Aspirant Academy

MCQ

upsc-p1-geography-india-soils-vegetation MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए upsc-p1-geography-india-soils-vegetation के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए. सूची 1 (मृदा) क. लैटेराइट मृदा ख. सोडियम-प्रधान मृदा ग. पीटमय मृदा घ. काली मृदा सूची 2 (पहचान की प्रक्रिया या सुधार संकेत) 1. सुधार में जिप्सम का उपयोग किया जा सकता है 2. आर्द्र उष्णकटिबंधीय परिस्थितियों में तीव्र निक्षालन 3. जलभरित और कार्बनिक पदार्थ से भरपूर 4. फूलने-सिकुड़ने वाली मृत्तिका

A क-1, ख-2, ग-4, घ-3
B क-3, ख-4, ग-2, घ-1
C क-2, ख-3, ग-1, घ-4
D क-2, ख-1, ग-3, घ-4
व्याख्या

लैटेराइट मृदा आर्द्र उष्णकटिबंधीय परिस्थितियों में होने वाले तीव्र निक्षालन से जुड़ी है। सोडियम-प्रधान मृदा के सुधार में जिप्सम मदद कर सकता है। पीटमय मृदा कार्बनिक पदार्थ से भरपूर और जलभरित होती है, जबकि काली मृदा की मृत्तिका गीली होने पर फूलती और सूखने पर सिकुड़ती है। इसलिए सही मिलान क-2, ख-1, ग-3 और घ-4 है।

प्र.2भारत की प्रमुख मृदाओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. काली मृदा में मृत्तिका की मात्रा अधिक होती है, यह नमी रोकती है और शुष्क ऋतु में इसमें गहरी दरारें पड़ती हैं। 2. लाल रंग जलयोजित लौह ऑक्साइड से आता है, जबकि पीला रंग मुख्यतः क्रिस्टलीय शैलों के लौह यौगिकों से जुड़ता है। 3. लैटेराइट निक्षालित अवशिष्ट मृदा है, जिसमें वर्षा और प्रबंधन अनुकूल होने पर बागान फसलों की खेती संभव है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C केवल 1 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

कथन 1 और 3 सही हैं। काली मृदा में मृत्तिका की मात्रा अधिक होने के कारण वह नमी अच्छी तरह रोकती है और शुष्क ऋतु में उसमें गहरी दरारें पड़ती हैं। उपयुक्त वर्षा और प्रबंधन मिलने पर लैटेराइट मृदा में चाय, कॉफी, रबर और काजू जैसी बागान फसलों की खेती संभव है। कथन 2 ने रंगों के कारण उलट दिए हैं: लाल रंग लौह यौगिकों से और पीला रंग जलयोजित लौह ऑक्साइड से जुड़ता है।

प्र.3सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए. सूची 1 (प्रजाति) क. सागौन ख. साल ग. सुंदरी घ. देवदार सूची 2 (वनस्पति संबंध) 1. सुंदरबन के मैंग्रोव 2. हिमालयी शंकुधारी पट्टी 3. प्रायद्वीपीय आर्द्र या शुष्क पर्णपाती पट्टियाँ 4. हिमालयी तराई और पूर्वी-मध्य भारत की आर्द्र पर्णपाती पट्टियाँ

A क-4, ख-3, ग-1, घ-2
B क-3, ख-4, ग-1, घ-2
C क-3, ख-1, ग-4, घ-2
D क-2, ख-4, ग-1, घ-3
व्याख्या

सागौन प्रायद्वीपीय आर्द्र या शुष्क पर्णपाती पट्टियों का संकेत है। साल हिमालयी तराई और पूर्वी-मध्य भारत की आर्द्र पर्णपाती पट्टियों से, सुंदरी सुंदरबन के मैंग्रोव से और देवदार हिमालयी शंकुधारी पट्टी से जुड़ता है। इसलिए सही मिलान क-3, ख-4, ग-1 और घ-2 है।

प्र.4निम्नलिखित हिमालयी वनस्पति पट्टियों को सामान्यतः कम से अधिक ऊंचाई के क्रम में लगाइए: 1. उच्च पर्वतीय घासभूमियाँ 2. तराई के उष्णकटिबंधीय वन 3. शंकुधारी वन 4. समशीतोष्ण चौड़ी पत्ती वाले वन नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A 2-3-4-1
B 4-2-3-1
C 2-4-3-1
D 2-4-1-3
व्याख्या

हिमालय में ऊंचाई बढ़ने पर वनस्पति सामान्यतः तराई के उष्णकटिबंधीय वनों से समशीतोष्ण चौड़ी पत्ती वाले वनों, फिर शंकुधारी वनों और अंत में उच्च पर्वतीय घासभूमियों में बदलती है। इसलिए कम से अधिक ऊंचाई का सही क्रम 2-4-3-1 है।

प्र.5मृदा निर्माण की प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अधिक तापमान और भारी वर्षा में लैटेराइटीकरण सिलिका तथा क्षारीय पदार्थों को बाहर निकालता है और लौह-एल्युमिनियम प्रधान पदार्थ छोड़ता है। 2. कैल्सीकरण उन शुष्क क्षेत्रों से जुड़ा है जहां कैल्शियम कार्बोनेट जमा होता है। 3. पॉडजोलकरण ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों की ठंडी, आर्द्र और शंकुधारी वनों वाली दशाओं से जुड़ा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C केवल 1 और 3
D 1, 2 और 3
व्याख्या

तीनों कथन मृदा निर्माण की प्रक्रिया को उसकी दशा और परिणाम से सही जोड़ते हैं। गर्म और अधिक वर्षा वाली दशाओं में लैटेराइटीकरण के दौरान तीव्र निक्षालन होता है, शुष्क क्षेत्रों में कैल्सीकरण से कैल्शियम कार्बोनेट जमा होता है और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों की ठंडी तथा आर्द्र शंकुधारी वनों वाली दशाओं में पॉडजोलकरण होता है।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

upsc-p1-geography-india-soils-vegetation पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।

और प्रश्न

6वृक्ष आवरण में बदलाव को समझने के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वृक्ष आवरण में बागान और अभिलेखित वन क्षेत्रों के बाहर के पेड़ शामिल हो सकते हैं। 2. इसलिए वृक्ष आवरण में हर बढ़ोतरी स्थानीय वन-प्रजातियों की विविधता और वन्यजीव आवास के सुधार को अनिवार्य रूप से सिद्ध करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aकेवल 1
Bकेवल 2
C1 और 2 दोनों
Dन तो 1, न ही 2

7भारत में वनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वन-प्रकार जलवायु, ऊंचाई, प्रजातियों और नमी जैसे कारकों पर आधारित पारिस्थितिक वर्ग है। 2. कैनोपी-घनत्व श्रेणी भारतीय वन अधिनियम द्वारा बनाई गई कानूनी श्रेणी है। 3. अभिलेखित वन क्षेत्र वह भूमि है जो सरकारी अभिलेख में वन के रूप में दर्ज है, चाहे उसकी मौजूदा कैनोपी सघन हो या नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aकेवल 1
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3

8मृदा और वन शासन के संवैधानिक तथा स्थानीय शासन संबंधी आधार के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 11वीं अनुसूची में भूमि सुधार, मृदा संरक्षण, सामाजिक वानिकी, कृषि वानिकी और लघु वन उपज शामिल हैं। 2. 12वीं अनुसूची में शहरी वानिकी और पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं। 3. वन प्रबंधन केवल राज्य सूची का विषय है और इसमें संसद की कोई विधायी भूमिका नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

9मैंग्रोव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उनका फैलाव केवल वर्षा से नहीं, बल्कि ज्वारीय, लवणीय और कीचड़युक्त तटीय दशाओं से अधिक नियंत्रित होता है। 2. वे गाद रोकने, मत्स्य पालन को सहारा देने और चक्रवातों का आघात कम करने में मदद करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

Aकेवल 1
Bकेवल 2
C1 और 2 दोनों
Dन तो 1, न ही 2

10पश्चिमी राजस्थान से ब्रह्मपुत्र घाटी की ओर सामान्यतः बढ़ते हुए निम्नलिखित व्यापक भू-आवरण दशाओं को उनके क्रम में लगाइए: 1. अधिक वर्षा वाली सदाबहार वनस्पति 2. मरुस्थलीय मृदा और काँटेदार वनस्पति 3. जलोढ़ मैदान 4. आर्द्र पर्णपाती पट्टियाँ नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए.

A2-4-3-1
B2-3-4-1
C3-2-4-1
D2-3-1-4

UPSC Prelims GS-I में और विषय

अन्य विषय देखें