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MCQ

चुनावी प्रक्रिया MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए चुनावी प्रक्रिया के 94 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आवश्यक जमानत राशि नामांकन-पत्र देते समय निर्वाचन अधिकारी के पास नकद जमा की जा सकती है। 2. भारतीय रिजर्व बैंक या सरकारी कोषागार में जमा राशि की रसीद नामांकन-पत्र के साथ लगाई जा सकती है। 3. उद्धृत प्रावधान भारतीय रिजर्व बैंक या सरकारी कोषागार की रसीद को मानता है, निजी बैंक ड्राफ्ट को एकमात्र प्रमाण नहीं बनाता। 4. जमानत राशि की शर्त विधिवत नामित होने की आवश्यकता का भाग है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1, 2 और 4
B केवल 2 और 3
C केवल 1 और 3
D 1, 2, 3 और 4
व्याख्या

चारों कथन सही हैं। धारा 34 निर्वाचन अधिकारी के पास नकद जमा या भारतीय रिजर्व बैंक अथवा सरकारी कोषागार की रसीद को स्वीकार करती है और जमानत राशि को विधिमान्य नामांकन की शर्त बनाती है।

प्र.2VVPAT कागज-पर्ची सत्यापन और गणना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनिवार्य VVPAT सत्यापन, यथास्थिति, प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र या विधानसभा खंड में बेतरतीब ढंग से चुने गए 5 मतदान केंद्रों का होता है। 2. अनिवार्य सत्यापन EVM मतगणना के अंतिम दौर के पूरा होने से पहले किया जाना होता है। 3. बेतरतीब चयन निर्वाचन अधिकारी द्वारा पर्ची निकालकर, अभ्यर्थियों/उनके अभिकर्ताओं और सामान्य प्रेक्षक की उपस्थिति में किया जाता है। 4. परिणाम-पत्र प्रविष्टियों की घोषणा के बाद अभ्यर्थी नियम 56D के अधीन VVPAT कागज-पर्चियों की गणना के लिए निर्वाचन अधिकारी को लिखित आवेदन दे सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C केवल 1, 3 और 4
D 1, 2, 3 और 4
व्याख्या

कथन 1, 3 और 4 सही हैं। EVM मैनुअल प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र/खंड में बेतरतीब चुने गए 5 मतदान केंद्रों के सत्यापन, संबंधित पक्षों की उपस्थिति में पर्ची-निकासी, और परिणाम-पत्र प्रविष्टियों की घोषणा के बाद नियम 56D के अधीन लिखित आवेदन का प्रावधान बताता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि अनिवार्य सत्यापन मतगणना के अंतिम दौर के पूरा होने के बाद होता है।

प्र.3निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र के लिए सामान्य जमानत राशि 25,000 रुपये है। 2. विधानसभा निर्वाचन-क्षेत्र के लिए सामान्य जमानत राशि 10,000 रुपये है। 3. विधानसभा या परिषद निर्वाचन-क्षेत्र में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति अभ्यर्थी के लिए जमानत राशि 12,500 रुपये है। 4. यदि कोई अभ्यर्थी उसी निर्वाचन-क्षेत्र में एक से अधिक नामांकन-पत्र दाखिल करता है, तो केवल एक जमानत राशि आवश्यक होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1, 2 और 3
B केवल 1 और 4
C केवल 1, 2 और 4
D केवल 2, 3 और 4
व्याख्या

कथन 1, 2 और 4 धारा 34 से मेल खाते हैं। कथन 3 गलत है: 12,500 रुपये संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अभ्यर्थी की जमानत राशि है; विधानसभा या परिषद निर्वाचन-क्षेत्र में यह 5,000 रुपये है।

प्र.4निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 325 प्रत्येक प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक सामान्य निर्वाचक नामावली का प्रावधान करता है। 2. अनुच्छेद 325 धर्म के आधार पर विशेष निर्वाचक नामावली में शामिल किए जाने का दावा करने की अनुमति देता है। 3. अनुच्छेद 325 संसद के किसी भी सदन और राज्य विधानमंडल के सदन या किसी भी सदन के चुनावों को शामिल करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1 और 2
B केवल 1 और 3
C केवल 2 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

कथन 1 सही है: अनुच्छेद 325 प्रत्येक प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक सामान्य निर्वाचक नामावली का प्रावधान करता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि यह अनुच्छेद धर्म जैसे आधारों पर विशेष नामावली के दावे को अनुमति नहीं देता, बल्कि रोकता है। कथन 3 सही है, क्योंकि अनुच्छेद 325 संसद के किसी भी सदन और राज्य विधानमंडल के चुनावों पर लागू होता है।

प्र.5निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब तक निर्वाचन आयोग लिखित कारणों से अन्यथा निर्देश न दे, लोक सभा या राज्य विधानसभा के प्रत्येक आम चुनाव से पहले निर्वाचक नामावली का पुनरीक्षण किया जाना है। 2. निर्वाचन आयोग लिखित कारणों से किसी भी समय निर्वाचक नामावली का विशेष पुनरीक्षण निर्देशित कर सकता है। 3. नामांकन की अंतिम तिथि के बाद और उस चुनाव की समाप्ति से पहले धारा 23 के अंतर्गत उस निर्वाचन क्षेत्र की नामावली में नाम जोड़ने का निर्देश नहीं दिया जा सकता। 4. यदि आवेदक आधार संख्या देने में असमर्थ है, तो निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने का आवेदन अनिवार्य रूप से अस्वीकार किया जाना चाहिए। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल 1, 2 और 3
B केवल 1 और 4
C केवल 2 और 4
D 1, 2, 3 और 4
व्याख्या

कथन 1, 2 और 3 धारा 21 और 23 के अनुसार सही हैं। कथन 4 गलत है: धारा 23 कहती है कि पर्याप्त कारण से आधार संख्या न दे पाने पर नाम जोड़ने से इनकार या प्रविष्टि हटाई नहीं जाएगी; वैकल्पिक दस्तावेज दिए जा सकते हैं।

आपने 94 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नामांकन-पत्र प्राप्त होने पर निर्वाचन अधिकारी उसे देने वाले व्यक्ति को जांच की निर्धारित तिथि, समय और स्थान बताता है। 2. निर्वाचन अधिकारी नामांकन-पत्र पर उसका क्रमांक दर्ज करता है। 3. नामांकन की सूचना केवल मतगणना पूरी होने के बाद चिपकाई जाती है। 4. निर्वाचन अधिकारी उस तिथि और घंटे का प्रमाणपत्र हस्ताक्षरित करता है जिस समय नामांकन-पत्र उसे दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1, 2 और 4
D1, 2, 3 और 4

7निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 324 निर्वाचन नामावलियों की तैयारी और चुनावों के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण निर्वाचन आयोग में निहित करता है। 2. अनुच्छेद 324 के तहत राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोगों में निहित होते हैं। 3. निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर निर्धारित अन्य निर्वाचन आयुक्त हो सकते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3

8निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के भाग 3 के अंतर्गत निर्वाचक नामावलियों के लिए अर्हता तिथियों में 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर शामिल हैं। 2. कोई व्यक्ति केवल इसलिए किसी निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी माना जाता है क्योंकि उसके पास वहां आवासीय मकान है। 3. भारत का ऐसा प्रवासी नागरिक, जिसने किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण नहीं की है, अपने पासपोर्ट में उल्लिखित भारत स्थित निवास वाले निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत हो सकता है। 4. प्रवासी निर्वाचक संबंधी प्रावधान के अंतर्गत पंजीकृत व्यक्ति को उस निर्वाचन क्षेत्र में कभी मतदान की अनुमति नहीं होती। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 2, 3 और 4
D1, 2, 3 और 4

9निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 325 प्रत्येक प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्र के लिए पृथक सांप्रदायिक निर्वाचक नामावलियों की व्यवस्था करता है। 2. कोई मतदाता धर्म, मूलवंश, जाति या लिंग के आधार पर विशेष निर्वाचक नामावली में शामिल होने का दावा कर सकता है। 3. अनुच्छेद 325 केवल लोकसभा के चुनावों पर लागू होता है, राज्य विधानमंडलों पर नहीं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
Dउपर्युक्त में से कोई नहीं

10निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कुछ अन्य चुनावों में नामांकन करने की अंतिम तिथि अधिसूचना के प्रकाशन के बाद 7वां दिन होती है, लोक अवकाश नियम के अधीन। 2. जांच की तिथि नामांकन की अंतिम तिथि के ठीक अगले दिन होती है, लोक अवकाश नियम के अधीन। 3. वापसी की अंतिम तिथि जांच के बाद 7वां दिन होती है। 4. यदि मतदान आवश्यक हो, तो पहला मतदान-दिन वापसी की अंतिम तिथि के बाद 7वें दिन से पहले नहीं हो सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1, 2 और 4
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 2, 3 और 4
D1, 2, 3 और 4

11निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उम्मीदवार की जमानत केवल इसलिए जब्त हो जाती है कि वह निर्वाचित नहीं हुआ, चाहे उसे कितने भी मत मिले हों। 2. जिस चुनाव में मतदान हुआ हो, उसमें अनिर्वाचित उम्मीदवार की जमानत तब जब्त होती है जब उसके वैध मत कुल वैध मतों के एक-छठे से अधिक नहीं होते। 3. आनुपातिक प्रतिनिधित्व वाले चुनाव में निर्वाचित होने के लिए पर्याप्त माने गए मतों से संबंधित एक-छठे मानदंड का प्रावधान भी अधिनियम में है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

121. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 61 मतपत्र दिए जाने से पहले मतदाता के अंगूठे या किसी अन्य उंगली पर अमिट स्याही का चिह्न लगाने के लिए नियम बनाने की अनुमति देती है। 2. धारा 61 ऐसे स्थानों पर मतपत्र देने से पहले पहचान-पत्र प्रस्तुत कराने के नियम की भी अनुमति देती है, जहां मतदाताओं को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के नियमों के अधीन ऐसे पहचान-पत्र दिए गए हों। 3. धारा 61 ऐसे व्यक्ति को मतपत्र देने से रोकने का प्रावधान कर सकती है जिसके आवेदन करते समय उंगली पर पहले से निर्धारित चिह्न हो। 4. धारा 61 यह प्रावधान करती है कि अमिट स्याही का चिह्न मतदाता द्वारा मत डालने के बाद लगाया जाए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1, 2 और 3
Cकेवल 2 और 4
Dसभी चार

13निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में परिसीमन आयोग पांच बार गठित किए गए हैं। 2. परिसीमन आयोग के आदेशों को कानून का बल प्राप्त होता है और उन्हें किसी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। 3. परिसीमन आयोग के आदेशों की प्रतियां लोकसभा और संबंधित राज्य विधानसभा के समक्ष रखी जाती हैं, लेकिन वे उनमें संशोधन नहीं कर सकते। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
B2 और 3 केवल
C1 और 3 केवल
D1, 2 और 3

141. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33A उम्मीदवार से उन लंबित मामलों की सूचना मांगती है जिनमें 2 वर्ष या अधिक कारावास से दंडनीय अपराध में सक्षम न्यायालय ने आरोप तय किया हो। 2. धारा 33A, अपने बताए गए अपवादों के अधीन, 1 वर्ष या अधिक कारावास की सजा वाली दोषसिद्धि को भी शामिल करती है। 3. उम्मीदवार या उसका प्रस्तावक नामांकन-पत्र देते समय धारा 33A की सूचना सत्यापित करने वाला निर्धारित प्रपत्र में शपथपत्र भी देगा। 4. धारा 33A रिटर्निंग अधिकारी को मतदान समाप्त होने तक शपथपत्र गोपनीय रखने को कहती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 4
Cकेवल 1, 2 और 3
Dसभी चार

151. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 80A चुनाव याचिकाओं के विचारण का क्षेत्राधिकार उच्च न्यायालय को देती है। 2. सामान्यतः यह क्षेत्राधिकार मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त एकल न्यायाधीश द्वारा प्रयोग किया जाता है। 3. धारा 81 की शब्दावली के अधीन, ऐसा चुनाव लड़ने वाला कोई उम्मीदवार या कोई निर्वाचक निर्वाचित उम्मीदवार के चुनाव की तिथि से 45 दिनों के भीतर चुनाव याचिका प्रस्तुत कर सकता है। 4. धारा 98 या 99 के अधीन उच्च न्यायालय के प्रत्येक आदेश के विरुद्ध अपील निर्वाचन आयोग में जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 1 और 4
Cकेवल 2 और 3
Dसभी चार

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