MCQ
न्यायपालिका MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए न्यायपालिका के 101 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1उच्चतम न्यायालय की पुनर्विलोकन शक्ति, उपचारात्मक याचिका और अवमान के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दीवानी कार्यवाही में पुनर्विलोकन केवल सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 47, नियम 1 में उल्लिखित आधारों पर स्वीकार किया जाता है। 2. आपराधिक कार्यवाही में पुनर्विलोकन अभिलेख में स्पष्ट दिखने वाली त्रुटि के आधार पर स्वीकार किया जाता है। 3. उपचारात्मक याचिका पुनर्विलोकन याचिका दाखिल करने से पहले उपलब्ध होती है। 4. अनुच्छेद 129 और 142 के अधीन उच्चतम न्यायालय को न्यायालय की अवमान के लिए दंड देने की शक्ति है, इसमें अपने ही अवमान के लिए दंड देना भी शामिल है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 उच्चतम न्यायालय की आधिकारिक सामग्री में दिए नियम-विवरण से सही हैं। कथन 3 गलत है: उपचारात्मक याचिका पुनर्विलोकन याचिका के खारिज होने के बाद आती है। कथन 4 सही है: आधिकारिक सामग्री अनुच्छेद 129 और 142 को अवमान-शक्ति से जोड़ती है।
प्र.2निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान संघ और राज्य दोनों विधियों के प्रशासन के लिए न्यायालयों की एकल एकीकृत व्यवस्था प्रदान करता है। 2. न्यायिक पदानुक्रम में उच्चतम न्यायालय के तुरंत बाद ज़िला न्यायालय आते हैं। 3. उच्चतम न्यायालय के निर्णय भारत के क्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है, क्योंकि संविधान संघ और राज्य विधियों के लिए एकीकृत न्यायिक व्यवस्था देता है। कथन 2 गलत है: उच्चतम न्यायालय के बाद उच्च न्यायालय आते हैं, न कि सीधे ज़िला न्यायालय। कथन 3 सही है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय के निर्णय भारत के सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी हैं।
प्र.3निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के राष्ट्रपति अनुच्छेद 143 के अधीन मामले उच्चतम न्यायालय को भेज सकते हैं। 2. उच्चतम न्यायालय को अनुच्छेद 129 और 142 के अधीन अपनी अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति है। 3. उच्चतम न्यायालय की अवमानना संबंधी शक्ति केवल अनुच्छेद 32 से प्राप्त होती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है, क्योंकि अनुच्छेद 143 परामर्शी संदर्भ का प्रावधान है। कथन 2 सही है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय की अवमान शक्ति अनुच्छेद 129 और 142 के अधीन बताई गई है। कथन 3 इसलिए गलत है; अनुच्छेद 32 मूल अधिकारों के प्रवर्तन से संबंधित है, अवमान शक्ति का अकेला स्रोत नहीं।
प्र.4अनुच्छेद 124 के अधीन उच्चतम न्यायालय की संरचना और न्यायाधीश अर्हताओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय भारत के मुख्य न्यायाधीश और, जब तक संसद विधि द्वारा बड़ी संख्या निर्धारित न करे, अधिकतम 33 अन्य न्यायाधीशों से मिलकर बनता है। 2. उच्चतम न्यायालय का प्रत्येक न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु तक पद धारण करता है। 3. कोई व्यक्ति कम से कम 5 वर्ष उच्च न्यायालय न्यायाधीश रहकर अर्ह हो सकता है। 4. कोई प्रख्यात विधिवेत्ता तभी अर्ह हो सकता है जब यह मत राष्ट्रपति नहीं, बल्कि भारत के मुख्य न्यायाधीश बनाएँ। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है: उद्धृत वर्तमान पाठ भारत के मुख्य न्यायाधीश और अधिकतम 33 अन्य न्यायाधीशों का उल्लेख करता है, जब तक संसद इससे बड़ी संख्या निर्धारित न करे। कथन 2 गलत है: उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष तक पद धारण करते हैं, 62 वर्ष तक नहीं। कथन 3 सही है: 5 वर्ष तक उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहना एक अर्हता है। कथन 4 गलत है: प्रख्यात विधिवेत्ता वाला आधार राष्ट्रपति के मत पर निर्भर है।
प्र.5निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सर्वोच्च न्यायालय अपने विवेक से भारत के न्यायालयों या अधिकरणों द्वारा पारित निर्णयों, डिक्रियों, निर्धारणों, दंडादेशों या आदेशों के विरुद्ध विशेष अनुमति से अपील की अनुमति दे सकता है। 2. अनुच्छेद 136 की विशेष अनुमति शक्ति सशस्त्र बलों से संबंधित विधियों के अधीन गठित अधिकरणों के निर्णयों पर भी लागू होती है। 3. सर्वोच्च न्यायालय को अपने निर्णयों या आदेशों की पुनर्विलोकन शक्ति है, जो विधि और नियमों के अधीन है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 136(2) सशस्त्र बलों से संबंधित विधियों के अधीन गठित न्यायालयों या अधिकरणों के निर्णयों, निर्धारणों, दंडादेशों या आदेशों को बाहर रखता है।
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और प्रश्न
6निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यदि उच्च न्यायालय अनुच्छेद 134A के अधीन प्रमाणित करे कि मामला संविधान की व्याख्या से संबंधित विधि के महत्वपूर्ण प्रश्न से जुड़ा है, तो उच्च न्यायालय के निर्णय से सर्वोच्च न्यायालय में अपील हो सकती है। 2. दांडिक मामले में अपील का एक मार्ग तब बनता है जब उच्च न्यायालय दोषमुक्ति के निर्णय को पलटकर अभियुक्त को मृत्यु-दंड देता है। 3. उच्च न्यायालय से प्रत्येक दांडिक अपील बिना किसी प्रमाणपत्र या निर्धारित शर्त के स्वतः सर्वोच्च न्यायालय पहुँचती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
7उच्च न्यायालयों की रिट और अधीक्षण शक्तियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 226 प्रत्येक उच्च न्यायालय को किसी व्यक्ति या प्राधिकारी, और उपयुक्त मामलों में किसी सरकार को भी, निदेश, आदेश या रिट जारी करने की शक्ति देता है। 2. अनुच्छेद 226 के अंतर्गत बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण जैसी रिटें शामिल हैं। 3. अनुच्छेद 227 प्रत्येक उच्च न्यायालय को सभी न्यायालयों और अधिकरणों पर, सशस्त्र बलों से संबंधित विधियों के अधीन गठित अधिकरणों सहित, अधीक्षण की शक्ति देता है। 4. अनुच्छेद 226 का उपयोग भाग 3 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन और किसी अन्य प्रयोजन के लिए किया जा सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
81. उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना आवश्यक है। 2. जो व्यक्ति कम-से-कम 5 वर्ष तक उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो, वह उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्ह हो सकता है। 3. राष्ट्रपति की राय में कोई विख्यात विधिवेत्ता उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्ह हो सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
91. अनुच्छेद 226 के अधीन उच्च न्यायालय केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी कर सकता है, किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं। 2. अनुच्छेद 226 की शक्ति उच्च न्यायालय द्वारा तब प्रयोग की जा सकती है जब वाद-कारण पूर्णतः या अंशतः उसकी क्षेत्रीय अधिकारिता में उत्पन्न हो। 3. अनुच्छेद 226 कहता है कि उच्च न्यायालय की रिट शक्ति, उच्चतम न्यायालय की अनुच्छेद 32 शक्ति को कम नहीं करती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
10निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी करने की अनुमति देता है। 2. अनुच्छेद 226 में बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण जैसे रिटों का उल्लेख है। 3. यदि वाद-कारण पूर्णतः या आंशिक रूप से उसकी क्षेत्रीय अधिकारिता में उत्पन्न हो, तो उच्च न्यायालय रिट शक्ति का प्रयोग कर सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
111. अनुच्छेद 32 उच्चतम न्यायालय को किसी भी उद्देश्य के लिए रिट जारी करने की शक्ति देता है, भले ही भाग 3 का कोई अधिकार शामिल न हो। 2. अनुच्छेद 32 बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण की प्रकृति की रिटों का स्पष्ट उल्लेख करता है। 3. अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालय को भाग 3 के अधिकारों के प्रवर्तन तथा किसी अन्य उद्देश्य के लिए रिट जारी करने में सक्षम बनाता है। 4. अनुच्छेद 226 के अधीन उच्च न्यायालय की शक्ति उच्चतम न्यायालय की अनुच्छेद 32(2) शक्ति का अल्पीकरण नहीं है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
12निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 136 की विशेष अनुमति अधिकारिता सशस्त्र बलों से संबंधित विधियों के अधीन गठित न्यायालयों या अधिकरणों के निर्णयों पर भी लागू होती है। 2. अनुच्छेद 32 उच्चतम न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण जैसे रिट जारी करने की शक्ति देता है। 3. अनुच्छेद 226 स्पष्ट करता है कि उच्च न्यायालय की रिट शक्ति उच्चतम न्यायालय की अनुच्छेद 32 शक्ति को कम नहीं करती। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
13मई 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या कितनी से कितनी करने को मंजूरी दी?
14निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 32 भाग 3 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय में जाने के अधिकार की गारंटी देता है। 2. भाग 4 के नीति-निदेशक तत्व मूल अधिकारों की तरह किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय हैं। 3. अनुच्छेद 50 राज्य को राज्य की लोक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक करने का निर्देश देता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
15निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्च न्यायालय का प्रत्येक न्यायाधीश राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुहर वाले अधिपत्र से नियुक्त किया जाता है। 2. अतिरिक्त या कार्यवाहक न्यायाधीश को छोड़कर उच्च न्यायालय का न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक पद धारण करता है। 3. उच्च न्यायालय का न्यायाधीश केवल राज्यपाल को संबोधित लिखित पत्र द्वारा ही त्यागपत्र दे सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
