MCQ
औद्योगिक सुरक्षा MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए औद्योगिक सुरक्षा के 92 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1कारखाना अधिनियम, 1948 के अधीन जोखिमकारी-प्रक्रिया कारखानों के स्थल मूल्यांकन समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हर जोखिमकारी-प्रक्रिया कारखाने के प्रारंभिक स्थान के लिए स्थल मूल्यांकन समिति केंद्र सरकार नियुक्त करती है। 2. स्थल मूल्यांकन समिति को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन मिलने के 90 दिनों के भीतर राज्य सरकार को अपनी संस्तुति देनी होती है। 3. राज्य सरकार की स्वीकृति मिल जाने पर भी आवेदक को जल अधिनियम और वायु अधिनियम के अधीन केंद्रीय बोर्ड या राज्य बोर्ड से अतिरिक्त स्वीकृति लेनी ही होती है। 4. यदि कारखाना केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण में हो, तो केंद्र सरकार का नामित प्रतिनिधि स्थल मूल्यांकन समिति का अध्यक्ष बन जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 गलत है: स्थल मूल्यांकन समिति राज्य सरकार नियुक्त करती है। कथन 2 सही है: निर्धारित आवेदन प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर संस्तुति देनी होती है। कथन 3 गलत है: राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद जल/वायु बोर्डों से अतिरिक्त स्वीकृति आवश्यक नहीं रहती। कथन 4 गलत है: केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले कारखाने में केंद्र सरकार का प्रतिनिधि सदस्य के रूप में सहयोजित होता है, अध्यक्ष नहीं बनता।
प्र.2कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत सुरक्षा समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जहां खतरनाक प्रक्रिया होती है या खतरनाक पदार्थ प्रयुक्त अथवा संभाले जाते हैं, वहां अधिभोगी को सुरक्षा समिति गठित करनी होती है। 2. समिति में श्रमिकों और प्रबंधन के प्रतिनिधियों की संख्या बराबर होनी चाहिए। 3. ऐसी समिति के गठन से छूट केवल केंद्रीय सरकार दे सकती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। अधिनियम ऐसी खतरनाक प्रक्रिया या खतरनाक पदार्थ वाली स्थितियों में अधिभोगी से सुरक्षा समिति गठित करने और श्रमिकों तथा प्रबंधन के बराबर प्रतिनिधित्व की अपेक्षा करता है। कथन 3 गलत है, क्योंकि उद्धृत छूट देने की शक्ति राज्य सरकार के पास है, केवल केंद्रीय सरकार के पास नहीं।
प्र.3श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा स्पष्ट की गई व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता, 2020 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रावधान 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू बताए गए हैं। 2. संहिता केवल नियमित श्रमिकों को लाभ देती है और ठेका तथा अंतर-राज्य प्रवासी श्रमिकों को बाहर रखती है। 3. गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों पर कारावास सहित कठोर दंड लगने की बात कही गई है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 3 श्रम मंत्रालय के प्रश्नोत्तर के अनुसार सही हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि प्रश्नोत्तर कहता है कि संहिता नियमित, ठेका और अंतर-राज्य प्रवासी श्रमिकों में भेद नहीं करती तथा लाभ सभी श्रमिकों तक पहुंचाती है।
प्र.4कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत आसन्न खतरे की चेतावनी देने के श्रमिक अधिकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. श्रमिक आसन्न खतरे की आशंका अधिभोगी, एजेंट, प्रबंधक या प्रभारी अन्य व्यक्ति के संज्ञान में ला सकते हैं। 2. ऐसी आशंका सीधे निरीक्षक के संज्ञान में भी लाई जा सकती है। 3. अधिभोगी को ऐसी आशंका तब तक अनदेखी करनी होती है जब तक न्यायालय पहले इसकी पुष्टि न कर दे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं, क्योंकि श्रमिक कारखाना प्रबंधन और निरीक्षक दोनों को सूचना दे सकते हैं। कथन 3 गलत है: आशंका उचित पाए जाने पर अधिनियम तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा करता है, पहले न्यायालय की पुष्टि की नहीं।
प्र.5कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत खतरनाक प्रक्रिया वाले कारखानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राज्य सरकार खतरनाक प्रक्रिया वाले कारखाने के प्रारंभिक स्थान या विस्तार के लिए साइट अप्रेज़ल कमेटी नियुक्त कर सकती है। 2. राज्य का मुख्य निरीक्षक साइट अप्रेज़ल कमेटी के अध्यक्ष के रूप में शामिल होता है। 3. समिति को आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर अपनी संस्तुति देनी होती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं: राज्य सरकार स्थल मूल्यांकन समिति नियुक्त कर सकती है और मुख्य निरीक्षक को इसका अध्यक्ष बताया गया है। कथन 3 गलत है, क्योंकि अधिनियम 30 दिन के बजाय 90 दिन की अवधि बताता है।
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और प्रश्न
6कारखाना अधिनियम, 1948 के अधीन श्रमिकों के अधिकारों और दायित्वों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रत्येक श्रमिक को अधिभोगी से कार्यस्थल पर श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से संबंधित सूचना प्राप्त करने का अधिकार है। 2. प्रत्येक श्रमिक को कारखाने में स्वास्थ्य या सुरक्षा की अपर्याप्त व्यवस्था के बारे में निरीक्षक को अभ्यावेदन देने का अधिकार है। 3. यदि दुर्घटना न हो तो श्रमिक सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गए उपकरण का जानबूझकर दुरुपयोग कर सकता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
7खतरनाक रसायन नियमों के अंतर्गत सुरक्षा रिपोर्ट और लेखापरीक्षा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अधिभोगी को संबंधित औद्योगिक गतिविधि शुरू करने से कम से कम 90 दिन पहले सुरक्षा रिपोर्ट संबंधित प्राधिकरण को भेजनी होती है। 2. नई और मौजूदा औद्योगिक गतिविधियों के अधिभोगियों को ऐसी गतिविधियों से असंबद्ध विशेषज्ञ की सहायता से स्वतंत्र सुरक्षा लेखापरीक्षा करानी होती है। 3. सुरक्षा लेखापरीक्षा रिपोर्ट को हर वर्ष नई सुरक्षा लेखापरीक्षा कराकर अपडेट करना होता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
8कारखाना अधिनियम, 1948 के अध्याय 4-ए के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें खतरनाक प्रक्रियाओं से संबंधित प्रावधान हैं। 2. इसमें सुरक्षा प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी का प्रावधान शामिल है। 3. इसमें आसन्न खतरे के बारे में चेतावनी देने का श्रमिकों का कोई अधिकार शामिल नहीं है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
9कारखाना अधिनियम, 1948 के अधीन स्थल मूल्यांकन समिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जोखिमकारी प्रक्रिया वाले कारखाने के प्रारंभिक स्थान या विस्तार के लिए स्थल मूल्यांकन समिति केंद्रीय सरकार नियुक्त करती है। 2. राज्य का मुख्य निरीक्षक स्थल मूल्यांकन समिति का अध्यक्ष होता है। 3. स्थल मूल्यांकन समिति को निर्धारित आवेदन प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर राज्य सरकार को अपनी संस्तुति देनी होती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
10कारखाना अधिनियम, 1948 में खतरनाक संचालन और गंभीर खतरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. धारा 87 का शीर्षक खतरनाक संचालन है। 2. धारा 87A का शीर्षक गंभीर खतरे के कारण नियोजन निषिद्ध करने की शक्ति है। 3. धारा 91A का शीर्षक सुरक्षा और व्यावसायिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण है। 4. धारा 87A का शीर्षक कुछ रोगों की सूचना है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
111985 के अधिनियम में परिभाषित भोपाल गैस रिसाव आपदा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आपदा में भोपाल स्थित संयंत्र से अत्यंत हानिकारक और असामान्य रूप से खतरनाक गैस का रिसाव शामिल था। 2. संयंत्र यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड का था, जो यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन, यू.एस.ए. की सहायक कंपनी थी। 3. अधिनियम के अनुसार रिसाव से जीवन की कोई हानि या संपत्ति की कोई क्षति नहीं हुई। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
12रासायनिक दुर्घटना नियम, 1996 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये नियम 1 अगस्त 1996 की G.S.R. 347(E) अधिसूचना द्वारा प्रकाशित हुए। 2. केवल युद्ध या रेडियोधर्मिता के कारण हुई दुर्घटना रासायनिक दुर्घटना की परिभाषा से बाहर है। 3. MAH स्थापना की पहचान खतरनाक रसायनों की सीमा-मात्राओं से कोई संबंध रखे बिना की जाती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
13व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता, 2020 में खतरनाक प्रक्रिया संबंधी प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. धारा 83 स्थल मूल्यांकन समिति के गठन से संबंधित है। 2. धारा 84 अधिभोगी द्वारा सूचना के अनिवार्य प्रकटीकरण से संबंधित है। 3. धारा 89 आसन्न खतरे के बारे में श्रमिकों के चेतावनी-अधिकार को समाप्त करती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
14कारखाना अधिनियम, 1948 के अधीन दंड और सुरक्षा अधिकारी आवश्यकताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी कारखाने में सामान्यतः 500 या अधिक श्रमिक होने मात्र से सुरक्षा अधिकारी की अनिवार्यता शुरू हो जाती है। 2. यदि अध्याय 4 के सुरक्षा उल्लंघन से मृत्यु हो जाए, तो धारा 92 के अधीन न्यूनतम जुर्माना 1 लाख रुपये है। 3. धारा 88-ए के अधीन खतरनाक घटना की सूचना तभी आवश्यक है जब वास्तविक शारीरिक चोट या दिव्यांगता हुई हो। 4. धारा 102 के अधीन न्यायालय के आदेश का अनुपालन अवधि समाप्त होने के बाद भी न हो, तो कोई अतिरिक्त दैनिक जुर्माना नहीं लगता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
15कारखाना अधिनियम, 1948 के अधीन सुरक्षा समितियों और श्रमिकों के चेतावनी अधिकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. खतरनाक प्रक्रियाओं वाले कारखानों में राज्य सरकार श्रमिकों और प्रबंधन के समान प्रतिनिधित्व वाली सुरक्षा समिति के गठन की अपेक्षा कर सकती है। 2. राज्य सरकार लिखित आदेश और कारण दर्ज करके किसी कारखाने या कारखानों के वर्ग को सुरक्षा समिति की अपेक्षा से छूट दे सकती है। 3. यदि श्रमिकों को किसी दुर्घटना के कारण जीवन या स्वास्थ्य पर आसन्न खतरे की युक्तिसंगत आशंका हो, तो वे इसे अधिभोगी, अभिकर्ता, प्रबंधक या प्रभारी व्यक्ति और साथ ही निरीक्षक के संज्ञान में ला सकते हैं। 4. यदि अधिभोगी या प्रबंधक आसन्न खतरे के अस्तित्व से संतुष्ट नहीं है, तो मामला वहीं समाप्त हो जाता है और निरीक्षक को नहीं भेजा जा सकता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
