Q1. दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता 2016 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. संहिता 28 मई 2016 को अधिनियमित की गई थी और भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड द्वारा विनियमित है।\n2. मार्च 2026 तक, लगभग 14 लाख करोड़ रुपये के 30000 से अधिक मामले राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण के समक्ष प्रवेश पूर्व चरण में वापस ले लिए गए।\n3. संहिता केवल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर लागू होती है और कॉर्पोरेट देनदारों के परिचालन लेनदारों को बाहर रखती है।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
Explanation
कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि संहिता कॉर्पोरेट व्यक्तियों, साझेदारी फर्मों और व्यक्तियों पर लागू होती है और वित्तीय लेनदारों तथा परिचालन लेनदारों दोनों को मान्यता देती है, जो दिवाला प्रक्रिया प्रारंभ कर सकते हैं।
