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आर्थिक अवधारणाएँ और भारत के आर्थिक सुधार MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए आर्थिक अवधारणाएँ और भारत के आर्थिक सुधार के 20 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1सरकारी बजट में पूंजीगत व्यय का सबसे उपयुक्त उदाहरण कौन-सा है?

A मौजूदा कर्मचारियों को मासिक वेतन का भुगतान
B भूमि, भवन या उपकरण प्राप्त करने पर व्यय
C किसी विभाग का नियमित कार्यालय बिजली बिल
D पूर्व सार्वजनिक ऋण पर ब्याज भुगतान
व्याख्या

पूंजीगत व्यय वह खर्च है जिससे भूमि, भवन, मशीनरी, उपकरण या निवेश जैसी भौतिक या वित्तीय परिसंपत्तियां बनती हैं। नियमित संचालन से जुड़े खर्चों को सामान्यतः राजस्व व्यय माना जाता है।

प्र.2भारत में मुद्रास्फीति और उसके नियंत्रण तंत्र को सही ढंग से जोड़ने वाला कथन कौन-सा है?

A मुद्रास्फीति का परिवारों पर कोई असर नहीं पड़ता, क्योंकि मजदूरी हमेशा तुरंत बढ़ जाती है।
B मुद्रास्फीति का अर्थ सामान्य कीमत स्तर में गिरावट है, जिसे केवल सब्सिडी बढ़ाकर नियंत्रित किया जाता है।
C ऊंची मुद्रास्फीति क्रय शक्ति घटाती है, और RBI मांग तथा ऋण स्थितियों को प्रभावित करने के लिए नीति दरों में बदलाव कर सकता है।
D मुद्रास्फीति सभी बैंकिंग कामकाज समाप्त करके नियंत्रित की जाती है।
व्याख्या

मुद्रास्फीति सामान्य कीमत स्तर में लगातार वृद्धि है, जिससे आय उसी गति से न बढ़ने पर क्रय शक्ति घटती है। RBI की लचीली मुद्रास्फीति-लक्ष्यीकरण रूपरेखा विकास को ध्यान में रखते हुए मुद्रास्फीति को दिशा देने के लिए मौद्रिक नीति साधनों का उपयोग करती है।

प्र.3दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 को आम तौर पर नियमित बजटीय योजना के बजाय संरचनात्मक आर्थिक सुधार क्यों माना जाता है?

A यह भारतीय रिज़र्व बैंक को परिसमापन रोकने के लिए दिवालिया कंपनियों को सीधे मुद्रा नोट जारी करने का अधिकार देता है।
B इसने दिवालियापन और शोधन-अक्षमता के समाधान के लिए व्यापक, समयबद्ध ढांचा बनाया, जिससे ऋण-बाजार अनुशासन और उत्पादक संसाधनों का उपयोग बेहतर होता है।
C इसने जीएसटी परिषद को समाप्त कर अप्रत्यक्ष कर दरें तय करने का काम राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण को दे दिया।
D यह सभी फसलों के लिए वार्षिक एमएसपी तय करता है और हर मंडी में सरकारी खरीद की गारंटी देता है।
व्याख्या

आईबीसी संरचनात्मक सुधार है, क्योंकि यह ऋण चूक और संकटग्रस्त कंपनियों से निपटने के नियम बदलता है। आधिकारिक सुधार-तर्क यह था कि बिखरे और धीमे कानूनी तंत्र ने वसूली और पुनर्गठन को कमजोर किया था। समयबद्ध दिवालियापन ढांचा ऋणदाता अनुशासन सुधारता है, चल सकने वाली कंपनियों को चलती इकाई के रूप में समाधान का अवसर देता है और श्रम तथा पूंजी को अधिक उत्पादक उपयोगों की ओर मोड़ता है।

प्र.4भारत में पंचवर्षीय योजना व्यवस्था से योजना आयोग के बाद वाले ढांचे में बदलाव को सबसे सही ढंग से कौन-सा कथन बताता है?

A योजना आयोग को वित्त आयोग में बदल दिया गया और 2015 के बाद योजना अनुदान संवैधानिक रूप से अनिवार्य हो गए।
B योजना आयोग को योजना आवंटन के लिए बनाए रखा गया, जबकि नीति आयोग केवल केंद्र प्रायोजित योजनाओं की निगरानी के लिए बनाया गया।
C नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर की गई, जबकि बारहवीं पंचवर्षीय योजना को 31 मार्च 2017 तक जारी रहने दिया गया।
D नीति आयोग बारहवीं योजना खत्म होने के बाद बनाया गया और उसने 2017-22 के लिए तेरहवीं पंचवर्षीय योजना तैयार की।
व्याख्या

मुख्य बात यह है कि भारत ने योजना आयोग का सिर्फ़ नाम बदलकर पुरानी योजना-आवंटन प्रणाली जारी नहीं रखी। नीति आयोग को 1 जनवरी 2015 को नई संस्था के रूप में बनाया गया, जिसकी भूमिका सलाहकारी और सहकारी संघवाद से जुड़ी है। 2012-17 की बारहवीं पंचवर्षीय योजना 31 मार्च 2017 तक चलती रही; इसके बाद पंचवर्षीय योजना प्रारूप की जगह व्यापक दृष्टि, रणनीति और कार्य-एजेंडा दस्तावेजों ने ली।

प्र.5केंद्रीय बजट में राजकोषीय घाटे को सबसे ठीक किस कथन से समझाया जाता है?

A यह राजकोषीय घाटे और पूंजीगत व्यय के बीच का अंतर है।
B यह कर प्राप्तियों का गैर-कर प्राप्तियों से अधिक होना है।
C यह केवल राजस्व व्यय का राजस्व प्राप्तियों से अधिक होना है।
D यह कुल व्यय का, उधारियों को छोड़कर कुल प्राप्तियों से अधिक होना है।
व्याख्या

राजकोषीय घाटा कुल व्यय में से राजस्व प्राप्तियां और ऋण-रहित पूंजीगत प्राप्तियां घटाकर निकाला जाता है। व्यवहार में यह बताता है कि खर्च और उपलब्ध प्राप्तियों के अंतर को पूरा करने के लिए सरकार को कितना उधार लेना पड़ेगा।

आपने 20 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6प्रशासनिक और वित्तीय निर्णयों में लेखांकन के वित्तीय विवरणों का मुख्य उपयोग क्या है?

Aनिर्णय लेने के लिए परिसंपत्तियों, देनदारियों, परिणामों और नकद प्रवाह की जानकारी देना
Bलोक प्राधिकारियों द्वारा किए जाने वाले सभी अंकेक्षणों की जगह लेना
Cयह गारंटी देना कि संस्था आगे भी लाभ में रहेगी
Dकेवल कर्मचारियों के मनोबल जैसी गैर-मौद्रिक जानकारी दर्ज करना

7उपभोक्ता संरक्षण के संदर्भ में ई-कॉमर्स को सबसे ठीक किस रूप में समझा जाता है?

Aडिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर वस्तुओं या सेवाओं की खरीद-बिक्री
Bकेवल ATM से नकद निकासी
Cबिना किसी डिजिटल अभिलेख के तैयार किया गया सरकारी बजट
Dकेवल गांव के मेलों में कृषि वस्तुओं की बिक्री

8राष्ट्रीय कृषि बाजार, ई-नाम, के संदर्भ में उसके शुभारंभ और सुधार-तर्क को सही बताने वाला विकल्प कौन-सा है?

Aयह सभी भौतिक मंडियों को खत्म कर देता है और राज्य कृषि विपणन कानूनों की जगह एक ही केंद्रीय कर कानून लागू करता है।
Bइसे 1991 में औद्योगिक लाइसेंस-मुक्ति के हिस्से के रूप में शुरू किया गया और यह केवल विनिर्मित वस्तुओं पर लागू होता है।
Cयह फसल बीमा कार्यक्रम है, जो मौसम-झटकों से उपज-हानि पर किसानों को मुआवजा देता है।
Dइसे 14 अप्रैल 2016 को मौजूदा मंडियों को साझा ऑनलाइन बाजार प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़ने के लिए अखिल-भारतीय इलेक्ट्रॉनिक व्यापार प्लेटफ़ॉर्म के रूप में शुरू किया गया।

9आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में वित्त वर्ष 2026 के प्रथम अग्रिम अनुमान के लिए नाममात्र जीडीपी में क्षेत्रीय योगदान वाली तालिका के अनुसार कौन-सा व्यापक क्षेत्रीय पैटर्न सही है?

Aसेवाओं का योगदान लगभग 51.1 प्रतिशत, उद्योग का लगभग 24.3 प्रतिशत और कृषि, पशुधन, वानिकी तथा मत्स्य का लगभग 15.2 प्रतिशत है।
Bकृषि और उद्योग मिलकर सेवाओं से बहुत आगे हैं, जिससे भारत की जीडीपी संरचना फिर से प्राथमिक क्षेत्र-प्रधान दिखती है।
Cउद्योग का योगदान सेवाओं से अधिक है, जबकि कृषि का योगदान 5 प्रतिशत से कम है।
Dकृषि सबसे बड़ा क्षेत्र है, उसके बाद उद्योग और फिर सेवाएं आती हैं।

10बैंकिंग में वह कौन-सा शब्द है, जिसका अर्थ बैंक की शुद्ध मांग और सावधि देनदारियों का वह हिस्सा है जिसे RBI के पास रखना अनिवार्य होता है?

Aपूंजी पर्याप्तता अनुपात
Bनकद आरक्षित अनुपात
Cवैधानिक तरलता अनुपात
Dऋण-जमा अनुपात

11भारत की औद्योगिक नीति में बदलाव के संदर्भ में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना को सबसे सही ढंग से कौन-सा कथन बताता है?

Aयह रियायती खाद्यान्न के लिए सार्वजनिक वितरण योजना है, जो उत्पादन के बजाय परिवारों के उपभोग से जुड़ी है।
Bयह भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंकों का नकद आरक्षित अनुपात क्षेत्रवार तय करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मौद्रिक नीति उपकरण है।
Cयह केवल राज्यों की योजना है, जिसमें हर राज्य केंद्र की मंजूरी या साझा राष्ट्रीय उद्देश्यों के बिना अपने क्षेत्र खुद चुनता है।
Dयह चुने हुए रणनीतिक क्षेत्रों में अतिरिक्त उत्पादन या बिक्री से जुड़े प्रोत्साहन देती है, ताकि विनिर्माण और स्थानीयकरण मजबूत हों।

12समष्टि आर्थिक प्रबंधन में सुधार के रूप में भारत के लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचे को सबसे सही ढंग से कौन-सा कथन बताता है?

Aयह विनिमय-दर स्थिरता को मौद्रिक नीति का अकेला उद्देश्य मानता है और घरेलू कीमतों की चिंता हटाता है।
Bयह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत, और उसके दोनों ओर 2 प्रतिशत अंक की सहनशीलता सीमा के साथ, नाममात्र आधार मानता है।
Cयह थोक मूल्य मुद्रास्फीति को 6 प्रतिशत पर लक्षित करता है और इसमें कोई औपचारिक सहनशीलता सीमा नहीं है।
Dयह हर साल केंद्रीय बजट से रेपो दर सीधे तय करवाता है।

13जीएसटी को भारत में बड़े अप्रत्यक्ष कर सुधार के रूप में क्यों देखा जाता है, इसे सबसे सही ढंग से कौन-सा विकल्प समझाता है?

Aइसने आयकर और निगम कर सहित सभी प्रत्यक्ष करों को हटाकर परिवारों की संपत्ति पर एक ही कर लगा दिया।
B1 जुलाई 2017 से लागू होकर इसने केंद्र और राज्यों के जटिल अप्रत्यक्ष करों के जाल की जगह गंतव्य-आधारित दोहरी जीएसटी संरचना दी, जिसमें सीजीएसटी, एसजीएसटी और आईजीएसटी का उपयोग होता है।
Cइसे केवल नगरपालिका निकाय वसूलते हैं और यह सिर्फ़ शहरी क्षेत्रों में संपत्ति लेन-देन पर लागू होता है।
Dयह मौद्रिक सुधार है, जो मुद्रास्फीति लक्ष्य को 4 प्रतिशत और सहनशीलता सीमा के साथ तय करता है।

14शेयर बाजार में किसी कंपनी का इक्विटी शेयर खरीदने का सामान्य अर्थ है कि निवेशक:

Aकीमत में बदलाव से सुरक्षित बैंक जमाकर्ता बनता है।
Bबाजार जोखिम के साथ कंपनी का आंशिक मालिक बनता है।
Cकंपनी का सरकार द्वारा नियुक्त अंकेक्षक बनता है।
Dनिश्चित ब्याज आय वाला गारंटीकृत लेनदार बनता है।

15भारत की मौद्रिक नीति रूपरेखा के तहत मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Aसंघ सरकार के लिए कर संग्रह को अधिकतम करना
Bसार्वजनिक वितरण प्रणाली में खाद्यान्न के आवंटन का निर्णय करना
Cविकास को ध्यान में रखते हुए कीमतों में स्थिरता बनाए रखना
Dआयकर की वार्षिक दरें तय करना

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