MCQ
लोक वित्त: बजट, कराधान और GST MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए लोक वित्त: बजट, कराधान और GST के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1सरकारी बजट में किस मद को पूंजीगत व्यय के रूप में सबसे ठीक वर्गीकृत किया जाएगा?
पूंजीगत व्यय वह होता है जिससे परिसंपत्ति बनती है या दीर्घकालीन वित्तीय स्थिति बदलती है। सड़क, भवन, सिंचाई परियोजना, अस्पताल और पूंजी निवेश जैसे उदाहरण दिए गए हैं। नई सिंचाई संरचना भविष्य की क्षमता बनाती है, इसलिए यह पूंजीगत व्यय है। वेतन, ब्याज और सब्सिडी जरूरी खर्च हो सकते हैं, पर वे नियमित सेवाओं या चालू देनदारियों से जुड़े हैं। इसलिए वे राजस्व व्यय में आते हैं, बजट के पूंजीगत हिस्से में नहीं।
प्र.2अभिकथन: वित्त आयोग और GST परिषद एक ही काम करते हैं, क्योंकि दोनों केंद्र-राज्य वित्त से जुड़े हैं। कारण: वित्त आयोग कर-वितरण और अनुदानों पर सिफारिश करता है, जबकि GST परिषद GST दरों, छूटों, सीमाओं और संबंधित विषयों पर सिफारिश करती है। सही उत्तर चुनिए।
भ्रम यह है कि दोनों संस्थाएँ केंद्र-राज्य वित्त से जुड़ी हैं, पर उनका काम एक जैसा नहीं है। अनुच्छेद 280 के तहत वित्त आयोग करों के केंद्र-राज्य विभाजन, राज्यों के बीच हिस्से के वितरण और अनुदानों पर सिफारिश करता है। अनुच्छेद 279A के तहत GST परिषद GST दरों, छूटों, सीमाओं और अन्य GST विषयों पर सिफारिश करती है। इसलिए समान काम वाला दावा गलत है, जबकि कारण सही अंतर बताता है।
प्र.3निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: राजकोषीय घाटा तब होता है जब कुल व्यय, ऋण को छोड़कर कुल प्राप्तियों से अधिक हो। कथन 2: सार्वजनिक ऋण पिछले उधारों का वह जमा बोझ है जिसे अभी चुकाना बाकी है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
घाटे और ऋण को अलग रखा जाता है। राजकोषीय घाटा वह स्थिति है जब कुल व्यय, ऋण को छोड़कर कुल प्राप्तियों से अधिक हो; इसलिए यह उस वर्ष की उधारी की जरूरत दिखाता है। सार्वजनिक ऋण अलग चीज है: यह पिछले उधारों का जमा बोझ है जिसे अभी चुकाना है। परीक्षा में भ्रम सालाना प्रवाह और जमा बोझ को मिलाने से बनता है। यहाँ दोनों परिभाषाएँ सही हैं।
प्र.4राजकोषीय संघवाद और वित्त आयोग के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
एन.के. सिंह की अध्यक्षता वाले 15वें वित्त आयोग ने 2021-26 अवधि के लिए राज्यों को विभाज्य कर-समूह का 41% हिस्सा सुझाया था। इस 41% को पुरस्कार-अवधि की सिफारिश समझना चाहिए, स्थायी संवैधानिक प्रतिशत नहीं। अनुच्छेद 280 वित्त आयोग से सही जुड़ा है। ऊर्ध्वाधर हस्तांतरण केंद्र-राज्य बँटवारा है और क्षैतिज हस्तांतरण राज्यों के बीच वितरण है। इसलिए 41% को स्थायी बताने वाला कथन गलत है।
प्र.5कथन 1: राजकोषीय घाटा कुल खर्च और उधार को छोड़कर कुल प्राप्तियों के बीच का अंतर दिखाता है। कथन 2: सार्वजनिक ऋण पिछले उधारों का वह जमा बोझ है जिसे अभी चुकाना बाकी है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
राजकोषीय घाटा सालाना अंतर है: कुल खर्च, उधार को छोड़कर कुल प्राप्तियों से अधिक हो जाता है। इससे सरकार की उधार-जरूरत दिखती है। सार्वजनिक ऋण अलग बात है; यह पिछले उधारों का जमा बोझ है जिसे अभी चुकाना बाकी है। संकेत समय-सीमा में है। घाटा एक वित्तीय वर्ष से जुड़ा है, जबकि ऋण पुराने उधारों का संचित परिणाम है। इसलिए दोनों कथन सही हैं।
आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत सुमेलित है? सूची I: GST घटक सूची II: स्थिति
7अभिकथन (A): वित्त आयोग और GST परिषद को एक ही संस्था नहीं मानना चाहिए। कारण (R): वित्त आयोग कर-वितरण और अनुदानों पर सिफारिश करता है, जबकि GST परिषद GST दरों, छूटों, सीमाओं और अन्य GST मामलों पर सिफारिश करती है। सही उत्तर चुनिए।
8बजट की भाषा में निम्नलिखित में से किसे पूंजीगत व्यय कहना सबसे उचित है?
9सूची I को सूची II से मिलाइए। सूची I: 1. केंद्रीय GST और राज्य GST 2. एकीकृत GST 3. अनुच्छेद 279A 4. अनुच्छेद 112 सूची II: क. GST परिषद ख. वार्षिक वित्तीय विवरण ग. राज्य के भीतर आपूर्ति घ. एक राज्य से दूसरे राज्य की आपूर्ति और आयात
10संविधान में केंद्रीय बजट को वार्षिक वित्तीय विवरण मानने का आधार कौन-सा अनुच्छेद है?
