Q1. भारतीय वित्तीय प्रणाली में एसएलआर का पूर्ण रूप क्या है?
Explanation
भारतीय वित्तीय प्रणाली में एसएलआर का पूर्ण रूप वैधानिक तरलता अनुपात है। इसके तहत बैंकों को अपनी शुद्ध मांग और समय देनदारियों का एक तय हिस्सा नकद, सोना या सरकारी प्रतिभूतियों जैसे स्वीकृत तरल साधनों में रखना होता है। राज्य तरलता दर सुनने में वित्तीय शब्द लगता है, लेकिन मानक बैंकिंग शब्द नहीं है। राज्य उदार दर का मौद्रिक विनियमन में कोई मान्य अर्थ नहीं है। वैधानिक कम अनुपात में एक शब्द सही दिखता है, पर यह नियामकीय तरलता आवश्यकता को नहीं बताता।
