MCQ
भारत में रेल परिवहन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए भारत में रेल परिवहन के 7 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1भारतीय रेलवे की नई वैगन डिज़ाइन नीति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रस्तावित नीति के तहत उद्योग अपनी विशिष्ट परिचालन और व्यावसायिक आवश्यकताओं के आधार पर रेल वैगन डिज़ाइन करेंगे। 2. वैगन सुरक्षा सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी आरडीएसओ और रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (सीसीआरएस) पर रहेगी। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। रेल मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित नीति के तहत उद्योग अपनी विशिष्ट परिचालन और व्यावसायिक आवश्यकताओं के आधार पर रेल वैगन डिज़ाइन करेंगे (कथन 1)। वैगन सुरक्षा सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी आरडीएसओ और सीसीआरएस पर रहेगी (कथन 2)। अतः दोनों कथन सही हैं।
प्र.22026 में पुनर्जीवित कादियान-ब्यास रेल लाइन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 39.68 किलोमीटर लंबी ब्रॉड-गेज लाइन गुरदासपुर जिले के कादियान को अमृतसर जिले के ब्यास से जोड़ती है। 2. इस परियोजना का क्रियान्वयन Northern Railway द्वारा लगभग 1,400 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर किया जाएगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। 39.68 किलोमीटर लंबी ब्रॉड-गेज कादियान-ब्यास लाइन कादियान (गुरदासपुर जिला) को ब्यास (अमृतसर जिला) से जोड़ती है, और इसका क्रियान्वयन Northern Railway द्वारा लगभग 1,400 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर किया जाएगा।
प्र.3निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: अभिकथन (A): नई वैगन डिज़ाइन नीति उद्योगों को अपनी विशिष्ट परिचालन और व्यावसायिक आवश्यकताओं के आधार पर रेल वैगन डिज़ाइन करने की अनुमति देगी। कारण (R): वैगन सुरक्षा सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी आरडीएसओ और रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (सीसीआरएस) पर रहेगी। नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:
दोनों अभिकथन और कारण रेल मंत्रालय के अनुसार तथ्यात्मक रूप से सही हैं: नीति उद्योगों को अपनी विशिष्ट परिचालन और व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार वैगन डिज़ाइन करने देती है (A), और वैगन सुरक्षा की ज़िम्मेदारी आरडीएसओ और सीसीआरएस पर है (R)। परंतु कारण, अभिकथन की व्याख्या नहीं करता — उद्योग-आधारित डिज़ाइन की अनुमति लचीलापन और नवाचार से जुड़ी है, जबकि सुरक्षा निगरानी की व्यवस्था एक अलग जवाबदेही तंत्र है। अतः दोनों सही हैं, किंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
प्र.4कादियान-ब्यास रेल लाइन परियोजना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह लाइन अमृतसर जिले के कादियान को गुरदासपुर जिले के ब्यास से 50 किलोमीटर की लंबाई में जोड़ती है। 2. इस परियोजना का क्रियान्वयन साउथ-वेस्टर्न रेलवे द्वारा लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत पर किया जा रहा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
कोई भी कथन सही नहीं है। 39.68 किलोमीटर लंबी यह लाइन गुरदासपुर जिले के कादियान को अमृतसर जिले के ब्यास से जोड़ती है (न कि इसके विपरीत, और न ही 50 किलोमीटर)। इसका क्रियान्वयन Northern Railway द्वारा लगभग 1,400 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर किया जा रहा है, न कि साउथ-वेस्टर्न रेलवे या 400 करोड़ रुपये पर।
प्र.5भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. BEML बेंगलुरु स्थित अपने आदित्य संयंत्र में पहली बुलेट ट्रेन का निर्माण कर रही है।\n2. दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट के निर्माण का अनुबंध BEML को नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने दिया था।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
कथन 1 सही है: BEML बेंगलुरु स्थित अपने आदित्य संयंत्र में भारत की पहली बुलेट ट्रेन का निर्माण कर रही है, जिसका उद्घाटन 25 अप्रैल 2026 को हुआ। कथन 2 गलत है: दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट का अनुबंध BEML को अक्टूबर 2024 में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने दिया था, न कि NHSRCL ने। NHSRCL परीक्षण के लिए प्रयुक्त सूरत डिपो विकसित कर रही है।
आपने 7 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
भारत में रेल परिवहन पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।
और प्रश्न
6अभिकथन (A): भारत की पहली बुलेट ट्रेन B28 शुरुआत में 97 किलोमीटर लंबे सूरत-वापी खंड पर चलेगी।\nकारण (R): सूरत-वापी खंड मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का हिस्सा है।
7भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्वी रेलवे पर निमपुरा पश्चिम आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच 14.52 किमी लंबी तीसरी लाइन को किस लागत से मंजूरी दी है?
