MCQ
सर्वोच्च न्यायालय की संरचना MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए सर्वोच्च न्यायालय की संरचना के 86 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के हटाए जाने और शपथ के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को संसद के प्रत्येक सदन के समावेदन के बाद राष्ट्रपति के आदेश से ही हटाया जा सकता है। 2. हटाने के लिए संसदीय समावेदन को प्रत्येक सदन में केवल उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है। 3. हटाने के संवैधानिक आधार सिद्ध कदाचार या अक्षमता हैं। 4. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त प्रत्येक व्यक्ति केवल भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष शपथ लेता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 3 सही हैं: हटाने के लिए संसद के प्रत्येक सदन के समावेदन (अभिभाषण) के बाद राष्ट्रपति का आदेश ज़रूरी होता है, और इसका आधार सिद्ध कदाचार या अक्षमता होती है। कथन 2 गलत है, क्योंकि इसके समर्थन में उस सदन की कुल सदस्यता का बहुमत और उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत चाहिए। कथन 4 गलत है, क्योंकि शपथ राष्ट्रपति या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष ली जाती है।
प्र.21. मंत्रिमंडल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या 33 से 37 करने को मंजूरी दी। 2. इसका उद्देश्य 92,000 से अधिक लंबित मामलों के निपटान में सहायता बताया गया। 3. मंत्रिमंडल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर 41 न्यायाधीशों की नई संख्या को मंजूरी दी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर संख्या 37 दी गई है और स्पष्ट किया गया है कि 41 घोषित नई स्वीकृत संख्या नहीं थी।
प्र.3निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय न्यायाधीश संख्या अधिनियम, 1956 का अधिनियमन 1956 में हुआ था। 2. यह अधिनियम मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि का प्रावधान करता है। 3. अधिनियम की धारा 2 भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित उच्चतम न्यायालय न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या तैंतीस निर्धारित करती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है: इंडिया कोड अधिनियम वर्ष 1956 बताता है। कथन 2 सही है: दीर्घ शीर्षक मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर उच्चतम न्यायालय न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित है। कथन 3 गलत है क्योंकि धारा 2 भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर तैंतीस न्यायाधीश निर्धारित करती है, मुख्य न्यायाधीश सहित नहीं।
प्र.4उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति में उच्च न्यायालय से संबंधित पात्रता के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जो व्यक्ति कम से कम 5 वर्ष तक उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो, वह पात्र हो सकता है। 2. जो व्यक्ति कम से कम 5 वर्ष तक उच्च न्यायालय का अधिवक्ता रहा हो, वह अधिवक्ता के रूप में पात्र हो सकता है। 3. संविधान पात्रता की गणना में क्रमशः दो या अधिक उच्च न्यायालयों की सेवा को बाहर करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है, क्योंकि अधिवक्ता के रूप में कम से कम 10 वर्ष का अनुभव चाहिए, 5 वर्ष नहीं। कथन 3 गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 124 में दो या अधिक उच्च न्यायालयों का स्पष्ट रूप से उल्लेख है।
प्र.5निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त करने तक पद धारण करता है। 2. उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश सामान्यतः बासठ वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होता है। 3. उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षरयुक्त लेख द्वारा त्यागपत्र दे सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है: उच्चतम न्यायालय न्यायाधीश की संवैधानिक पदधारण आयु पैंसठ वर्ष है। कथन 2 गलत है क्योंकि बासठ वर्ष उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्ति आयु नहीं है। कथन 3 सही है: त्यागपत्र राष्ट्रपति को संबोधित लिखित रूप में दिया जाता है।
आपने 86 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
सर्वोच्च न्यायालय की संरचना पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।
और प्रश्न
61. संसद ने न्यायाधीशों की संख्या 1950 में 8 से बढ़ाकर 1956 में 11 की। 2. उच्चतम न्यायालय के इतिहास पृष्ठ के अनुसार संसद ने 2019 में संख्या 34 की। 3. संसद ने संख्या 1950 में 8 से सीधे 1956 में 34 कर दी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
7मई 2026 की मंत्रिमंडल मंजूरी के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की स्वीकृत नई संख्या क्या है?
8उच्चतम न्यायालय की आधिकारिक संरचना संबंधी जानकारी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय के आधिकारिक पृष्ठ पर बताया गया है कि न्यायालय में भारत का मुख्य न्यायाधीश और राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त अधिकतम 33 अन्य न्यायाधीश होते हैं। 2. उसी आधिकारिक पृष्ठ पर बताया गया है कि उच्चतम न्यायालय न्यायाधीश बनने के लिए व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए। 3. उसी आधिकारिक पृष्ठ पर बताया गया है कि अधिवक्ता वाला मार्ग किसी उच्च न्यायालय में कम से कम 5 वर्ष अधिवक्ता रहने का है। 4. उसी आधिकारिक पृष्ठ पर राष्ट्रपति की राय में प्रतिष्ठित विधिवेत्ता होने को अर्हता के एक आधार के रूप में मान्यता दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
9निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 126 भारत के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति से संबंधित है। 2. CJI का पद रिक्त होने पर प्रधानमंत्री कार्यवाहक CJI नियुक्त करते हैं। 3. कार्यवाहक CJI उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों में से नियुक्त किया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
10उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति और कार्यकाल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय का प्रत्येक न्यायाधीश राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुहर वाले अधिपत्र से नियुक्त किया जाता है। 2. अनुच्छेद 124 ऐसे उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों से परामर्श की व्यवस्था करता है जिन्हें राष्ट्रपति आवश्यक समझे। 3. उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक पद धारण करता है। 4. संविधान उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति का अधिपत्र भारत के उपराष्ट्रपति को सौंपता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
111. यह अधिनियम मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान करता है। 2. यह अधिनियम 1956 में अधिनियमित हुआ था। 3. यह अधिनियम मुख्य न्यायाधीश सहित उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या 33 निर्धारित करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
12निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के लिए भारत का नागरिक होना आवश्यक है। 2. कोई व्यक्ति, जो कम-से-कम 10 वर्षों तक किसी उच्च न्यायालय का अधिवक्ता रहा हो, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश पद के लिए अर्ह हो सकता है। 3. कोई विशिष्ट विधिवेत्ता उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश पद के लिए कभी अर्ह नहीं हो सकता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
13निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 128 के अधीन CJI उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में बैठने और कार्य करने का अनुरोध कर सकते हैं। 2. ऐसे अनुरोध के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सहमति आवश्यक है। 3. जिस सेवानिवृत्त न्यायाधीश से अनुरोध किया गया हो, वह अपनी सहमति के बिना भी बैठने के लिए बाध्य होता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
14निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 127 तब लागू होता है जब उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की गणपूर्ति किसी सत्र को आयोजित करने या जारी रखने के लिए उपलब्ध न हो। 2. अनुच्छेद 127 के अधीन राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श किए बिना सीधे किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से तदर्थ न्यायाधीश के रूप में उपस्थित होने का अनुरोध करता है। 3. अनुच्छेद 127 के अधीन अनुरोध करने से पहले संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श आवश्यक है। 4. अनुच्छेद 127 के अधीन नामित न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय में उपस्थित होता है, पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
15अनुच्छेद 128 और उच्चतम न्यायालय में बैठने वाले सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जो व्यक्ति उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश का पद धारण कर चुका हो, उससे उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में बैठने और कार्य करने का अनुरोध किया जा सकता है। 2. जो व्यक्ति संघीय न्यायालय का न्यायाधीश रह चुका हो, वह भी अनुच्छेद 128 के अंतर्गत आ सकता है। 3. अनुच्छेद 128 के अंतर्गत जिस व्यक्ति से अनुरोध किया जाता है, वह अनुरोध के बाद सभी प्रयोजनों के लिए उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश माना जाता है। 4. बैठते और कार्य करते समय ऐसे व्यक्ति के पास उस न्यायालय के न्यायाधीश की सभी अधिकारिता, शक्तियां और विशेषाधिकार होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
