MCQ
राजस्थान में कृषि, बागवानी, वानिकी और पशुपालन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान में कृषि, बागवानी, वानिकी और पशुपालन के 15 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1राजस्थान की खेती में सूखी खेती की फसलों और जल-प्रबंधन उपायों को साथ पढ़ना क्यों ज़रूरी है?
राजस्थान की खेती कम और अनिश्चित वर्षा, अधिक वाष्पीकरण, पश्चिमी क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी और सूखे के जोखिम से प्रभावित होती है। इसलिए फसल चयन को जल-प्रबंधन से अलग नहीं किया जा सकता। बाजरा, दलहन और तिलहन कई सूखे क्षेत्रों में उपयोगी हैं, क्योंकि इनमें से कई फसलें कम नमी में बेहतर टिकती हैं। साथ ही वर्षा जल-संचयन, मेड़बंदी, खेत तालाब, जलागम कार्य, फव्वारा और बूंद-बूंद सिंचाई सीमित पानी को बचाने या सही उपयोग में मदद करते हैं। नहर सिंचाई कुछ क्षेत्रों को सहारा देती है, पर पूरे राज्य की सूखा-तैयारी का विकल्प नहीं है।
प्र.2राजस्थान के कम वर्षा वाले क्षेत्र का किसान अधिक पानी मांगने वाली फसल पर जाए बिना फसल खराब होने का जोखिम घटाना चाहता है। सूखी खेती की स्थिति में कौन-सा विकल्प जोखिम सबसे बेहतर ढंग से घटाता है?
कम वर्षा वाले राजस्थान में मजबूत फसलों के साथ जोखिम घटाने वाली पद्धतियां अपनाई जाती हैं। बाजरा जैसे मोटे अनाज, मोठ, मूंग और चना जैसे दलहन तथा तिल, सरसों और मूंगफली जैसे तिलहन कई क्षेत्रों में सूखी खेती की स्थिति के अनुकूल हैं। जोखिम केवल फसल के नाम से नहीं घटता; प्रभावी वर्षा के बाद समय पर बुवाई, कम अवधि वाली किस्म, बीज उपचार, अंतरफसल या मिश्रित खेती, निराई और नमी संरक्षण भी ज़रूरी हैं। यही तरीका मिट्टी, पानी, जलवायु और किसान की क्षमता से मेल खाता है।
प्र.3राजस्थान की खेती की स्थिति को सबसे उपयुक्त वैज्ञानिक उपाय से मिलाइए। सूची I 1. सीमित पानी वाला रेतीला या असमतल खेत 2. जल्दी खराब होने वाले फल और सब्जियां 3. अनिश्चित वर्षा में सूखी खेती का जोखिम 4. खेत में कीट की समस्या सूची II a. छंटाई, ग्रेडिंग, ठंडा भंडारण और प्रसंस्करण b. फव्वारा सिंचाई c. नमी संरक्षण के साथ अंतरफसल या मिश्रित खेती d. समेकित कीट प्रबंधन
सही मिलान खेती की व्यावहारिक समझ पर आधारित है। सीमित पानी और रेतीली या असमतल भूमि में फव्वारा सिंचाई उपयोगी हो सकती है। फल और सब्जियां जल्दी खराब होती हैं, इसलिए छंटाई, ग्रेडिंग, ठंडा भंडारण, परिवहन और प्रसंस्करण नुकसान घटाते हैं। अनिश्चित वर्षा में अंतरफसल या मिश्रित खेती जोखिम बांटती है और नमी संरक्षण फसल को सहारा देता है। कीट समस्या में समेकित कीट प्रबंधन सही उपाय है, जिसमें प्रतिरोधी किस्म, सफाई, फसल चक्र, जैविक या यांत्रिक उपाय और ज़रूरत पड़ने पर रसायन शामिल हैं।
प्र.4राजस्थान में सिंचाई और जल प्रबंधन को कौन-सा कथन सही ढंग से बताता है?
राजस्थान की खेती को शुष्क और अर्द्ध-शुष्क स्थितियों के संदर्भ में समझना चाहिए: कम और अनिश्चित वर्षा, अधिक वाष्पीकरण, रेतीली मिट्टी और सूखे का जोखिम। नहर सिंचाई कमांड क्षेत्रों में खेती को अधिक भरोसेमंद बना सकती है, पर पूरे राज्य में समान रूप से उपलब्ध नहीं है। संतुलित तरीका वर्षा जल-संचयन, सूखा-सहिष्णु खेती, कुशल सिंचाई, भूजल अनुशासन और सूखे की तैयारी को साथ लेकर चलता है। फव्वारा और बूंद-बूंद सिंचाई पानी बचाने में मदद करती हैं, लेकिन इनके लिए सही डिजाइन, रखरखाव और प्रशिक्षण ज़रूरी है।
प्र.5अभिकथन: पौधों और पशुओं को अलग-अलग सूचियों की तरह नहीं, बल्कि एक-दूसरे से जुड़े ग्रामीण तंत्र की तरह समझना चाहिए। कारण: पौधे पशुधन को चारा और फसल अवशेष देते हैं, पशु खाद और आय देते हैं, तथा परागण और मिट्टी के सूक्ष्मजीव जैसी पारितंत्र सेवाएँ उत्पादन में मदद करती हैं।
अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है। पौधे भोजन, रेशा, चारा, ईंधन, लकड़ी, औषधि, गोंद, राल और औद्योगिक कच्चा माल देते हैं। पशु दूध, मांस, अंडे, ऊन, चमड़ा, खाद, श्रम, परिवहन और आय देते हैं। फसल अवशेष और घास पशुधन के काम आते हैं, खाद पोषक तत्वों को खेत में वापस लाती है, परागण फसलों और उद्यानिकी में मदद करता है, पेड़ कटाव घटाते हैं और मिट्टी के सूक्ष्मजीव उर्वरता सुधारते हैं। ये सभी संबंध मिलकर एक जुड़ी हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था और संसाधन तंत्र बनाते हैं।
आपने 15 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6उद्यानिकी में फल, सब्जियां, मसाले, औषधीय पौधे, सुगंधित पौधे और संरक्षित खेती शामिल हैं। यहां कितनी श्रेणियां दी गई हैं?
7कथन: राजस्थान में नहर सिंचाई कमांड क्षेत्रों में फसल की संभावनाएं बढ़ा सकती है। कारण: नहर का पानी पूरे राज्य में समान रूप से उपलब्ध है, इसलिए सूखी खेती और वर्षा जल-संचयन की ज़रूरत नहीं रहती।
8फसलों और सूखी खेती की सहनशीलता के संदर्भ में कौन-सा युग्म गलत सुमेलित है?
9उद्यानिकी और मूल्यवर्धन के बारे में कौन-सा कथन गलत है?
10राजस्थान में वानिकी के बारे में कौन-सा कथन गलत है?
11अभिकथन: राजस्थान में वानिकी और पशुपालन को अलग-अलग सूचियों के रूप में नहीं, बल्कि परस्पर जुड़े ग्रामीण तंत्र के अंगों के रूप में पढ़ना चाहिए। कारण: वानिकी मिट्टी और जल के संरक्षण तथा मरुस्थलीकरण के नियंत्रण में सहायक है, जबकि पशुधन से दूध, ऊन, मांस, खाद और परिवहन की सुविधा मिलती है तथा ग्रामीण आजीविका को सहारा मिलता है।
12प्रत्येक पशु को उसकी सबसे उपयुक्त भूमिका से सुमेलित करें। 1. भैंस 2. भेड़ 3. बकरी 4. ऊंट
13कृषि को अनुप्रयुक्त विज्ञान क्यों कहा जाता है?
14राजस्थान के सूखे क्षेत्र का एक गांव ऐसा भूमि-उपयोग प्लान चाहता है जो खेती की सुरक्षा और पशुधन दोनों को सहारा दे। वानिकी, कृषि-वानिकी और पशुपालन को साथ लेकर कौन-सा प्लान सबसे सही है?
15उद्यानिकी के शब्दों को उनके अर्थ से मिलाइए। 1. संरक्षित खेती 2. मूल्यवर्धन। a. कटाई के बाद उत्पाद की कीमत बढ़ाना b. नियंत्रित या आंशिक नियंत्रित संरचनाओं में फसल उगाना
