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केंद्र-राज्य संबंध, आपातकालीन उपबंध और प्रमुख संशोधन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए केंद्र-राज्य संबंध, आपातकालीन उपबंध और प्रमुख संशोधन के 9 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1अनुच्छेद 1 भारत को राज्यों का संघ कहता है। इस वर्णन से कौन-सा निष्कर्ष निकलता है?

A हर राज्य की संप्रभु स्थिति संघ के बराबर होती है।
B राज्यों को अलग होने का स्वतंत्र संवैधानिक अधिकार है।
C राज्यों की वास्तविक निर्वाचित सरकारें होती हैं, लेकिन क्षेत्रीय संप्रभुता संवैधानिक संघ में रहती है।
D भारत संप्रभु राज्यों का ढीला परिसंघ है।
व्याख्या

संकेत अनुच्छेद 1 में राज्यों का संघ शब्द है। संविधान संघ और राज्यों को साथ-साथ बनाता है। राज्यों के पास निर्वाचित सरकारें और संवैधानिक क्षेत्र हैं, इसलिए वे केंद्र के केवल विभाग नहीं हैं। साथ ही, उनके पास अलग होने का स्वतंत्र अधिकार नहीं है, और उच्चतम न्यायालय ने राज्य की संघ के बराबर संप्रभुता का विचार नहीं माना। इसलिए सही निष्कर्ष यही है कि राज्यों की वास्तविक सरकार है, लेकिन क्षेत्रीय संप्रभुता संवैधानिक संघ में रहती है।

प्र.2समवर्ती सूची के किसी विषय पर राज्य का कानून पहले से बने वैध केंद्रीय कानून से टकराता है। उस राज्य कानून को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिल चुकी है। अनुच्छेद 254(2) का परिणाम क्या होगा?

A राज्य कानून उस राज्य में लागू रह सकता है, लेकिन संसद बाद में नया कानून बनाकर उसे निष्प्रभावी कर सकती है।
B राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद राज्य कानून अपने-आप पूरे भारत में लागू हो जाता है।
C केंद्रीय कानून स्थायी रूप से निष्प्रभावी हो जाता है और संसद उस विषय पर फिर कानून नहीं बना सकती।
D यह टकराव अनुच्छेद 254 से नहीं, बल्कि राज्यपाल के विवेक से तय होता है।
व्याख्या

अनुच्छेद 254 समवर्ती सूची में कानूनों के टकराव से जुड़ा है। इसका दो-स्तरीय नियम बताया जाता है: सामान्यतः वैध केंद्रीय कानून असंगत राज्य कानून पर प्रभावी रहता है; लेकिन राज्य कानून को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिल जाए तो वह उस राज्य में लागू रह सकता है। यह संरक्षण पूर्ण नहीं है। संसद बाद में नया कानून बनाकर राज्य कानून को निष्प्रभावी कर सकती है। इसलिए राष्ट्रपति की स्वीकृति राज्य-विशेष संरक्षण देती है, पूरे भारत में लागू होने या स्थायी छूट का अधिकार नहीं।

प्र.3अनुच्छेद 1 और अनुच्छेद 3 के तहत भारतीय राज्यों की संवैधानिक स्थिति को सबसे ठीक कौन-सा कथन बताता है?

A राज्यों को भारत से अलग होने का स्वतंत्र संवैधानिक अधिकार है।
B संसद राज्य की सीमाएँ बदल सकती है, लेकिन संबंधित राज्य विधानमंडल के पास बाध्यकारी वीटो होता है।
C भारत राज्यों का संघ है; राज्यों की वास्तविक सरकारें हैं, लेकिन क्षेत्रीय संप्रभुता संवैधानिक संघ में रहती है।
D संविधान राज्यों को संघ के समान संप्रभु दर्जा देता है।
व्याख्या

अनुच्छेद 1 भारत को राज्यों का संघ कहता है। भारतीय संघवाद राज्यों को निर्वाचित सरकार, विधानमंडल और संवैधानिक क्षेत्र देता है, लेकिन यह संप्रभु राज्यों का ढीला परिसंघ नहीं है। अनुच्छेद 3 भी यही बनावट दिखाता है: संसद संबंधित राज्य विधानमंडल से मत माँगकर नए राज्य बना सकती है या सीमाएँ बदल सकती है, पर राज्य के पास वीटो नहीं होता। सही बात यह है कि राज्य संघ के भीतर वास्तविक संवैधानिक सरकारें हैं, अलग होने वाली संप्रभु इकाइयाँ नहीं।

प्र.4कथन 1: 44वें संशोधन ने अनुच्छेद 352 में आंतरिक अशांति की जगह सशस्त्र विद्रोह को आधार बनाया। कथन 2: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपात की उद्घोषणा के लिए संघ मंत्रिमंडल की लिखित सलाह जरूरी है। कथन 3: 1978 के बाद की सुरक्षा के अनुसार अनुच्छेद 358, अनुच्छेद 19 को केवल युद्ध या बाह्य आक्रमण वाले आपात में प्रभावित करता है। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B 1, 2 और 3
C केवल 2 और 3
D केवल 1 और 3
व्याख्या

तीनों कथन दी गई आपात-सुरक्षाओं से आते हैं। 1975 के राष्ट्रीय आपात ने व्यापक आपात-भाषा के खतरे को दिखाया। इसलिए 44वें संशोधन, 1978 ने आंतरिक अशांति की जगह सशस्त्र विद्रोह रखा और अनुच्छेद 352 के तहत उद्घोषणा से पहले संघ मंत्रिमंडल की लिखित सलाह जरूरी की। अधिकारों की सुरक्षा भी जोड़ा जाता है: अनुच्छेद 358 अब अनुच्छेद 19 को केवल युद्ध या बाह्य आक्रमण वाले आपात में प्रभावित करता है। इन तीनों में से किसी एक को छोड़ना अधूरा उत्तर होगा।

प्र.5सूची 1: 1. अनुच्छेद 352 2. अनुच्छेद 356 3. अनुच्छेद 360 4. अनुच्छेद 279A सूची 2: क. GST परिषद ख. राज्य में राष्ट्रपति शासन ग. वित्तीय आपात घ. राष्ट्रीय आपात सही मिलान चुनिए।

A 1-ख, 2-घ, 3-ग, 4-क
B 1-घ, 2-ख, 3-ग, 4-क
C 1-घ, 2-ग, 3-ख, 4-क
D 1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
व्याख्या

अनुच्छेदों के आधार पर साफ वर्गीकरण दिया जाता है। अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपात है, जो युद्ध, बाह्य आक्रमण और सशस्त्र विद्रोह जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा आधारों से जुड़ा है। अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन है, जब राज्य की सरकार संविधान के अनुसार नहीं चल सकती। अनुच्छेद 360 वित्तीय आपात है, जो भारत की वित्तीय स्थिरता या साख के खतरे से जुड़ा है और भारत में अब तक घोषित नहीं हुआ। अनुच्छेद 279A को 101वें संशोधन ने जोड़ा और इसी से GST परिषद बनी।

आपने 9 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6दावा: 42वें संशोधन, 1976 ने कुछ विषयों को समवर्ती सूची में भेजकर कई नीति क्षेत्रों में केंद्र की भूमिका बढ़ाई। कारण: शिक्षा, वन, बाट-माप, वन्य जीवों-पक्षियों का संरक्षण और न्याय प्रशासन समवर्ती सूची में भेजे गए विषयों में शामिल थे। सही उत्तर चुनिए।

Aदावा और कारण दोनों सही हैं, और कारण दावे की सही व्याख्या करता है।
Bदावा और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण दावे की सही व्याख्या नहीं करता।
Cदावा सही है, लेकिन कारण गलत है।
Dदावा गलत है, लेकिन कारण सही है।

7कथन 1: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपात युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर घोषित हो सकता है। कथन 2: 44वें संशोधन के बाद अनुच्छेद 358, अनुच्छेद 19 को केवल युद्ध या बाह्य आक्रमण आधारित आपात में प्रभावित करता है। कथन 3: अनुच्छेद 359 का उपयोग अनुच्छेद 20 और 21 के प्रवर्तन को रोकने के लिए नहीं किया जा सकता। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

8अभिकथन: एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ में अनुच्छेद 356 की उद्घोषणाओं को न्यायिक समीक्षा योग्य माना गया और बहुमत की सामान्य जाँच विधानसभा के पटल पर होनी चाहिए। कारण: बहुमत पर राज्यपाल का निजी आकलन अंतिम होता है और अदालतें उसकी जाँच नहीं कर सकतीं। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Cअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Dअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

9दिए संकेत से संवैधानिक रास्ते का मिलान कीजिए। सूची 1: 1. अनुच्छेद 249 2. अनुच्छेद 250 3. अनुच्छेद 252 4. अनुच्छेद 253 सूची 2: क. राष्ट्रीय आपात ख. राष्ट्रीय हित में राज्यसभा का प्रस्ताव ग. दो या अधिक राज्य विधानमंडलों का अनुरोध घ. अंतरराष्ट्रीय संधि, करार या सम्मेलन

A1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
B1-ख, 2-क, 3-घ, 4-ग
C1-ग, 2-क, 3-ख, 4-घ
D1-ख, 2-क, 3-ग, 4-घ

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