MCQ
भारत में डीपफेक पर नियंत्रण MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए भारत में डीपफेक पर नियंत्रण के 2 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1सोशल मीडिया सामग्री नियंत्रण के लिए भारत के नियामक ढांचे के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चिह्नित डीपफेक सामग्री की शिकायत के 24 घंटे के भीतर हटाना होगा। 2. सोशल मीडिया पर सरकार की सामग्री हटाने की शक्ति वास्तविक विरोध वीडियो और राजनीतिक टिप्पणी तक भी विस्तारित होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन गलत हैं। कथन 1 गलत है: भारत के IT दिशा-निर्देशों के अनुसार सोशल मीडिया मध्यस्थों को चिह्नित डीपफेक सामग्री 24 घंटे नहीं, बल्कि 3 घंटे के भीतर हटानी होगी। कथन 2 गलत है: IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 9 जून 2026 को स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार की हटाने की शक्ति केवल डीपफेक सामग्री तक सीमित है। वास्तविक सामग्री और विरोध वीडियो सरकारी हटाने के आदेशों के अंतर्गत नहीं आते। यह अंतर भारत की डीपफेक नियामक नीति का केंद्रीय तत्व है।
प्र.2डीपफेक सामग्री के नियमन को लेकर भारत के दृष्टिकोण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के सूचना प्रौद्योगिकी दिशा-निर्देश सोशल मीडिया मंचों के लिए चिह्नित डीपफेक सामग्री को 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य करते हैं। 2. भारत डीपफेक की समस्या से निपटने के लिए तकनीकी और कानूनी समाधान विकसित करने के उद्देश्य से 30 से अधिक देशों के साथ समन्वय कर रहा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। कथन 1 सही है: भारत के डीपफेक संबंधी सूचना प्रौद्योगिकी दिशा-निर्देश सोशल मीडिया मध्यस्थों के लिए शिकायत मिलने के 3 घंटे के भीतर चिह्नित डीपफेक सामग्री हटाना अनिवार्य करते हैं। कथन 2 सही है: भारत डीपफेक की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए तकनीकी और कानूनी समाधान विकसित करने के उद्देश्य से 30 से अधिक देशों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है। इससे कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार कृत्रिम मीडिया सामग्री के लिए वैश्विक स्तर पर साझा नियमों की ज़रूरत स्पष्ट होती है।
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भारत में डीपफेक पर नियंत्रण पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।
