MCQ
गरीबी, बेरोज़गारी, मुद्रास्फीति और समावेशी विकास MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए गरीबी, बेरोज़गारी, मुद्रास्फीति और समावेशी विकास के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1कथन (A): नीति आयोग का राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक गरीबी को केवल कम आय नहीं, बल्कि क्षमता-अभाव के रूप में देखता है। कारण (R): इसके आयामों में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर हैं, जिनमें पोषण, स्कूली शिक्षा, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक-खाते तक पहुंच जैसे संकेतक आते हैं। सही उत्तर चुनिए।
कथन सही है क्योंकि आधुनिक गरीबी-अध्ययन आय से आगे स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर को जोड़ता है; परीक्षा-सूत्र भी यही है कि बहुआयामी गरीबी पूछती है कि कौन-सी बुनियादी क्षमताएं अनुपस्थित हैं। कारण भी सही है: नीति आयोग का राष्ट्रीय सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर के तीन आयामों पर चलता है, जिनमें पोषण, स्कूली शिक्षा, रसोई ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक-खाता जैसे संकेतक हैं। यही संकेतक इसे केवल आय या खर्च से अलग बनाते हैं।
प्र.2गरीबी-निवारण के साधनों और समावेशी विकास पर दिए गए निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
गलत कथन मनरेगा को साधारण विभागीय योजना बताता है। इसके उलट कहा जाता है: 2005 के अधिनियम के तहत काम मांगने वाले ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन तक अकुशल शारीरिक काम पाने की कानूनी गारंटी है। खाद्यान्न मात्रा भी सही है: प्राथमिकता परिवारों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम और अंत्योदय परिवारों को प्रति परिवार प्रति माह 35 किलोग्राम। समावेशी विकास वाला कथन भी सही है, क्योंकि वह वृद्धि को रोजगार, मानव पूंजी, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन से जोड़ता है।
प्र.3महंगाई से जुड़ी अवधारणाओं का सही मिलान कीजिए: सूची I: 1. CPI 2. WPI 3. मूल महंगाई 4. मांग-जनित महंगाई सूची II: a. खुदरा कीमतों का माप, जो घरेलू कल्याण और मौद्रिक नीति के लिए महत्वपूर्ण है b. थोक कीमतों का माप, जो उत्पादक-पक्ष के रुझान समझने में उपयोगी है c. ऐसा माप जिसमें आम तौर पर भोजन और ईंधन को बाहर रखा जाता है d. जब कुल मांग आपूर्ति से अधिक हो जाए, तब होने वाली मूल्य-वृद्धि सही मिलान चुनिए।
महंगाई के माप और कारणों को अलग-अलग रखा जाता है। CPI खुदरा महंगाई को दिखाता है और घरेलू खर्च तथा RBI की मौद्रिक नीति के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। WPI थोक कीमतें दर्ज करता है और उत्पादक-पक्ष के रुझान समझने में उपयोगी है, पर महंगाई-लक्ष्यीकरण का लक्ष्य-चर नहीं है। मूल महंगाई आम तौर पर भोजन और ईंधन को हटाकर अंतर्निहित मूल्य-दबाव दिखाती है। मांग-जनित महंगाई तब आती है जब कुल मांग आपूर्ति से अधिक हो जाती है। इसी से सही मिलान बनता है।
प्र.4बेरोजगारी संकेतकों के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: श्रम-बल भागीदारी दर बताती है कि आबादी का कितना हिस्सा काम कर रहा है या काम खोज रहा है। कथन 2: श्रमिक-जनसंख्या अनुपात बताता है कि श्रम-बल में से कितने लोग काम खोज रहे हैं लेकिन काम नहीं पा रहे। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
श्रम-बल भागीदारी दर आबादी के उस हिस्से को बताती है जो काम कर रहा है या काम खोज रहा है, इसलिए पहला कथन सही है। श्रमिक-जनसंख्या अनुपात अलग है: यह आबादी में वास्तव में रोजगार में लगे लोगों का हिस्सा बताता है। दूसरा कथन बेरोजगारी दर की परिभाषा देता है, यानी श्रम-बल में काम खोज रहे लेकिन काम न पा रहे लोग। संकेत हर में है: WPR में आबादी, बेरोजगारी दर में श्रम-बल। इसलिए केवल LFPR वाला कथन सही है।
प्र.5मनरेगा को साधारण विभागीय योजना के बजाय अधिकार-आधारित ग्रामीण सुरक्षा-कवच कौन-सी बात बनाती है?
मनरेगा को 2005 के अधिनियम से बनी मांग-आधारित कानूनी गारंटी बताया गया है। इसकी खास बात यह है कि काम मांगने वाले प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन तक अकुशल शारीरिक काम पाने का अधिकार मिलता है। इसी कारण यह साधारण विभागीय योजना नहीं, अधिकार-आधारित ग्रामीण सुरक्षा-कवच है। नकद अंतरण, कौशल प्रमाणपत्र और खाद्यान्न अधिकार दूसरी व्यवस्थाओं से जुड़े हैं, जबकि मनरेगा सीधे मजदूरी-रोजगार और ग्रामीण परिसंपत्ति-निर्माण से गरीबी-रोजगार पुल बनाता है।
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और प्रश्न
6भारत में गरीबी-मापन के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: लकड़ावाला समिति ने राज्य-विशिष्ट गरीबी रेखाओं को महत्व दिया। कथन 2: तेंदुलकर समिति ने उपभोग-टोकरी को व्यापक किया और 2011-12 के लिए आधिकारिक गरीबी अनुपात 21.9% दिया। कथन 3: रंगराजन समिति ने तेंदुलकर से ऊंची गरीबी रेखा सुझाई, पर उसे आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-से सही हैं?
7राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 और खाद्य-सुरक्षा साधनों के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
8अभिकथन (A): समावेशी विकास GDP वृद्धि से व्यापक है, क्योंकि यह केवल उत्पादन की गति नहीं, बल्कि यह भी पूछता है कि वृद्धि का लाभ किसे मिला। कारण (R): समावेशी विकास उत्पादन-वृद्धि को रोजगार, मानव पूंजी, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन से जोड़ता है। सही उत्तर चुनिए।
9सूची I को सूची II से मिलाइए: सूची I: 1. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2. थोक मूल्य सूचकांक 3. मूल महंगाई 4. लचीला महंगाई-लक्ष्यीकरण सूची II: a. भोजन और ईंधन को छोड़कर अंतर्निहित मूल्य-दबाव दिखाता है b. थोक कीमतों और उत्पादक-पक्ष के रुझान दर्ज करता है c. परिवारों और मौद्रिक नीति के लिए महत्त्वपूर्ण खुदरा महंगाई माप d. CPI का 4% लक्ष्य, 2% से 6% सहन-सीमा के साथ सही कूट चुनिए।
10भारत में आधिकारिक गरीबी-मापन में तेंदुलकर समिति ने कौन-सा बदलाव सबसे सही ढंग से किया?
