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भारत की विदेश नीति और गुटनिरपेक्षता MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए भारत की विदेश नीति और गुटनिरपेक्षता के 1 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन (1): भारत के प्रथम प्रधानमंत्री विदेश नीति के उद्देश्यों को गुटनिरपेक्षता की रणनीति से प्राप्त करना चाहते थे। कथन (2): भारत ने कभी भी अन्य विकासशील देशों को गुटनिरपेक्षता की नीति के बारे में समझाने की कोशिश नहीं की। उपर्युक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए।

A कथन 1 गलत है लेकिन कथन 2 सही है।
B कथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं।
C कथन 1 और कथन 2 दोनों गलत हैं।
D कथन 1 सही है लेकिन कथन 2 गलत है।
व्याख्या

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता के बाद विदेश नीति के उद्देश्यों को पाने के लिए गुटनिरपेक्षता को मुख्य रणनीति के रूप में अपनाया, इसलिए पहला कथन सही है। दूसरा कथन गलत है, क्योंकि भारत ने नए स्वतंत्र और विकासशील देशों के बीच गुटनिरपेक्षता के पक्ष में सक्रिय रूप से बात रखी, खासकर अफ्रीकी-एशियाई और गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संदर्भ में। इसलिए पहला कथन गलत बताने वाला, दोनों कथनों को सही बताने वाला या दोनों को गलत बताने वाला संयोजन तथ्य से मेल नहीं खाता।

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