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लोक वित्त: बजट, कराधान, GST और राजकोषीय नीति MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए लोक वित्त: बजट, कराधान, GST और राजकोषीय नीति के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1सूची I को सूची II से मिलाइए: सूची I: 1. राजस्व प्राप्तियाँ 2. पूंजीगत प्राप्तियाँ 3. राजस्व व्यय 4. पूंजीगत व्यय सूची II: a. ऐसा व्यय जो सामान्यतः टिकाऊ सरकारी संपत्ति नहीं बनाता b. ऐसी प्राप्तियाँ जो देयता बनाती हैं या संपत्ति घटाती हैं c. ऐसी प्राप्तियाँ जिनसे भविष्य में भुगतान की जिम्मेदारी नहीं बनती d. ऐसा व्यय जो संपत्ति बनाता है या उत्पादक क्षमता बढ़ाता है सही कूट चुनिए।

A 1-b, 2-c, 3-a, 4-d
B 1-c, 2-b, 3-d, 4-a
C 1-a, 2-d, 3-c, 4-b
D 1-c, 2-b, 3-a, 4-d
व्याख्या

बजट मदों को दो जोड़ियों में पढ़ने को कहा जाता है: राजस्व बनाम पूंजीगत और प्राप्ति बनाम व्यय। कर जैसी राजस्व प्राप्तियों से भविष्य में भुगतान की जिम्मेदारी नहीं बनती। बाजार उधारी या ऋण-वसूली जैसी पूंजीगत प्राप्तियाँ देयता बनाती हैं या संपत्ति घटाती हैं। राजस्व व्यय सामान्यतः टिकाऊ संपत्ति नहीं बनाता, जबकि पूंजीगत व्यय सड़क, पुल या रेल अवसंरचना जैसी संपत्ति बनाता है या उत्पादक क्षमता बढ़ाता है।

प्र.2घाटों और राजकोषीय नीति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

A राजस्व घाटा बताता है कि राजस्व प्राप्तियाँ राजस्व व्यय के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
B प्राथमिक घाटा राजकोषीय घाटे से ब्याज भुगतान घटाकर निकाला जाता है।
C राजकोषीय नीति मुख्य रूप से RBI और मौद्रिक नीति समिति का विषय है, जो ब्याज दरों और तरलता साधनों से चलती है।
D राजकोषीय घाटा सरकार की उधारी आवश्यकता का व्यापक माप है।
व्याख्या

गलत कथन राजकोषीय नीति को RBI और मौद्रिक नीति समिति से जोड़ देता है। राजकोषीय और मौद्रिक नीति का फर्क साफ है: राजकोषीय नीति बजट, कर कानूनों और व्यय स्वीकृति के जरिए सरकार और संसद का विषय है। ब्याज दरों और तरलता साधनों के जरिए मौद्रिक नीति मुख्य रूप से RBI और मौद्रिक नीति समिति से जुड़ती है। राजस्व घाटा, प्राथमिक घाटा और राजकोषीय घाटा बाकी कथनों में सही ढंग से बताए गए हैं, इसलिए गलती केवल संस्था बदलने की है।

प्र.3अभिकथन (A): GST को सहकारी राजकोषीय संघवाद का उदाहरण माना जाता है। कारण (R): अनुच्छेद 279क के तहत GST परिषद केंद्र और राज्यों को GST दरों, छूटों और प्रशासन के लिए साझा मंच देती है। सही उत्तर चुनिए।

A A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
B A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है
C A सही है, पर R गलत है
D A गलत है, पर R सही है
व्याख्या

अभिकथन और कारण दोनों निकलते हैं। GST को केवल साधारण केंद्रीय कर की तरह नहीं बताया गया है; यह ऐसी दोहरी व्यवस्था है जिसमें केंद्र और राज्य दोनों राजस्व पर निर्भर हैं और नियमों पर सहमति बनाते हैं। अनुच्छेद 279क के तहत बनी GST परिषद दरों, छूटों, नमूना कानूनों, सीमा-मान और प्रशासन पर विचार करती है। यही साझा मंच बताता है कि GST को सिर्फ अप्रत्यक्ष कर-सुधार नहीं, बल्कि सहकारी राजकोषीय संघवाद माना जाता है।

प्र.4निम्न में से कौन-सा युग्म कर और उसके वर्गीकरण को सही मिलाता है?

A GST - प्रत्यक्ष कर
B सीमा शुल्क - प्रत्यक्ष कर
C निगम कर - अप्रत्यक्ष कर
D आयकर - प्रत्यक्ष कर
व्याख्या

करों को इस आधार पर अलग किया जाता है कि कर का अपेक्षित बोझ किस पर पड़ता है। प्रत्यक्ष कर आय, लाभ या संपत्ति पर लगते हैं और सामान्यतः वही व्यक्ति या संस्था उन्हें चुकाती है जिस पर बोझ डालना है। आयकर इसी परिभाषा में आता है। GST और सीमा शुल्क अप्रत्यक्ष कर हैं, क्योंकि वे वस्तुओं-सेवाओं या लेन-देन पर लगते हैं और कीमत के जरिए आगे जा सकते हैं। निगम कर भी प्रत्यक्ष कर है, अप्रत्यक्ष कर नहीं।

प्र.5घाटे की अवधारणाओं के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?

A प्राथमिक घाटा, राजस्व घाटे से ब्याज भुगतान घटाकर निकाला जाता है।
B राजस्व घाटा बताता है कि राजस्व प्राप्तियाँ राजस्व व्यय के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
C राजकोषीय घाटा सरकार की उधारी-आवश्यकता का व्यापक माप है।
D लोक ऋण संचित उधारी से बना स्टॉक है।
व्याख्या

गलत कथन प्राथमिक घाटे का सूत्र बिगाड़ता है। प्राथमिक घाटा राजकोषीय घाटे से ब्याज भुगतान घटाकर निकाला जाता है, राजस्व घाटे से ब्याज भुगतान घटाकर नहीं। राजस्व घाटा यह देखता है कि चालू राजस्व प्राप्तियाँ चालू राजस्व व्यय को पूरा कर रही हैं या नहीं। राजकोषीय घाटा व्यापक उधारी-आवश्यकता दिखाता है। लोक ऋण अलग है: यह संचित उधारी से बना स्टॉक है, जबकि घाटा वार्षिक प्रवाह है।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6अभिकथन: संघ और राज्यों के बीच केंद्रीय करों के बँटवारे और सहायता अनुदान की सिफारिश GST परिषद नहीं, वित्त आयोग करता है। कारण: अनुच्छेद 280 हर 5वें वर्ष या पहले वित्त आयोग की व्यवस्था करता है, जबकि अनुच्छेद 279क GST दरों, छूटों और प्रशासन के लिए GST परिषद बनाता है। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Cअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Dअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

7GST के संदर्भ में सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए: सूची 1: 1. CGST 2. SGST 3. IGST 4. पूर्व-चरण कर श्रेय सूची 2: क. अंतर-राज्यीय आपूर्ति और आयात पर लागू होता है ख. राज्य के भीतर आपूर्ति पर संघ को जाता है ग. इनपुट पर चुकाए गए कर को आउटपुट कर से समायोजित करने देता है घ. उसी राज्य के भीतर आपूर्ति पर राज्य को जाता है सही मिलान चुनिए।

A1-क, 2-ख, 3-घ, 4-ग
B1-ख, 2-क, 3-घ, 4-ग
C1-ख, 2-घ, 3-ग, 4-क
D1-ख, 2-घ, 3-क, 4-ग

8संघ बजट को वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में संसद के सामने रखने का संवैधानिक आधार कौन-सा प्रावधान है?

Aअनुच्छेद 279क, जो GST परिषद बनाता है
Bअनुच्छेद 112, जो वार्षिक वित्तीय विवरण की व्यवस्था करता है
Cअनुच्छेद 280, जो वित्त आयोग की व्यवस्था करता है
D2003 का राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, जिसने रेल बजट को मिलाया

9लोक वित्त से जुड़ी संवैधानिक संस्थाओं के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: अनुच्छेद 112 वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में संघ बजट का संवैधानिक आधार देता है। कथन 2: अनुच्छेद 280 वित्त आयोग की व्यवस्था करता है, जो संघ और राज्यों के बीच कर-बँटवारे तथा सहायता अनुदान पर सिफारिश करता है। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?

Aकेवल कथन 1
Bकेवल कथन 2
Cकथन 1 और कथन 2 दोनों
Dन तो कथन 1, न ही कथन 2

10बजट वर्गीकरण के बारे में नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: राजस्व प्राप्तियाँ भविष्य में भुगतान की जिम्मेदारी नहीं बनातीं। कथन 2: बाजार उधारी पूंजीगत प्राप्ति है, क्योंकि इससे देनदारी बनती है। कथन 3: वेतन और पेंशन पूंजीगत व्यय हैं, क्योंकि उनसे सार्वजनिक सेवा-प्रदान सुधरता है। कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल कथन 1
Bकेवल कथन 2 और कथन 3
Cकेवल कथन 1 और कथन 2
Dकथन 1, कथन 2 और कथन 3

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