MCQ
मानवाधिकार MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए मानवाधिकार के 94 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा में आर्थिक और सामाजिक अधिकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 23 बिना भेदभाव समान कार्य के लिए समान वेतन को मान्यता देता है। 2. अनुच्छेद 24 विश्राम और अवकाश को मान्यता देता है, जिसमें कार्य-घंटों की उचित सीमा और वेतन सहित आवधिक अवकाश शामिल हैं। 3. अनुच्छेद 26 कहता है कि उच्च शिक्षा वरिष्ठता के आधार पर सबके लिए समान रूप से सुलभ होगी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 26 कहता है कि उच्च शिक्षा योग्यता के आधार पर सबके लिए समान रूप से सुलभ होगी, वरिष्ठता के आधार पर नहीं।
प्र.2सार्वभौमिक मानव अधिकार घोषणा में समानता और विधिक संरक्षण संबंधी प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 7 कहता है कि सभी विधि के समक्ष समान हैं और बिना भेदभाव विधि के समान संरक्षण के अधिकारी हैं। 2. अनुच्छेद 8 सक्षम राष्ट्रीय अधिकरणों द्वारा प्रभावी उपचार के अधिकार को मान्यता देता है। 3. अनुच्छेद 9 मनमानी गिरफ्तारी, निरुद्धि या निर्वासन से संरक्षण देता है। 4. अनुच्छेद 10 श्रमिक संघ बनाने और उसमें शामिल होने के अधिकार की गारंटी देता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1, 2 और 3 अनुच्छेद 7, 8 और 9 को सही बताते हैं। कथन 4 गलत है; श्रमिक संघ का अधिकार अनुच्छेद 23 में है, जबकि अनुच्छेद 10 स्वतंत्र और निष्पक्ष अधिकरण द्वारा निष्पक्ष और सार्वजनिक सुनवाई से संबंधित है।
प्र.3मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अधीन सशस्त्र बलों के सदस्यों से संबंधित शिकायतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. NHRC केंद्र सरकार से रिपोर्ट माँग सकता है। 2. रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद NHRC शिकायत पर आगे न बढ़ने या केंद्र सरकार को सिफारिशें करने में से कोई कदम उठा सकता है। 3. केंद्र सरकार को की गई कार्रवाई की सूचना आयोग को एक वर्ष के भीतर देनी होती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि अधिनियम केंद्र सरकार को की गई कार्रवाई की सूचना तीन महीने के भीतर, या आयोग द्वारा दी गई अतिरिक्त अवधि में, देने को कहता है; एक वर्ष में नहीं।
प्र.4राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जाँच शक्तियों और संस्थागत क्षमता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिकायतों की जाँच करते समय आयोग के पास सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अधीन सिविल न्यायालय की सभी शक्तियाँ होती हैं। 2. यह गवाहों को तलब कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकता है और शपथ पर उनका परीक्षण कर सकता है। 3. इसके पास पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता वाला अपना जाँच स्टाफ है। 4. यह मानव अधिकार उल्लंघन का दोषी पाए गए लोक सेवक को स्वयं कारावास दे सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। जाँच के दौरान NHRC को सिविल न्यायालय की शक्तियाँ प्राप्त हैं, जिनमें गवाहों को तलब करना शामिल है, और उसके पास पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में जाँच स्टाफ है। कथन 4 गलत है; जाँच के बाद आयोग अभियोजन या अन्य उचित कार्रवाई की सिफारिश करता है, स्वयं कारावास की सज़ा नहीं देता।
प्र.5भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह मानव तस्करी और बेगार को प्रतिबंधित करता है। 2. यह इस प्रतिबंध के उल्लंघन को विधि के अनुसार दंडनीय अपराध बनाता है। 3. यह राज्य को सभी परिस्थितियों में सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए अनिवार्य सेवा लगाने से रोकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 23(2) सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए अनिवार्य सेवा लगाने की राज्य की शक्ति को बनाए रखता है, उस अनुच्छेद में दी गई भेदभाव-निषेध शर्त के अधीन।
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और प्रश्न
6मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा और मानव अधिकारों के अंतरराष्ट्रीय विधेयक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 दिसंबर 1948 को पेरिस में घोषित किया था। 2. इस घोषणा का 500 से अधिक भाषाओं में अनुवाद किया गया है। 3. नागरिक और राजनीतिक अधिकारों की अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदा, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदा तथा मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा को मिलाकर मानव अधिकारों का अंतरराष्ट्रीय विधेयक कहा जाता है। 4. मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा दिसंबर 1966 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनाई गई दो अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदाओं में से एक थी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
7शिकायतों की जाँच करते समय NHRC की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गवाहों को बुलाने और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए इसके पास दीवानी प्रक्रिया संहिता, 1908 के अधीन वाद का विचारण करने वाले दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियाँ होती हैं। 2. यह दस्तावेजों की खोज और प्रस्तुतिकरण की अपेक्षा कर सकता है। 3. यह शपथपत्रों पर साक्ष्य प्राप्त कर सकता है। 4. यह उसी जाँच कार्यवाही में अंतिम रूप से कारावास की सजा सुना सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
8NHRC भारत की स्थापना और भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. NHRC भारत को मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अधीन संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया। 2. इसका घोषित उद्देश्य मानव अधिकारों का संरक्षण और संवर्धन है। 3. इसके कार्य मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 12 में बताए गए हैं। 4. NHRC भारत संविधान के अनुच्छेद 32 के अधीन सीधे बनाया गया संवैधानिक निकाय है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
9मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अधिनियम राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोगों और मानव अधिकार न्यायालयों के गठन का प्रावधान करता है। 2. यह अधिनियम 28 सितंबर 1993 से प्रवृत्त माना गया है। 3. इस अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति 28 सितंबर 1993 को मिली थी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
101. शिकायतों की जाँच करते समय NHRC को गवाहों को समन करने की कोई शक्ति नहीं है। 2. NHRC दस्तावेज़ पेश कराने की अपेक्षा केवल आपराधिक न्यायालय के ज़रिए कर सकता है। 3. NHRC किसी कार्यालय से लोक अभिलेख नहीं मंगा सकता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
111. मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 को 28 सितंबर 1993 से प्रवृत्त माना गया है। 2. अधिनियम के अंतर्गत मानव अधिकारों में व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा से संबंधित वे अधिकार शामिल हैं जो संविधान द्वारा प्रत्याभूत हों या निर्दिष्ट अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदाओं में निहित हों और भारत के न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय हों। 3. अधिनियम सशस्त्र बलों को केवल नौसैनिक, सैनिक और वायु सेनाओं तक सीमित करता है और संघ के किसी अन्य सशस्त्र बल को स्पष्ट रूप से बाहर रखता है। 4. अधिनियम अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदाओं में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 16 दिसंबर 1966 को अंगीकृत नागरिक और राजनीतिक अधिकारों की अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदा तथा आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदा को शामिल करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
12मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अधीन मानव अधिकार न्यायालयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राज्य सरकार प्रत्येक जिले के लिए सत्र न्यायालय को मानव अधिकार न्यायालय के रूप में निर्दिष्ट कर सकती है। 2. ऐसे निर्दिष्टीकरण के लिए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति आवश्यक है। 3. प्रत्येक मानव अधिकार न्यायालय के लिए राज्य सरकार लोक अभियोजक निर्दिष्ट करेगी या कम-से-कम सात वर्ष तक वकालत कर चुके अधिवक्ता को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करेगी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
13राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कार्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आयोग मानव अधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों की स्वतः जाँच नहीं कर सकता। 2. आयोग पीड़ित या उसकी ओर से किसी व्यक्ति द्वारा दी गई याचिका पर, या किसी न्यायालय के निर्देश या आदेश पर, शिकायतों की जाँच कर सकता है। 3. आयोग मानव अधिकार उल्लंघन के आरोप वाली न्यायालयीन कार्यवाही में उस न्यायालय की स्वीकृति से हस्तक्षेप कर सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
141. राज्यपाल NHRC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति अपने हस्ताक्षर और मुहरयुक्त अधिपत्र से करता है। 2. NHRC नियुक्तियों के लिए सिफारिश समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। 3. उच्चतम न्यायालय के पदासीन न्यायाधीश को भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद ही NHRC में नियुक्त किया जा सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
15राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिविल न्यायालय जैसी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिकायतों की जाँच करते समय आयोग को गवाहों को समन करने की शक्ति नहीं है। 2. आयोग दस्तावेज़ केवल आपराधिक न्यायालय के ज़रिए ही पेश करा सकता है। 3. आयोग किसी कार्यालय से लोक अभिलेख मंगवा नहीं सकता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
