसी कथन को छोड़ने वाला संयोजन उद्धृत मंज़ूरी के तथ्य को पूरा नहीं रखता।

प्र.2सुदूर संवेदन उपग्रह डाटा के अधिग्रहण प्रसंस्करण प्रसार हवाई सुदूर संवेदन और आपदा प्रबंधन निर्णय सहायता की जिम्मेदारी इसरो के किस केंद्र की है?

A यू आर राव उपग्रह केंद्र बेंगलुरु
B विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र तिरुवनंतपुरम
C राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र हैदराबाद
D अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र अहमदाबाद
व्याख्या

राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र हैदराबाद को सुदूर संवेदन उपग्रह डाटा अधिग्रहण प्रसंस्करण प्रसार हवाई सुदूर संवेदन और आपदा प्रबंधन निर्णय सहायता से जोड़ा गया है। अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र का मुख्य जुड़ाव अंतरिक्ष अनुप्रयोगों और पेलोड से है। यू आर राव उपग्रह केंद्र उपग्रह निर्माण से जुड़ा है। विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र प्रक्षेपण यान काम से जुड़ा है इसलिए ये विवरण दिए गए स्रोत वाले काम से मेल नहीं खाते।

प्र.3अभिकथन। तरल प्रणोदन प्रणाली केंद्र प्रक्षेपण यानों के तरल प्रणोदन चरणों की अभिकल्पना विकास और निर्माण के लिए इसरो का केंद्र है। कारण। तरल प्रणोदन चरण सुदूर संवेदन उपग्रह डाटा अधिग्रहण और प्रसार सेवाओं के समान ही होते हैं। सही उत्तर चुनें।

A अभिकथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता
B अभिकथन और कारण दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है
C अभिकथन गलत है लेकिन कारण सही है
D अभिकथन सही है लेकिन कारण गलत है
व्याख्या

अभिकथन सही है। दिए गए एलपीएससी तथ्य में तरल प्रणोदन प्रणाली केंद्र को प्रक्षेपण यानों के तरल प्रणोदन चरणों की अभिकल्पना विकास और निर्माण के लिए इसरो का केंद्र बताया गया है। कारण गलत है क्योंकि तरल प्रणोदन चरण प्रक्षेपण यान की प्रणोदन व्यवस्था से जुड़े होते हैं उपग्रह डाटा अधिग्रहण और प्रसार सेवाओं से नहीं। इसलिए अभिकथन सही रहता है लेकिन कारण सही नहीं है।

प्र.425 मार्च 2026 के पीआईबी उत्तर में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के पहले मॉड्यूल की वर्तमान मंज़ूरी से जुड़े विवरणों को सही आंकड़ों से मिलाइए। सूची 1 1. वर्तमान मंज़ूरी के तहत अनुमानित लागत 2. स्वीकृत चार वर्ष की अवधि सूची 2 क. ₹1763 करोड़ ख. 2025 से 2028 ग. ₹2018 करोड़ घ. 2024 से 2027 सही मिलान कौन सा है?

A 1 क 2 घ
B 1 ग 2 ख
C 1 ग 2 घ
D 1 क 2 ख
व्याख्या

सही मिलान है कि वर्तमान मंज़ूरी के तहत अनुमानित लागत ₹1763 करोड़ है और स्वीकृत चार वर्ष की अवधि 2025 से 2028 है। ₹2018 करोड़ इस मंज़ूरी का स्रोत में दिया गया अनुमान नहीं है और 2024 से 2027 स्रोत में दी गई चार वर्ष की अवधि नहीं है।

प्र.5अभिकथन। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चंद्रयान 4 को 18 सितंबर 2024 को मंज़ूरी दी। कारण। चंद्रयान 4 का उद्देश्य चंद्रमा पर उतरने के बाद पृथ्वी पर लौटने और चंद्र नमूने एकत्र कर उनका विश्लेषण करने की तकनीकों को दिखाना है। निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

A अभिकथन और कारण दोनों सही हैं और कारण अभिकथन में दी गई मंज़ूरी की ठीक तारीख को स्पष्ट करता है
B अभिकथन गलत है लेकिन कारण सही है
C अभिकथन सही है लेकिन कारण गलत है
D अभिकथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण अभिकथन में दी गई मंज़ूरी की ठीक तारीख को स्पष्ट नहीं करता
व्याख्या

अभिकथन सही है क्योंकि चंद्रयान 4 की मंत्रिमंडलीय मंज़ूरी की तारीख 18 सितंबर 2024 थी। कारण भी सही है क्योंकि मिशन चंद्रमा पर उतरने के बाद पृथ्वी पर लौटने की तकनीक और चंद्र नमूने एकत्र कर उनके विश्लेषण को दिखाने के लिए है। लेकिन ये उद्देश्य मंज़ूरी की ठीक तारीख को स्पष्ट नहीं करते। वे चंद्रयान 4 के तकनीकी लक्ष्य बताते हैं। कारण को गलत बताना या अभिकथन को गलत बताना स्रोत तथ्य के विरुद्ध है।

आपने 57 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड की स्थापना से जुड़े पड़ाव और उसकी प्रशासनिक स्थिति का सही क्रम कौन सा है?

Aमार्च 2020। वैधानिक नियामक के रूप में स्थापना और प्रशासनिक नियंत्रण नीति आयोग के पास
Bमार्च 2019। भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली सीपीएसई के रूप में स्थापना और प्रशासनिक नियंत्रण अंतरिक्ष विभाग के पास
Cमार्च 2018। स्वायत्त सोसायटी के रूप में स्थापना और प्रशासनिक नियंत्रण इसरो के पास
Dअप्रैल 2019। निजी उद्योग के साथ संयुक्त उद्यम के रूप में स्थापना और प्रशासनिक नियंत्रण वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के पास

7इसरो के शुक्र परिक्रमा मिशन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:\n1. इस मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2030 में मंजूरी दी थी।\n2. अंतरिक्ष यान को अपने प्रक्षेपण के 24 घंटे के भीतर शुक्र की कक्षा में पहुँचाने की योजना है।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Aकेवल 1
Bकेवल 2
C1 और 2 दोनों
Dन तो 1 और न ही 2

8इसरो के वर्णन के अनुसार, कौन सा प्रक्षेपण यान पृथ्वी अवलोकन, भूस्थिर और नौवहन पेलोड के लिए बहुउद्देशीय है तथा इसरो का कार्यवाहक यान कहा जाता है?

Aएसएसएलवी
Bजीएसएलवी
Cपीएसएलवी
Dएलवीएम3

9सूची 1 में दिए गए इन स्पेस कदम को सूची 2 में उसके नाम से साफ दिखने वाले सहायता क्षेत्र से मिलाइए। सूची 1 1 बीज निधि योजना 2 कीमत सहायता नीति 3 तकनीकी केंद्र 4 इसरो सुविधा उपयोग सहायता सूची 2 क शुरुआती चरण की धन सहायता ख कीमत से जुड़ी सहायता ग तकनीकी ढांचे की सहायता घ इसरो सुविधाओं तक पहुंच सही मिलान चुनिए।

A1 क 2 ख 3 ग 4 घ
B1 घ 2 ख 3 ग 4 क
C1 क 2 ग 3 ख 4 घ
D1 ख 2 क 3 घ 4 ग

10सितंबर 2024 की केंद्रीय मंत्रिमंडल मंज़ूरी के अनुसार चंद्रयान-4 के लिए सही लागत और शामिल घटक कौन से हैं?

A₹2104.06 करोड़ जिसमें अंतरिक्षयान विकास दो एलवीएम3 प्रक्षेपण यान मिशन गहरे अंतरिक्ष नेटवर्क सहायता और विशेष डिज़ाइन सत्यापन परीक्षण शामिल हैं
B₹8640 करोड़ जिसमें अंतरिक्ष स्टेशन मॉड्यूल चालकदल प्रशिक्षण और समुद्री वापसी तंत्र शामिल हैं
C₹1240 करोड़ जिसमें शुक्र कक्षीय यान एक जीएसएलवी प्रक्षेपण और वायुमंडलीय प्रवेश परीक्षण शामिल हैं
D₹2104.06 करोड़ जिसमें एक पीएसएलवी प्रक्षेपण और मंगल रिले सहायता शामिल है

11भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

A1962
B1969
C1972
D1952

12आदित्य-एल1 मिशन के संदर्भ में कौन सा कालक्रम सही है?

A6 जनवरी 2024 को प्रक्षेपण, उसके बाद 2 सितंबर 2024 को हेलो कक्षा में प्रवेश
B2 सितंबर 2023 को प्रक्षेपण, उसके बाद 6 जनवरी 2024 को लक्ष्य हेलो कक्षा में प्रवेश
C1 जनवरी 2024 को प्रक्षेपण, उसके बाद 2 जुलाई 2024 को लक्ष्य हेलो कक्षा में प्रवेश
D2 सितंबर 2024 को प्रक्षेपण, उसके बाद 6 जनवरी 2025 को हेलो कक्षा में प्रवेश

13नाविक के बारे में निम्न अभिकथन और कारण पर विचार करें: अभिकथन: नाविक केवल भारत तक सीमित सेवा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय नौवहन प्रणाली है। कारण: इसकी कवरेज में भारत और भारत की सीमा से 1500 किलोमीटर तक बाहर का इलाक़ा शामिल है। सही उत्तर चुनें।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है
Cअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है
Dअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है

1425 मार्च 2026 के पीआईबी उत्तर में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के बारे में दिए गए निम्न कथनों पर विचार करें। 1. इसे पांच मॉड्यूल के रूप में नियोजित किया गया है। 2. पहला मॉड्यूल 2028 तक लक्षित है। 3. पूर्ण संचालन 2040 तक लक्षित है। ऊपर दिए गए कथनों में कौन से सही हैं?

Aकेवल कथन 1 और 3
Bकेवल कथन 2 और 3
Cकथन 1 2 और 3
Dकेवल कथन 1 और 2

15इसरो के दिए गए आँकड़ों के अनुसार एलवीएम3 के निम्नलिखित विनिर्देशों को बढ़ते संख्यात्मक मान में व्यवस्थित करें: 1. ऊँचाई 2. उत्थापन द्रव्यमान 3. पेलोड फेयरिंग व्यास सही क्रम चुनें।

Aपेलोड फेयरिंग व्यास, ऊँचाई, उत्थापन द्रव्यमान
Bपेलोड फेयरिंग व्यास, उत्थापन द्रव्यमान, ऊँचाई
Cऊँचाई, पेलोड फेयरिंग व्यास, उत्थापन द्रव्यमान
Dउत्थापन द्रव्यमान, ऊँचाई, पेलोड फेयरिंग व्यास

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