MCQ
मुद्रास्फीति और वृद्धि MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए मुद्रास्फीति और वृद्धि के 89 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1भारत के लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुद्रास्फीति लक्ष्य अखिल भारतीय CPI के संदर्भ में परिभाषित किया जाता है। 2. मुद्रास्फीति लक्ष्य WPI के संदर्भ में परिभाषित किया जाता है, क्योंकि WPI मुख्यतः GDP अवस्फीतिकारक के रूप में प्रयुक्त होता है। 3. अधिसूचित मुद्रास्फीति लक्ष्य 4 प्रतिशत CPI मुद्रास्फीति था, जिसके साथ ऊपरी सहनशीलता सीमा 6 प्रतिशत और निचली सहनशीलता सीमा 2 प्रतिशत थी। 4. मुद्रास्फीति लक्ष्य RBI अकेले, भारत सरकार से परामर्श किए बिना, हर वर्ष तय करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 3 सही हैं: भारत का वैधानिक लक्ष्य CPI आधारित है और अधिसूचित बिंदु लक्ष्य 4 प्रतिशत है, जिसके साथ 2-6 प्रतिशत का सहनशीलता बैंड है। कथन 2 लक्ष्य सूचक को WPI के अवस्फीतिकारक उपयोग से मिला देता है। कथन 4 गलत है, क्योंकि लक्ष्य भारत सरकार RBI से परामर्श करके पांच वर्ष में एक बार तय करती है।
प्र.2भारत में मौद्रिक नीति और मुद्रास्फीति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौद्रिक नीति का प्राथमिक उद्देश्य वृद्धि के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। 2. भारत की लचीली मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण रूपरेखा में CPI मुद्रास्फीति को लक्ष्य माना जाता है। 3. इस रूपरेखा में मौद्रिक नीति मूल्य स्थिरता की उपेक्षा करके केवल वास्तविक GDP वृद्धि को अधिकतम करने पर केंद्रित रहती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 सही है: RBI मूल्य स्थिरता को प्राथमिक उद्देश्य बताता है, साथ में वृद्धि को ध्यान में रखा जाता है। कथन 2 सही है क्योंकि लक्ष्य CPI मुद्रास्फीति के रूप में तय है। कथन 3 गलत है क्योंकि वृद्धि को मूल्य स्थिरता के स्थान पर नहीं, बल्कि उसके साथ ध्यान में रखा जाता है।
प्र.3मुद्रास्फीति, मांग और उत्पादन क्षमता के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मांग-खींच मुद्रास्फीति उस दबाव को दिखाती है जब मांग अर्थव्यवस्था की उत्पादन क्षमता से अधिक हो जाती है। 2. विस्तारवादी नीतियां समग्र मांग और आर्थिक वृद्धि को अस्थायी रूप से बढ़ा सकती हैं। 3. नीति-निर्माताओं को मांग का समर्थन करने और अति-उत्तेजना से बचने के बीच कभी संतुलन नहीं साधना पड़ता। 4. जब समग्र मांग संभावित उत्पादन से कम होती है, तब फर्में सामान्यतः कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव डालती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं: मांग-खींच मुद्रास्फीति तब बनती है जब मांग क्षमता से आगे निकलती है, और विस्तारवादी नीति मांग तथा वृद्धि को अस्थायी रूप से बढ़ा सकती है। कथन 3 गलत है, क्योंकि नीति-निर्माताओं को मांग-सहयोग और अर्थव्यवस्था को अधिक उत्तेजित करने के जोखिम के बीच संतुलन साधना पड़ता है। कथन 4 गलत है, क्योंकि मांग संभावित उत्पादन से कम होने पर फर्में कीमतों पर नीचे की ओर दबाव डालने की अधिक संभावना रखती हैं।
प्र.4आईएमएफ के अप्रैल 2026 विश्व आर्थिक परिदृश्य में भारत के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के वित्त वर्ष 27 और वित्त वर्ष 28, दोनों में 6.5% जीडीपी वृद्धि बनाए रखने तथा सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बने रहने की अपेक्षा है। 2. भारत में हेडलाइन मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 26 के 2.1% से बढ़कर वित्त वर्ष 27 में 4.7% होने का अनुमान है, जो मोटे तौर पर भारतीय रिज़र्व बैंक की सहनशीलता सीमा के भीतर है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। IMF का अनुमान है कि भारत वित्त वर्ष 27 और वित्त वर्ष 28 दोनों में 6.5% की दर से बढ़ेगा और सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। भारत की मुख्य मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 26 के 2.1% से बढ़कर वित्त वर्ष 27 में 4.7% होने और फिर वित्त वर्ष 28 में लगभग 4% तक घटने का अनुमान है, जो मोटे तौर पर RBI के 4% +/- 2% सहनीय दायरे के भीतर है।
प्र.5भारत में मुद्रास्फीति विश्लेषण में प्रयुक्त मूल्य सूचकांकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. CPI उन वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर में समय के साथ बदलाव मापता है जिन्हें परिवार उपभोग के लिए प्राप्त करते हैं। 2. CPI का उपयोग केवल वेतन सूचकांकन के लिए होता है, मुद्रास्फीति के व्यापक आर्थिक संकेतक के रूप में नहीं। 3. WPI भारत में मुद्रास्फीति के एक महत्वपूर्ण माप के रूप में प्रयुक्त होता है। 4. WPI के तहत मूल्य-संग्रह WPI के OEA पोर्टल पर किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1, 3 और 4 सही हैं। मंत्रालय के अनुसार CPI परिवारों के उपभोग से जुड़ी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य बदलाव को मापता है, और उसी सरकारी नोट में WPI को भारत में मुद्रास्फीति का महत्वपूर्ण माप तथा OEA पोर्टल पर नियमित संग्रह/प्रेषण से जुड़ा बताया गया है। कथन 2 गलत है, क्योंकि CPI व्यापक आर्थिक मुद्रास्फीति संकेतक के रूप में भी व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है।
आपने 89 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
मुद्रास्फीति और वृद्धि पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।
और प्रश्न
6मांग-प्रेरित मुद्रास्फीति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मांग-प्रेरित मुद्रास्फीति तब हो सकती है जब बढ़ी हुई मांग आपूर्ति से अधिक हो जाए और उत्पादक कीमतें बढ़ाएँ। 2. आय में वृद्धि या उधार लेने की लागत में कमी मांग-प्रेरित मुद्रास्फीति के स्रोत हो सकते हैं। 3. मांग-प्रेरित मुद्रास्फीति समग्र आपूर्ति के बाएँ खिसकने से होती है, जिससे उत्पादन घटता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
7निम्न, स्थिर मुद्रास्फीति और वृद्धि के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. निम्न और स्थिर मुद्रास्फीति आवंटन दक्षता सुधार सकती है। 2. निम्न और स्थिर मुद्रास्फीति मुद्रास्फीति अनिश्चितता घटा सकती है। 3. निम्न और स्थिर मुद्रास्फीति मौद्रिक नीति की प्रभावशीलता सुधारकर वृद्धि और आर्थिक कल्याण में मदद कर सकती है। 4. निम्न धनात्मक मुद्रास्फीति लक्ष्य शून्य निचली सीमा से बार-बार टकराने की संभावना अनिवार्य रूप से बढ़ाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
8भारत की मौद्रिक नीति में वृद्धि और मुद्रास्फीति के संतुलन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुद्रास्फीति लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक नीति दर तय करने का दायित्व मौद्रिक नीति समिति को दिया गया है। 2. नीति दर तय करते समय MPC घरेलू वृद्धि और मुद्रास्फीति की स्थिति को ध्यान में रखती है। 3. सहनशीलता दायरा बदलती स्थिति के अनुसार मुद्रास्फीति या वृद्धि पर ध्यान देने का लचीलापन देता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
92011-12 आधार वाली WPI श्रृंखला के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 2011-12 आधार वाली नई WPI श्रृंखला अप्रैल 2017 से प्रभावी है। 2. WPI वस्तुओं के थोक मूल्यों की औसत चाल को दर्ज करता है और मुख्यतः GDP अपस्फीतिकारक के रूप में उपयोग होता है। 3. WPI 2011-12 अपनी मूल्य-संकल्पना में करों, परिवहन शुल्क और व्यापार छूट को शामिल करता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
10मुद्रा आपूर्ति और मुद्रास्फीति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यदि मुद्रा आपूर्ति अर्थव्यवस्था के आकार की तुलना में बहुत अधिक बढ़ती है, तो मुद्रा की क्रय-शक्ति घट सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं। 2. मुद्रा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था के आकार के संबंध को मुद्रा का मात्रा सिद्धांत कहा जाता है। 3. मात्रा सिद्धांत कहता है कि सभी अवधियों में मुद्रा आपूर्ति का कीमतों से कोई संबंध नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
11भारत में थोक मूल्य सूचकांक के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. WPI लेन-देन के प्रारंभिक चरण में थोक बिक्री के लिए वस्तुओं की कीमतों में औसत परिवर्तन को मापता है। 2. WPI की टोकरी में प्राथमिक वस्तुएं, ईंधन और बिजली, तथा विनिर्मित उत्पाद शामिल हैं। 3. भारत में सेवाएं WPI की टोकरी में शामिल हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
12मांग-खींच मुद्रास्फीति और समष्टि मांग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मांग-खींच मुद्रास्फीति तब जुड़ी होती है, जब मांग उपलब्ध आपूर्ति से अधिक हो जाती है। 2. मांग-खींच विचार को इस तरह समझाया जाता है कि धन की मात्रा बहुत अधिक और वस्तुएँ बहुत कम होती हैं। 3. ब्रिटैनिका में उद्धृत केन्सीयन विवरण में समष्टि मांग और व्यय बढ़ने से आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है। 4. मांग-खींच मुद्रास्फीति केवल अपरिवर्तित मांग के बीच मजदूरी घटने से होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
13भारत में थोक मूल्य सूचकांक के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आर्थिक सलाहकार कार्यालय के अनुसार WPI का आधार वर्ष 2011-12=100 है। 2. WPI वस्तुओं के थोक मूल्यों के औसत रुझान को मापता है। 3. 2011-12 श्रृंखला में WPI कर, छूट, व्यापारिक कटौती, परिवहन और अन्य शुल्कों को शामिल करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
14मुद्रास्फीति और क्रय-शक्ति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यदि मौद्रिक आय कीमतों जितनी नहीं बढ़ती, तो क्रय-शक्ति घटती है। 2. वास्तविक आय का अर्थ मुद्रास्फीति से समायोजन करने से पहले की आय है। 3. कीमतें असमान रूप से बढ़ने पर मुद्रास्फीति उपभोक्ताओं की क्रय-शक्ति घटा सकती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
15नाममात्र GDP, वास्तविक GDP और मुद्रास्फीति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वास्तविक GDP आर्थिक उत्पादन का ऐसा माप है जिसे मुद्रास्फीति या अपस्फीति जैसे मूल्य-परिवर्तनों के लिए समायोजित किया जाता है। 2. भौतिक उत्पादन स्थिर रहने पर भी मुद्रास्फीति के कारण नाममात्र GDP बढ़ सकता है। 3. किसी दिए गए वर्ष का नाममात्र GDP आधार-वर्ष की कीमतों से निकाला जाता है। 4. GDP अपस्फीतिकारक नाममात्र GDP को वास्तविक GDP से भाग देकर और 100 से गुणा करके निकाला जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
