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मुद्रा, बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली (RBI, मौद्रिक नीति) MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए मुद्रा, बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली (RBI, मौद्रिक नीति) के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1अभिकथन (A): बैंक खातों, UPI से जुड़े खातों और कार्डों में डिजिटल शेष कोई अलग निजी मुद्रा नहीं हैं। कारण (R): ये बैंक मुद्रा को बैंकिंग और भुगतान प्रणाली के जरिए स्थानांतरित करने के तरीके हैं। सही उत्तर चुनिए।

A A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
B A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
C A सही है, लेकिन R गलत है।
D A गलत है, लेकिन R सही है।
व्याख्या

बैंक मुद्रा और अलग निजी मुद्रा में फर्क कराया जाता है। बैंक खातों, UPI से जुड़े खातों और कार्डों में दिखने वाला डिजिटल शेष बैंकिंग प्रणाली से बाहर कोई नई मुद्रा नहीं बनाता। ये भुगतान अवसंरचना और नियामकीय भरोसे के सहारे बैंक मुद्रा को स्थानांतरित करने के तरीके हैं। इसलिए कारण सीधे अभिकथन को समझाता है: ये शेष अलग निजी मुद्रा नहीं हैं, क्योंकि ये बैंक मुद्रा को ही दर्शाते और चलाते हैं। CET में यह फर्क जरूरी है, ताकि डिजिटल भुगतान की सुविधा को अलग मुद्रा बनने से भ्रमित न किया जाए।

प्र.2RBI के काम शुरू करने की तारीख और वैधानिक आधार का सही मेल कौन-सा है?

A 1 जनवरी 1949, RBI अधिनियम 1934 के तहत
B 1 अप्रैल 1935, RBI अधिनियम 1934 के तहत
C 1949, बैंकिंग विनियमन अधिनियम के तहत
D 2007, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम के तहत
व्याख्या

RBI ने 1 अप्रैल 1935 को RBI अधिनियम 1934 के तहत काम शुरू किया। इसी से भारत में मुद्रा, ऋण और सार्वजनिक ऋण के लिए केंद्रीय मौद्रिक प्राधिकरण का संस्थागत आधार बना। 1 जनवरी 1949 राष्ट्रीयकरण से जुड़ी तारीख है, काम शुरू होने की नहीं। बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 वाणिज्यिक बैंकों पर RBI की शक्तियों से जुड़ा है, और 2007 का अधिनियम भुगतान प्रणाली से जुड़ा है। प्रश्न में संकेत “काम शुरू करने” का है, इसलिए 1 अप्रैल 1935 और RBI अधिनियम 1934 सही मेल है।

प्र.3भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 को कौन-सा कथन सही ढंग से समझाता है?

A इसने 6 और बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया और सार्वजनिक क्षेत्र की शाखा-पहुंच बढ़ाई।
B इसने भुगतान प्रणालियों के नियमन और पर्यवेक्षण का अधिकार RBI को दिया, जिससे आधुनिक डिजिटल भुगतान ढांचे को वैधानिक आधार मिला।
C इसने नीति रेपो दर पर मतदान के लिए मौद्रिक नीति समिति बनाई।
D इसने SEBI को बैंक, मुद्रा और भुगतान प्रणालियों का नियामक बनाया।
व्याख्या

डिजिटल भुगतान व्यापक वित्तीय प्रणाली के भीतर आता है, और भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 ने भुगतान प्रणालियों के नियमन और पर्यवेक्षण का अधिकार RBI को दिया। इससे निपटान की अंतिमता और आधुनिक भुगतान ढांचे को वैधानिक सहारा मिला। बैंक राष्ट्रीयकरण 1969 और 1980 से जुड़ा है, जबकि MPC 2016 के RBI अधिनियम संशोधन से आई। SEBI प्रतिभूति बाजार से जुड़ा है, बैंकिंग, मुद्रा या भुगतान-प्रणाली नियमन से नहीं।

प्र.4मुद्रा की भूमिका को सबसे ठीक कौन-सा कथन बताता है?

A मुद्रा केवल मौद्रिक प्राधिकरण द्वारा जारी नकदी है।
B मुद्रा विनिमय, मूल्य-मापन, मूल्य-संचय और स्थगित भुगतान के लिए सामान्यतः स्वीकार साधन है।
C मुद्रा मुख्यतः दीर्घकालीन उधारी के लिए प्रयुक्त सरकारी प्रतिभूति है।
D मुद्रा तभी काम करती है जब दोनों पक्ष ठीक वही चाहते हों जो दूसरा पक्ष दे रहा है।
व्याख्या

मुद्रा को चार जुड़े हुए कार्यों से समझाया जाता है: विनिमय का माध्यम, मूल्य-मापन की इकाई, मूल्य-संचय का साधन और स्थगित भुगतान का मानक। संकेत यह है कि मजदूरी, कीमत, बचत और ऋण एक सामान्य इकाई में मापे जा सकते हैं। केवल नकदी वाली परिभाषा बैंक जमा को छोड़ देती है, और सरकारी प्रतिभूति अलग वित्तीय साधन है। दोहरी संयोग-आवश्यकता वस्तु-विनिमय की समस्या है; मुद्रा सामान्य स्वीकार भुगतान-साधन देकर इसे घटाती है।

प्र.5नियामक को उस गतिविधि से मिलाइए जिसका वह मुख्य रूप से नियमन करता है। सूची I: 1. RBI 2. SEBI 3. IRDAI 4. PFRDA सूची II: a. बीमा क्षेत्र b. बैंक, मुद्रा, मौद्रिक नीति और भुगतान प्रणाली c. पेंशन क्षेत्र d. प्रतिभूति बाजार

A 1-d, 2-b, 3-c, 4-a
B 1-b, 2-a, 3-d, 4-c
C 1-c, 2-d, 3-a, 4-b
D 1-b, 2-d, 3-a, 4-c
व्याख्या

वित्तीय नियमन का बंटवारा साफ दिया है। RBI बैंकिंग, मुद्रा, मौद्रिक नीति और भुगतान प्रणाली से जुड़ा है। SEBI प्रतिभूति बाजार को देखता है, यानी शेयर-बांड वाले हिस्से को। IRDAI बीमा क्षेत्र का नियामक है और PFRDA पेंशन क्षेत्र को नियंत्रित करता है। यह प्रश्न व्यापक वित्तीय प्रणाली पर है, इसलिए सब कुछ केवल बैंकों तक सीमित करना गलती होगी। सही मेल है: RBI-बैंक/मुद्रा/मौद्रिक नीति/भुगतान, SEBI-प्रतिभूति बाजार, IRDAI-बीमा और PFRDA-पेंशन।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6भारत की मौद्रिक नीति समिति के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: यह RBI अधिनियम में 2016 के संशोधन से बनी और धारा 45ZB के तहत दी गई है। कथन 2: इसमें 6 सदस्य होते हैं, 3 RBI से और 3 केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त। कथन 3: RBI गवर्नर इसकी अध्यक्षता करते हैं और बराबरी की स्थिति में निर्णायक मत रखते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A1, 2 और 3
Bकेवल 1 और 2
Cकेवल 2 और 3
Dकेवल 1 और 3

7अभिकथन (A): CRR बढ़ने पर बैंकों के ऋण देने योग्य संसाधन सीधे घट सकते हैं। कारण (R): CRR बैंक की जमाओं का वह हिस्सा है जिसे RBI के पास नकद शेष के रूप में रखना होता है। सही उत्तर चुनिए।

AA और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
BA सही है, पर R गलत है।
CA और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
DA गलत है, पर R सही है।

8नियामक को उसके नियमन-क्षेत्र से मिलाइए। सूची I: 1. RBI 2. SEBI 3. IRDAI 4. PFRDA सूची II: a. प्रतिभूति बाजार b. पेंशन c. बैंक, मौद्रिक नीति और भुगतान प्रणाली d. बीमा

A1-a, 2-c, 3-b, 4-d
B1-d, 2-a, 3-c, 4-b
C1-c, 2-b, 3-d, 4-a
D1-c, 2-a, 3-d, 4-b

9मौद्रिक नीति के उपकरणों के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?

Aरेपो दर वह दर है जिस पर RBI पात्र सरकारी प्रतिभूतियों के बदले बैंकों को अल्पकालीन धन देता है।
Bस्थायी जमा सुविधा बिना जमानत के अधिशेष तरलता को सोखती है।
Cऊंचा CRR बैंकों के ऋण देने योग्य संसाधनों को सीधे बढ़ाता है।
Dखुले बाजार परिचालन में RBI तरलता डालने या सोखने के लिए सरकारी प्रतिभूतियां खरीदता या बेचता है।

10मौद्रिक नीति समिति के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: यह RBI अधिनियम में 2016 के संशोधन से बनी और धारा 45ZB के तहत दी गई है। कथन 2: इसमें 6 सदस्य होते हैं, जिनमें 3 RBI से और 3 केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त होते हैं। कथन 3: इसे वाणिज्यिक बैंकों के निरीक्षण के लिए बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 के तहत बनाया गया था। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-से सही हैं?

Aकेवल कथन 1 और 2
Bकेवल कथन 1 और 3
Cकेवल कथन 2 और 3
Dकथन 1, 2 और 3

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