MCQ
भारत में डिजिटल गवर्नेंस MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए भारत में डिजिटल गवर्नेंस के 85 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1जीवन प्रमाण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जीवन प्रमाण पेंशनभोगियों के लिए बायोमेट्रिक-सक्षम आधार-आधारित डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र है। 2. एक बार बनने के बाद प्रमाण आईडी जीवनभर वैध रहती है। 3. जीवन प्रमाण बनाने के लिए आधार संख्या या VID अनिवार्य है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है, क्योंकि प्रमाण आईडी जीवनभर वैध नहीं रहती; इसकी वैधता पेंशन स्वीकृतकर्ता प्राधिकरण के नियमों पर निर्भर है।
प्र.21. CPGRAMS सेवा-प्रदान से संबंधित शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को दी गई 24x7 ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म सुविधा है। 2. CPGRAMS भारत सरकार और राज्यों के सभी मंत्रालयों/विभागों से जुड़ा एकल पोर्टल है। 3. CPGRAMS ईमेल से भेजी गई शिकायतों को शिकायत दर्ज करने के मुख्य माध्यम के रूप में स्वीकार करता है। 4. यदि नागरिक शिकायत अधिकारी के निस्तारण से संतुष्ट नहीं है तो CPGRAMS अपील सुविधा देता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। CPGRAMS पोर्टल इसे सेवा वितरण से संबंधित शिकायतों के लिए 24x7 ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, केंद्र और राज्य विभागों से जुड़ा एकल पोर्टल, और अपील सुविधा वाला तंत्र बताता है। कथन 3 गलत है, क्योंकि पोर्टल कहता है कि ईमेल से भेजी गई शिकायतें स्वीकार नहीं होंगी और शिकायत पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।
प्र.3डिजिलॉकर और राष्ट्रीय शैक्षणिक निक्षेपागार के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डिजिलॉकर नागरिकों के लॉकर खातों में प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज जारी करके पेपरलेस शासन को बढ़ावा देता है। 2. डिजिलॉकर प्रणाली में जारी दस्तावेज संबंधित डिजिटल लॉकर नियमों के नियम 9-ए के अंतर्गत मूल भौतिक दस्तावेजों के समान माने जाते हैं। 3. शैक्षणिक पुरस्कारों के लिए डिजिलॉकर पारितंत्र में शैक्षणिक संस्थान, विद्यार्थी और सत्यापन भागीदार शामिल हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
तीनों कथन सही हैं। डिजिलॉकर प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेजों के माध्यम से पेपरलेस शासन को बढ़ावा देता है, जारी दस्तावेज नियम 9-ए के अंतर्गत मूल भौतिक दस्तावेजों के समान माने जाते हैं और शैक्षणिक पुरस्कारों के पारितंत्र में शैक्षणिक संस्थान, विद्यार्थी तथा सत्यापन भागीदार शामिल हैं।
प्र.4ई-साइन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ई-साइन एक ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर सेवा है। 2. ई-साइन को एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस (API) के ज़रिए सेवा-वितरण अनुप्रयोगों से जोड़ा जा सकता है। 3. ई-साइन में प्रत्येक हस्ताक्षर के लिए उपयोगकर्ता को भौतिक क्रिप्टोग्राफिक टोकन प्रयोग करना अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। ई-साइन एक ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर सेवा है और इसे API के ज़रिए सेवा-वितरण अनुप्रयोगों से जोड़ा जा सकता है। कथन 3 गलत है, क्योंकि ई-साइन के लिए भौतिक क्रिप्टोग्राफिक टोकन की आवश्यकता नहीं होती।
प्र.5डिजिटल इंडिया के सार्वजनिक इंटरनेट पहुंच कार्यक्रम के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसके दो घटक कॉमन सर्विस सेंटर और बहु-सेवा केंद्र के रूप में डाकघर हैं। 2. कॉमन सर्विस सेंटर को सरकारी और व्यावसायिक सेवाओं के व्यवहार्य तथा बहु-कार्यात्मक वितरण बिंदु बनाया जाना है। 3. इस कार्यक्रम के घटकों में डाकघरों को स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। डिजिटल इंडिया स्तंभ पृष्ठ CSC और डाकघरों को दो घटक बताता है तथा CSC को बहु-कार्यात्मक सेवा-वितरण बिंदु बताता है। कथन 3 गलत है, क्योंकि डाकघरों को बाहर नहीं किया गया है, बल्कि शामिल किया गया है।
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और प्रश्न
6डिजिलॉकर और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डिजिलॉकर डिजिटल इंडिया के अंतर्गत एक प्रमुख पहल है। 2. यह दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों को जारी करने तथा सत्यापित करने के लिए क्लाउड-आधारित प्लेटफ़ॉर्म है। 3. सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर प्रणाली में जारी दस्तावेज मूल भौतिक दस्तावेजों के बराबर माने जाते हैं। 4. डिजिलॉकर की वैधता केवल शैक्षणिक प्रमाणपत्रों तक सीमित है और इसमें ड्राइविंग लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र अभिलेख शामिल नहीं हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
7डिजिटल हस्ताक्षर और प्रमाणन प्राधिकारियों के नियंत्रक के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 असममित क्रिप्टो प्रणाली पर आधारित डिजिटल हस्ताक्षरों को कानूनी वैधता देता है। 2. प्रमाणन प्राधिकारियों के नियंत्रक की नियुक्ति सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 17 के अंतर्गत हुई और उसका कार्यालय 1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया। 3. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र लाइसेंस प्राप्त प्रमाणन प्राधिकारियों के बजाय UIDAI जारी करता है। 4. भारतीय मूल प्रमाणन प्राधिकारी की स्थापना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 18(b) के अंतर्गत हुई। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
81. ई-कोर्ट्स मिशन मोड परियोजना केवल भारत के उच्चतम न्यायालय के ICT सक्षमीकरण के लिए है। 2. ई-कोर्ट्स परियोजना मुकदमे की स्थिति, आदेशों और निर्णयों की पारदर्शी ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास करती है। 3. ई-कोर्ट्स के चरण 2 ने न्यायालयों के कंप्यूटरीकरण के साथ नागरिक-केंद्रित ई-सेवाओं पर भी ध्यान दिया। कौन-से कथन सही हैं?
9जनगणना 2027 की डिजिटल तैयारी के तहत उत्तराखंड में कितने घर सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए?
10डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना है। 2. कार्यक्रम 3 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है: नागरिकों के लिए मुख्य सुविधा के रूप में डिजिटल अवसंरचना, मांग पर उपलब्ध शासन और सेवाएं, तथा नागरिकों का डिजिटल सशक्तीकरण। 3. डिजिटल इंडिया केवल MeitY द्वारा लागू की गई स्वतंत्र परियोजना है, जिसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की परियोजनाएं शामिल नहीं हैं। 4. डिजिटल इंडिया वेबसाइट पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को डिजिटल इंडिया के 9 स्तंभों में से एक बताया गया है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
11डिजिटल इंडिया के 'सभी के लिए सूचना' स्तंभ के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. खुले डेटा प्लेटफ़ॉर्म तथा सूचना और दस्तावेजों की ऑनलाइन होस्टिंग का उद्देश्य नागरिकों के लिए सूचना तक खुली और आसान पहुंच को सुगम बनाना है। 2. सरकार से अपेक्षा है कि वह नागरिकों को सूचित करने के लिए सोशल मीडिया और वेब-आधारित प्लेटफ़ॉर्मों से सक्रिय संवाद करे। 3. इस स्तंभ के अंतर्गत ईमेल और SMS से नागरिकों को ऑनलाइन संदेश भेजना प्रतिबंधित है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
121. ओपन गवर्नमेंट डेटा प्लेटफॉर्म इंडिया को NIC ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजाइन, विकसित और होस्ट किया है। 2. इसका उद्देश्य सरकार के स्वामित्व वाले साझा किए जा सकने वाले डेटा तक मानव-पठनीय और मशीन-पठनीय, दोनों रूपों में पहुंच आसान बनाना है। 3. यह प्लेटफॉर्म डिजिटल इंडिया के स्तंभ 6, सूचना सभी के लिए, के अंतर्गत आने वाली पहलों में से एक है। 4. यह प्लेटफॉर्म बंद-स्रोत है और वैश्विक क्रियान्वयन के लिए खुले स्रोत उत्पाद के रूप में उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
131. मायगव भारत सरकार का नागरिक सहभागिता प्लेटफ़ॉर्म है। 2. मायगव 26 जुलाई 2014 को शुरू किया गया था। 3. मायगव नीति निर्माण के लिए मत प्राप्त करने के लिए अनेक सरकारी निकायों और मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करता है। कौन-से कथन सही हैं?
14NeGD के डिजिटल शासन प्लेटफॉर्मों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. UMANG मोबाइल ऐप और वेब से केंद्रीय, राज्य, स्थानीय, स्वायत्त और वैधानिक निकायों की प्रमुख नागरिक-केंद्रित सेवाओं को एक जगह जोड़ता है। 2. डिजिलॉकर दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों के डिजिटल निर्गमन और सत्यापन से पेपरलेस शासन पर केंद्रित है। 3. API सेतु का घोषित उद्देश्य केवल निजी क्षेत्र के API विनिमय तक सीमित है और सरकारी ई-गवर्नेंस अनुप्रयोगों को बाहर रखता है। 4. मेरीपहचान जन परिचय, ई-प्रमाण और डिजिलॉकर का सहयोग है तथा उपयोगकर्ता नाम, मोबाइल नंबर, आधार और PAN जैसे मानकों से उपयोगकर्ताओं को प्रमाणित करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
15आधार-आधारित डिजिटल शासन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आधार प्रमाणीकरण में आधार संख्या को जनसांख्यिकीय या बायोमेट्रिक सूचना के साथ केंद्रीय पहचान डेटा भंडार को भेजा जाता है। 2. प्रत्येक आधार हां/नहीं प्रमाणीकरण उत्तर अनुरोधकर्ता को निवासी की व्यक्तिगत पहचान सूचना लौटाता है। 3. आधार ई-केवाईसी प्रमाणीकरण केवल OTP और/या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से किया जाता है। 4. यदि किसी व्यक्ति को अभी आधार संख्या आवंटित नहीं हुई है, तो नामांकन पूरा होने तक उसे सब्सिडी या सेवा से वंचित करना अनिवार्य है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
