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भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन के 85 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धाराओं 54 और 55 के तहत मौखिक साक्ष्य के बारे में कौन-सा कथन सही है?

A मौखिक साक्ष्य से दस्तावेजों की ठीक-ठीक सामग्री सहित हर तथ्य सिद्ध किया जा सकता है
B दस्तावेजों की सामग्री को छोड़कर सभी तथ्य मौखिक साक्ष्य से सिद्ध किए जा सकते हैं, और मौखिक साक्ष्य प्रत्यक्ष होना चाहिए
C मौखिक साक्ष्य तभी ग्राह्य है जब उसे इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख के प्रमाणपत्र का समर्थन मिला हो
D यदि साक्षी को कोई दूसरा व्यक्ति विश्वसनीय लगता है, तो वह बता सकता है कि उस दूसरे व्यक्ति ने क्या देखा
व्याख्या

भारतीय साक्ष्य अधिनियम मौखिक और दस्तावेजी प्रमाण के बीच साफ़ सीमा रखता है। धारा 54 दस्तावेजों की सामग्री को छोड़कर सभी तथ्यों के लिए मौखिक साक्ष्य की अनुमति देती है, जबकि धारा 55 यह ज़रूरी करती है कि मौखिक साक्ष्य प्रत्यक्ष हो, जैसे वही व्यक्ति साक्ष्य दे जिसने तथ्य को देखा, सुना या अन्य तरह से अनुभव किया।

प्र.2भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 35 के अंतर्गत आने वाले संज्ञेय अपराध में यदि पुलिस अधिकारी मानता है कि गिरफ्तारी ज़रूरी नहीं है, तो संदिग्ध व्यक्ति के लिए सामान्य प्रक्रिया क्या होगी?

A जांच से पहले सूचना को अनिवार्य रूप से जिला मजिस्ट्रेट के पास भेजना
B व्यक्ति को तुरंत चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज देना
C व्यक्ति को अधिकारी के सामने या बताए गए स्थान पर उपस्थित होने का नोटिस देना
D व्यक्ति को आगे उपस्थित हुए बिना ही मामले से मुक्त मान लेना
व्याख्या

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 गिरफ्तारी को जरूरत से जोड़ती है। धारा 35(1) के तहत जहां गिरफ्तारी ज़रूरी नहीं हो, वहां पुलिस अधिकारी व्यक्ति को उपस्थित होने का नोटिस देता है। यदि व्यक्ति नोटिस का पालन करता है, तो उसी अपराध में उसे गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए, जब तक कारण लिखकर दर्ज न किए जाएं।

प्र.3भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 356 के तहत न्यायालय घोषित अपराधी का विचारण उसकी अनुपस्थिति में कब आगे बढ़ा सकता है?

A पुलिस द्वारा आरोप-पत्र दाखिल करते ही, बिना कोई कारण दर्ज किए
B आरोप तय होने से नब्बे दिन बीत जाने के बाद ही, और नोटिस तथा वारंट से जुड़े बताए गए सुरक्षा उपायों का पालन होने पर
C केवल छोटे समन मामलों में, जिनमें सजा सिर्फ़ जुर्माना हो
D केवल तब, जब अपराधी अनुपस्थिति में विचारण के लिए लिखित सहमति दे
व्याख्या

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 356 घोषित अपराधी के लिए अनुपस्थिति में विचारण की व्यवस्थित व्यवस्था बनाती है, जब वह विचारण से बचने के लिए फरार हो और तत्काल गिरफ्तारी की संभावना न हो। न्यायालय को कारण दर्ज करने होते हैं, आरोप तय होने से कम से कम नब्बे दिन प्रतीक्षा करनी होती है और लगातार वारंट, प्रकाशन तथा नोटिस जैसे प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय पूरे होने चाहिए।

प्र.4एक अभियोजन पक्ष धारा 63 के तहत सीसीटीवी क्लिप को इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख के रूप में पेश करना चाहता है। प्रमाणपत्र के बारे में कौन-सा कथन सबसे सटीक है?

A इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख की पहचान बताने वाला, उसके बनने की प्रक्रिया समझाने वाला और धारा 63 की शर्तों से संबंधित प्रमाणपत्र, ग्राह्यता के हर अवसर पर अभिलेख के साथ दिया जाना चाहिए।
B न्यायालय ने वीडियो फाइल देख ली हो तो कोई प्रमाणपत्र कभी आवश्यक नहीं रह जाता।
C प्रमाणपत्र केवल ई-मेल के लिए ज़रूरी है, सीसीटीवी, मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों के लिए नहीं।
D प्रमाणपत्र में केवल इतना लिखना ज़रूरी है कि आरोपी क्लिप पर विवाद करता है।
व्याख्या

धारा 63(4) में प्रमाणपत्र की जरूरत तब आती है जब धारा 63 के आधार पर कोई कथन साक्ष्य में दिया जा रहा हो। प्रमाणपत्र में इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख की पहचान, उसके तैयार होने का तरीका, उपकरण से जुड़े उचित विवरण और धारा 63(2) की शर्तों पर बात होनी चाहिए; इसे हर उस अवसर पर अभिलेख के साथ दिया जाता है जब उसे ग्राह्यता के लिए पेश किया जाए।

प्र.5भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63(4) के तहत जब कोई इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख ग्राह्यता के लिए पेश किया जाता है, तो प्रमाणपत्र में निम्न में से क्या होना आवश्यक है?

A अभियुक्त का यह स्वीकारोक्ति बयान कि इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख सही है
B यह कथन कि अभिलेख केवल सरकारी वेबसाइट से डाउनलोड किया गया था
C इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख की पहचान, उपकरण का विवरण और वैधानिक शर्तों से संबंधित प्रमाणन
D अभिलेख की प्रति बनाने से पहले मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति
व्याख्या

धारा 63(4) के अनुसार ग्राह्यता के लिए हर बार इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख पेश करते समय उसके साथ प्रमाणपत्र होना चाहिए। प्रमाणपत्र में अभिलेख और उसके उत्पादन के तरीके की पहचान, संबंधित उपकरण का उचित विवरण और धारा 63(2) की विश्वसनीयता-शर्तों पर कथन होना चाहिए, साथ ही निर्धारित हस्ताक्षर संबंधी आवश्यकता भी पूरी होनी चाहिए।

आपने 85 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6भारतीय न्याय संहिता, 2023 में धारा 304 'झपटमारी' को परिभाषित करती है। इस अपराध से कौन-सा वर्णन सबसे ठीक मेल खाता है?

Aचोरी करने के लिए किसी व्यक्ति से या उसके कब्जे से चल संपत्ति अचानक, तेजी से या बलपूर्वक छीन लेना
Bअनुचित लाभ पहुंचाने के लिए सीमा-चिह्न को हटा देना
Cधोखे से किसी व्यक्ति को बेईमानीपूर्वक संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित करना
Dयह जानते हुए चोरी की संपत्ति अपने पास रखना कि वह चोरी की है

7भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधान सामान्य रूप से किस तारीख से लागू हुए?

A23 फरवरी 2024
B25 दिसंबर 2023
C15 अगस्त 2024
D1 जुलाई 2024

8निम्नलिखित में से किस संविधान से भारतीय संविधान ने राज्य के नीति-निर्देशक तत्त्व लिए हैं?

Aब्रिटिश संविधान
Bकनाडाई संविधान
Cआयरिश संविधान
Dअमेरिकी संविधान

9अनुच्छेद 368 के तहत किस प्रकार के संवैधानिक संशोधन के लिए संसद में विशेष बहुमत के साथ-साथ कम से कम आधे राज्य विधानमंडलों की पुष्टि भी ज़रूरी होती है?

Aसाधारण कानून बनाने की प्रक्रिया से केवल किसी राज्य का नाम बदलने वाला संशोधन
Bसंघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण को प्रभावित करने वाला संशोधन।
Cअनुच्छेद 368 में सूचीबद्ध संघीय प्रावधानों को प्रभावित किए बिना नया नीति-निर्देशक तत्व जोड़ने वाला संशोधन
Dकेंद्र-राज्य शक्ति-वितरण को छुए बिना राजभाषा संबंधी प्रावधान बदलने वाला संशोधन

10भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 113 आतंकवादी कृत्यों से संबंधित है। यदि आतंकवादी कृत्य से मृत्यु नहीं होती, तो उसे करने वाले व्यक्ति के लिए कौन-सा दंड बताया गया है?

Aकेवल एक माह तक का साधारण कारावास
Bकेवल जुर्माना, कारावास नहीं
Cअपराधी के माफी मांगने पर केवल सामुदायिक सेवा
Dकम से कम पांच वर्ष का कारावास, जो आजीवन कारावास तक बढ़ सकता है, और जुर्माना

11भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि को भारत की सीमा के भीतर सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी बल कौन-सा संवैधानिक प्रावधान देता है?

Aअनुच्छेद 141
Bअनुच्छेद 148
Cअनुच्छेद 243-क
Dअनुच्छेद 280

12कौन-सी विशेषता सबसे अच्छे ढंग से समझाती है कि भारतीय संविधान को अक्सर मजबूत एकात्मक झुकाव वाला संघीय संविधान क्यों कहा जाता है?

Aयह संघ और राज्यों के बीच शक्तियां बांटता है, लेकिन संघ को अवशिष्ट विधायी शक्ति और आपातकालीन शक्तियों जैसी अहम शक्तियां भी देता है।
Bराज्य जब ज़रूरी समझें, तब संघ सूची में एकतरफा संशोधन कर सकते हैं।
Cयह ऐसा ढीला परिसंघ बनाता है जिसमें राज्य संप्रभु रहते हैं और संघ से अलग हो सकते हैं।
Dसंविधान में संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का कोई लिखित बंटवारा नहीं है।

13सूची I (भारत का राज्य) को सूची II (राज्य प्राप्ति का वर्ष) से सुमेलित कीजिए और सही कूट चुनिए:\nसूची I\nA. गोवा\nB. सिक्किम\nC. तेलंगाना\nD. उत्तराखंड\nसूची II\n1. 1975\n2. 1987\n3. 2000\n4. 2014

AA-1, B-2, C-3, D-4
BA-2, B-1, C-4, D-3
CA-3, B-4, C-1, D-2
DA-4, B-3, C-2, D-1

14भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 63 के तहत इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख की ग्राह्यता के लिए कंप्यूटर निर्गम की वैधानिक समझ को कौन-सा कथन सबसे ठीक बताता है?

Aकेवल वही मूल हार्ड डिस्क या मोबाइल फोन, जिससे सूचना बनी थी।
Bइलेक्ट्रॉनिक अभिलेख की वह सूचना, जो निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक रूपों में मुद्रित, भंडारित, दर्ज या प्रतिलिपित की गई हो और कंप्यूटर या संचार उपकरण से निकली हो।
Cकिसी डिजिटल संचिका का मौखिक सार, जो स्क्रीन देखने वाला गवाह बता दे।
Dकेवल ऐसा कागजी मुद्रित निर्गम, जिस पर जांच अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षर किए हों।

15न्यायालय एक ऐसे ई-मेल संदेश पर विचार कर रहा है जो इलेक्ट्रॉनिक मेल सर्वर के जरिए अग्रेषित हुआ। भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 90 के तहत न्यायालय कौन-सी उपधारणा कर सकता है?

Aवह यह मान सकता है कि ई-मेल के हर संलग्नक को स्वतंत्र रूप से मूल साक्ष्य के रूप में सिद्ध कर दिया गया है।
Bवह यह भी मान सकता है कि संदेश प्रेषण के लिए डाली गई सामग्री से मेल खाता है और यह भी कि नामित प्रेषक ने ही निश्चित रूप से उसे भेजा था।
Cवह यह मान सकता है कि उद्गमकर्ता द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मेल सर्वर के जरिए अग्रेषित संदेश, प्रेषण के लिए उद्गमकर्ता के कंप्यूटर में डाले गए संदेश से मेल खाता है; लेकिन किस व्यक्ति ने भेजा, इस पर उपधारणा नहीं करेगा।
Dजब तक उद्गमकर्ता और पाने वाला दोनों न्यायालय में गवाही न दें, उसे संदेश अस्वीकार करना ही होगा।

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