Q1. निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 26 मई 2026 के निर्णय के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सर्वोच्च न्यायालय ने भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित एसआईआर प्रक्रिया की वैधता को बरकरार रखा। 2. न्यायालय ने कहा कि निर्वाचन आयोग के पास निर्वाचक नामावली में शामिल करने या बाहर करने के सीमित प्रयोजन के लिए नागरिकता दावों की जांच करने की संवैधानिक शक्ति है। 3. न्यायालय ने निर्णय दिया कि एसआईआर प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 का उल्लंघन करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Explanation
कथन 1 और 2 सही हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने 26 मई 2026 को निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण की वैधता को बरकरार रखा और पुष्टि की कि निर्वाचन आयोग के पास निर्वाचक नामावली में शामिल करने या बाहर करने हेतु नागरिकता दावों की जांच करने की संवैधानिक शक्ति है। कथन 3 गलत है क्योंकि न्यायालय ने स्पष्ट रूप से निर्णय दिया कि एसआईआर प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 का उल्लंघन नहीं करती है तथा इसका स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के संवैधानिक लक्ष्य से संबंध है।
