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गरीबी, बेरोज़गारी और मुद्रास्फीति MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए गरीबी, बेरोज़गारी और मुद्रास्फीति के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1तेंदुलकर समिति और रंगराजन समिति के बारे में सही कथन पहचानिए।

A 2014 की रंगराजन समिति रिपोर्ट को भारत की आधिकारिक गरीबी रेखा के रूप में अपनाया गया।
B तेंदुलकर समिति ने गरीबी मापन को केवल कैलोरी सेवन तक सीमित रखा।
C लकड़ावाला पद्धति को इसलिए अस्वीकार किया गया क्योंकि उसमें स्वास्थ्य और शिक्षा खर्च शामिल था।
D 2009 की तेंदुलकर समिति ने गरीबी की टोकरी को भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य तक फैलाया।
व्याख्या

2009 की तेंदुलकर समिति ने गरीबी मापन को व्यापक उपभोग-टोकरी की ओर ले गया और भोजन के साथ स्वास्थ्य तथा शिक्षा खर्च को अधिक यथार्थ महत्व दिया। 2014 की रंगराजन समिति ने ऊँची गरीबी रेखा सुझाई, पर उसे आधिकारिक रूप से नहीं अपनाया गया। इसलिए तेंदुलकर समिति द्वारा टोकरी फैलाने वाला कथन समर्थित है।

प्र.2निर्धनता और बेरोजगारी से जुड़े मनरेगा की भूमिका को कौन-सा कथन सही ढंग से बताता है?

A यह केवल निजी कंपनियों के माध्यम से शहरी कुशल रोजगार देता है।
B यह ग्रामीण परिवारों को मजदूरी काम मांगने का कानूनी आधार देता है और निजी रोजगार कमजोर होने पर आय को सहारा देता है।
C यह मुख्य रूप से प्राथमिकता और अंत्योदय परिवारों को खाद्यान्न अधिकार देने वाला कानून है।
D यह CPI मुद्रास्फीति लक्ष्य 4% और 2% से 6% की सहनशीलता पट्टी तय करता है।
व्याख्या

मनरेगा को रोजगार से जुड़ा प्रमुख गरीबी-निवारण कानून बताया जाता है। यह ग्रामीण परिवारों को मजदूरी काम का कानूनी आधार देता है, इसलिए निजी रोजगार कमजोर होने पर आय को तत्काल सहारा मिलता है। वही खाद्यान्न अधिकार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से और CPI मुद्रास्फीति लक्ष्य को लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढाँचे से जोड़ा जाता है। इसलिए यहाँ मनरेगा को ग्रामीण मजदूरी-रोजगार सहारा समझना सही है, जो आय की रक्षा करता है और गरीबी घटाने के व्यापक उपायों में आता है।

प्र.3बेरोजगारी के प्रकार को उसके अर्थ से मिलाइए। सूची I: 1. छिपी बेरोजगारी 2. मौसमी बेरोजगारी 3. संरचनात्मक बेरोजगारी 4. घर्षणात्मक बेरोजगारी सूची II: a. उपलब्ध नौकरियों से कौशल का मेल न होना b. जरूरत से अधिक लोगों का काम में लगे होना c. नौकरी बदलते समय छोटा अंतराल d. काम केवल कुछ महीनों में उपलब्ध होना

A 1-a, 2-b, 3-d, 4-c
B 1-b, 2-c, 3-a, 4-d
C 1-b, 2-d, 3-a, 4-c
D 1-d, 2-b, 3-c, 4-a
व्याख्या

छिपी बेरोजगारी खेती जैसे क्षेत्रों में दिखती है, जहाँ जरूरत से अधिक लोग काम में लगे होते हैं। मौसमी बेरोजगारी तब आती है जब काम केवल कुछ महीनों में मिलता है। संरचनात्मक बेरोजगारी कौशल और उपलब्ध नौकरियों के मेल न होने से बनती है। घर्षणात्मक बेरोजगारी नौकरी बदलते समय छोटा अंतराल है। इन्हीं संकेतों से सही मिलान बनता है।

प्र.4कथन 1: भारत ने 2016 में लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण अपनाया। कथन 2: इस ढाँचे में CPI मुद्रास्फीति लक्ष्य 4% है, जिसकी सहनशीलता पट्टी 2% से 6% है। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?

A कथन 1 और कथन 2 दोनों
B केवल कथन 1
C केवल कथन 2
D न तो कथन 1, न कथन 2
व्याख्या

मुद्रास्फीति नियंत्रण वाले भाग में बताया गया है कि भारत ने 2016 में लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण अपनाया। उसी में लक्ष्य भी साफ दिया है: CPI मुद्रास्फीति 4%, और सहनशीलता पट्टी 2% से 6%। लचीला का अर्थ है कि कीमतों की स्थिरता केंद्र में रहती है, पर विकास की स्थिति भी देखी जाती है। इसलिए दोनों कथन सही हैं।

प्र.5अभिकथन (A): राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 ने कानूनी खाद्यान्न अधिकारों के माध्यम से भारत के खाद्य-सुरक्षा कवच को मजबूत किया। कारण (R): निर्धन परिवारों के बजट में भोजन खर्च का हिस्सा बड़ा होता है, इसलिए खाद्य सहायता उनकी वास्तविक क्रय-शक्ति की रक्षा करती है। सही उत्तर चुनिए।

A A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता
B A सही है, पर R गलत है
C A गलत है, पर R सही है
D A और R दोनों सही हैं, और R, A की व्याख्या करता है
व्याख्या

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 को बड़ा कानूनी अधिकार बताया जाता है, जिसने खाद्यान्न सहायता देकर भारत के खाद्य-सुरक्षा कवच को मजबूत किया। इसका कारण भी साफ है: निर्धन परिवारों के बजट में भोजन खर्च का बड़ा हिस्सा होता है, और खाद्य सहायता उनकी क्रय-शक्ति को सहारा देती है। इसलिए अभिकथन सही है, कारण सही है, और कारण इस अधिनियम की कल्याणकारी भूमिका को सीधे समझाता है।

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और प्रश्न

6महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 के तहत रोजगार माँगने वाले ग्रामीण परिवार को किस बात का कानूनी दावा मिलता है?

Aएक वयस्क सदस्य के लिए स्थायी सरकारी नौकरी
Bअकुशल शारीरिक मजदूरी कार्य के अधिकतम 100 दिन
Cहर शहरी परिवार के लिए मासिक खाद्यान्न
Dकौशल कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्रमाणपत्र

7बेरोजगारी के प्रकार को सही उदाहरण से मिलाइए। सूची I: 1. छिपी बेरोजगारी 2. मौसमी बेरोजगारी 3. शिक्षित बेरोजगारी सूची II: a. डिग्रीधारी युवाओं को उपयुक्त काम नहीं मिल पाता b. परिवार की खेती में जरूरत से अधिक लोग लगे हैं और कुछ लोगों को हटाने पर भी उत्पादन नहीं घटता c. कृषि, निर्माण या पर्यटन में काम केवल कुछ महीनों के लिए उपलब्ध होता है

A1-b, 2-c, 3-a
B1-a, 2-b, 3-c
C1-c, 2-a, 3-b
D1-b, 2-a, 3-c

8अभिकथन (A): भारत में मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण और मौद्रिक नीति में CPI का विशेष महत्व है। कारण (R): CPI उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली खुदरा कीमतों को मापता है, जबकि WPI थोक-स्तर की कीमतों को देखता है और खुदरा बाजार में परिवार क्या चुकाते हैं, यह सीधे नहीं दिखाता। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Bअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Cअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है।
Dअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

9गरीबी मापन में 2009 की तेंदुलकर समिति की रिपोर्ट किस बदलाव से सबसे निकट जुड़ी है?

Aइसने गरीबी रेखा को केवल कैलोरी सेवन पर आधारित किया।
Bइसने उपभोग-टोकरी को व्यापक किया और स्वास्थ्य व शिक्षा खर्च को अधिक वास्तविक महत्व दिया।
Cइसने ऊँची गरीबी रेखा सुझाई, जिसे आधिकारिक रूप से नहीं अपनाया गया।
Dइसने गरीबी को केवल स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर के संकेतकों से मापा।

10निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: बहुआयामी गरीबी सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर में एक साथ मौजूद वंचनाओं को देखता है। कथन 2: गरीबी रेखा मुख्य रूप से यह मापती है कि न्यूनतम उपभोग या आय पूरी हो रही है या नहीं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Aकेवल कथन 1
Bकेवल कथन 2
Cन तो कथन 1 और न ही कथन 2
Dकथन 1 और कथन 2 दोनों

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